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जसवंत पर तीन दिन बाद भी दर्ज नहीं हुई रिपोर्ट

Thu, 18 Jun 2020 11:22 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jun 2020 11:22 PM IST
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jaswant par teet din bad bhi riport darj nahi
आरोपी जसवंत। - फोटो : KANNAUJ
संवाद न्यूज एजेंसी
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कन्नौज। रामपुर बरौली के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में विभव की डिग्री पर फर्जी तरीके से नौकरी करने वाले बर्खास्त शिक्षक जसवंत के खिलाफ अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है। बर्खास्तगी के बाद बीएसए ने बीईओ को मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए थे। एसपी कासगंज ने गिरफ्तारी के बाद बीएसए को पत्र भेजकर फर्जीवाड़े की जानकारी दी थी।
बीएसए ने आरोपी जसवंत को बर्खास्त कर वेतन रिकवरी के आदेश दिए हैं। उन्होंने बीईओ हसेरन जयसिंह को आरोपी शिक्षक पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए। तीन दिन का समय बीत जाने के बाद अभी तक विभाग ने आरोपी शिक्षक पर रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। लोगों में चर्चा है कि बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर व बाबू पुष्पेंद्र से बचाने के एवज में मोटी रकम डकार चुके हैं। इसलिए उसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए अफसर भी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। बीएसए केके ओझा ने कहाकि अभी तक क्यों एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है, इसकी जानकारी की जाएगी। बीईओ जय सिंह का फोन नहीं उठा।
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28 बर्खास्त शिक्षकों पर भी नहीं हुई रिपोर्ट
जिले में एक साल पहले फर्जी डिग्री से नौकरी हासिल करने पर 28 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया था। शिक्षकों के खिलाफ भी अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से 2005 में बीटीसी की डिग्री प्राप्त कर शिक्षकों ने आवेदन किया था। इसमें जिले में 34 शिक्षकों को डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्याल आगरा की डिग्री पर नौकरी दी गई थी। टीईटी पास अभ्यर्थियों ने इसकी हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसकी जांच एसआईटी को सौंपी गई। एसआईटी ने 2019 में जांच रिपोर्ट सौंपी। इसमें जिले में भर्ती 34 शिक्षकों में चार के कागजात सही पाए गए, जबकि दो की मृत्यु हो चुकी थी। 28 अभ्यर्थियों की डिग्री फर्जी पाई। तत्कालीन बीएसए दीपिका चतुर्वेदी ने सभी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया था। डेढ़ साल से अधिक समय हो जाने के बाद अभी तक एक भी शिक्षक पर एफआईआर दर्ज कराई गई जबकि जांच टीम एसआईटीम ने सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए थे।
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