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जिला अस्पताल में डेंगू किट खत्म, जांच पर लगा ब्रेक
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जिला अस्पताल में खोला गया डेंगू वार्ड।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। जिला अस्पताल में शनिवार को डेंगू की जांच किट खत्म हो गईं। इससे सिर्फ तीन मरीजों की डेंगू की जांच की जा सकी। पिछले दिनों जिला अस्पताल में की गई जांच में चार लोगों को डेंगू की पुष्टि हुई थी। इन सभी का मेडिकल कालेज में ब्लड सैंपल भेजकर एलाइजा टेस्ट कराया गया। यहां भी डेंगू की पुष्टि हुई।
जिला अस्पताल में डेंगू की जांच बंद हो गई है। इससे लोगों को प्राइवेट जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। यहां यह जांच महंगी है। इसके अलावा जिला अस्पताल में एक सप्ताह में जांच में चार लोगों को डेंगू की पुष्टि हुई थी। हालांकि किट से जांच को राज्य सरकार वर्ष 2017 में अमान्य घोषित कर चुकी है। इसके बावजूद किट से जांच जारी है। मरीजों का ब्लड सैंपल तिर्वा मेडिकल कालेज भेजकर भी जांच कराई गई। माइक्रो बायलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ.संजीव ने बताया कि मरीजों की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। यह मरीज अभी तक प्राइवेट इलाज करा रहे हैं।
जिला अस्पताल में आठ घंटे गुल रही बिजली
जिला अस्पताल में तकनीकी कमी की वजह से सुबह करीब साढे़ आठ बजे से बिजली गायब हो गई। जिला अस्पताल के कर्मचारी फाल्ट ठीक करने का प्रयास करते रहे। फाल्ट को ठीक नहीं किया जा सका। बाद में जेनरेटर चलाकर काम किया गया। बिजली गुल हो जाने से एक्सरे, अल्ट्रासाउंड की मशीनें काम नहीं कर सकीं। सीएमएस डॉ.यूसी चतुर्वेदी ने कहा कि तकनीकी कमी की वजह से लाइट खराब रही। कर्मचारियों को लगाकर ठीक कराया जा रहा है।
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जिला अस्पताल में डेंगू की जांच बंद हो गई है। इससे लोगों को प्राइवेट जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। यहां यह जांच महंगी है। इसके अलावा जिला अस्पताल में एक सप्ताह में जांच में चार लोगों को डेंगू की पुष्टि हुई थी। हालांकि किट से जांच को राज्य सरकार वर्ष 2017 में अमान्य घोषित कर चुकी है। इसके बावजूद किट से जांच जारी है। मरीजों का ब्लड सैंपल तिर्वा मेडिकल कालेज भेजकर भी जांच कराई गई। माइक्रो बायलॉजी के विभागाध्यक्ष डॉ.संजीव ने बताया कि मरीजों की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। यह मरीज अभी तक प्राइवेट इलाज करा रहे हैं।
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जिला अस्पताल में आठ घंटे गुल रही बिजली
जिला अस्पताल में तकनीकी कमी की वजह से सुबह करीब साढे़ आठ बजे से बिजली गायब हो गई। जिला अस्पताल के कर्मचारी फाल्ट ठीक करने का प्रयास करते रहे। फाल्ट को ठीक नहीं किया जा सका। बाद में जेनरेटर चलाकर काम किया गया। बिजली गुल हो जाने से एक्सरे, अल्ट्रासाउंड की मशीनें काम नहीं कर सकीं। सीएमएस डॉ.यूसी चतुर्वेदी ने कहा कि तकनीकी कमी की वजह से लाइट खराब रही। कर्मचारियों को लगाकर ठीक कराया जा रहा है।
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