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Kannauj News: मनोज और अविनाश के निधन से इत्रनगरी स्तब्ध
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कन्नौज। इत्रनगरी के लिए बुधवार काला दिन रहा, जब फतेहपुर में हुए एक भीषण सड़क हादसे में दो विभूतियों की जान चली गई। समूची इत्रनगरी घटना से स्तब्ध रह गई। पत्रकारिता जगत के पुरोधा और समाजसेवी मनोज शुक्ल तथा राजनीति व शिक्षा के क्षेत्र के दिग्गज अविनाश दुबे के निधन से पूरा जिला शोक में डूब गया। दोनों के घरों पर लोगों की भीड़ जमा रही और देर रात तक लोग फतेहपुर से शव के आने का इंतजार करते रहे।
शहर के मोहल्ला ग्वाल मैदान के धर्म धाम निवासी देश के प्रख्यात साहित्यकार एवं पीएसएम डिग्री कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. जीवन शुक्ल के पुत्र मनोज शुक्ल कन्नौज केसरी नाम के साप्ताहिक अखबार के संपादक होने के साथ प्रखर समाजसेवी थे। कान्यकुब्ज साथी संस्था के माध्यम से उन्होंने कन्नौज के पुरातन वैभव को लौटाने का प्रयास किया तो कान्यकुब्ज पत्रकार समिति का गठन कर युवा पत्रकारों को नई दिशा दी। इसके अलावा वह वरिष्ठ नागरिक समिति में सक्रिय रहकर बुजुर्गों को भी संबल प्रदान करते थे। आठवीं सदी के प्राचीन कालेश्वरनाथ शिवमंदिर शेखाना का जीर्णोद्धार कराकर आध्यात्मिक अलख जगाई।
वहीं, मकरंदनगर निवासी अविनाशचंद्र दुबे गोमती देवी गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्रबंधक थे और जिला कांग्रेस कमेटी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी थे। इसके अलावा वह प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य भी थे। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल व पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीशचंद्र मिश्र उनके फूफा हैं। अविनाश दुबे की कोठी सूर्य निवास पर 1942 में असहयोग आंदोलन के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी आ चुके हैं। कोठी पर प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री व कन्नौज से सांसद रहीं शीला दीक्षित भी आ चुकीं हैं। अविनाश दुबे के बाबा पं.मुरलीधर दुबे महात्मा गांधी को फर्रुखाबाद से अपनी डैज कार से लेकर आए थे, जो आज भी उनके आवास पर खड़ी है।
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आवास पर सांत्वना देने वालों का लगा रहा तांता
दोनों के आवासों पर देर रात तक सांत्वना देने और ढाढ़स बंधाने वालों का तांता लगा रहा। मनोज शुक्ला के यहां पूर्व विधायक कलियान सिंह दोहरे, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. अरुण तिवारी, आरएन मिश्रा, अमित पाठक के अलावा बड़ी संख्या में लोग आवास पर रहे। इसी तरह अविनाश दुबे के आवास पर अधिवक्ता जयश राठौर, शुभम दुबे, रंजन बाजपेई, विजय मिश्रा लोग मौजूद रहे। उनके आवास के करीब की दुकानें भी बंद रहीं।
दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
गुरसहायगंज। कस्बा के मोहल्ला रामकृष्ण नगर निवासी 35 वर्षीय कौशल तिवारी उर्फ श्यामू चार पहिया वाहन चलाते थे। बुधवार को वह कन्नौज से दो लोगों को लेकर कार से प्रयागराज जा रहे थे। फतेहपुर के निकट सड़क हादसे की जानकारी परिजनों को मिलते ही कोहराम मच गया। पत्नी निशा, पुत्री गरिमा (12) और पुत्र केशव (8) वर्ष का बुरा हाल है। पत्नी निशा ने बताया कि कौशल प्राइवेट वाहन चलाते थे और अक्सर वह गाड़ी लेकर बाहर चले जाते थे। ड्राइवरी से ही वह परिवार का पेट पालते थे।
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शहर के मोहल्ला ग्वाल मैदान के धर्म धाम निवासी देश के प्रख्यात साहित्यकार एवं पीएसएम डिग्री कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. जीवन शुक्ल के पुत्र मनोज शुक्ल कन्नौज केसरी नाम के साप्ताहिक अखबार के संपादक होने के साथ प्रखर समाजसेवी थे। कान्यकुब्ज साथी संस्था के माध्यम से उन्होंने कन्नौज के पुरातन वैभव को लौटाने का प्रयास किया तो कान्यकुब्ज पत्रकार समिति का गठन कर युवा पत्रकारों को नई दिशा दी। इसके अलावा वह वरिष्ठ नागरिक समिति में सक्रिय रहकर बुजुर्गों को भी संबल प्रदान करते थे। आठवीं सदी के प्राचीन कालेश्वरनाथ शिवमंदिर शेखाना का जीर्णोद्धार कराकर आध्यात्मिक अलख जगाई।
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वहीं, मकरंदनगर निवासी अविनाशचंद्र दुबे गोमती देवी गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्रबंधक थे और जिला कांग्रेस कमेटी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी थे। इसके अलावा वह प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य भी थे। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल व पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीशचंद्र मिश्र उनके फूफा हैं। अविनाश दुबे की कोठी सूर्य निवास पर 1942 में असहयोग आंदोलन के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी आ चुके हैं। कोठी पर प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री व कन्नौज से सांसद रहीं शीला दीक्षित भी आ चुकीं हैं। अविनाश दुबे के बाबा पं.मुरलीधर दुबे महात्मा गांधी को फर्रुखाबाद से अपनी डैज कार से लेकर आए थे, जो आज भी उनके आवास पर खड़ी है।
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आवास पर सांत्वना देने वालों का लगा रहा तांता
दोनों के आवासों पर देर रात तक सांत्वना देने और ढाढ़स बंधाने वालों का तांता लगा रहा। मनोज शुक्ला के यहां पूर्व विधायक कलियान सिंह दोहरे, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. अरुण तिवारी, आरएन मिश्रा, अमित पाठक के अलावा बड़ी संख्या में लोग आवास पर रहे। इसी तरह अविनाश दुबे के आवास पर अधिवक्ता जयश राठौर, शुभम दुबे, रंजन बाजपेई, विजय मिश्रा लोग मौजूद रहे। उनके आवास के करीब की दुकानें भी बंद रहीं।
दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
गुरसहायगंज। कस्बा के मोहल्ला रामकृष्ण नगर निवासी 35 वर्षीय कौशल तिवारी उर्फ श्यामू चार पहिया वाहन चलाते थे। बुधवार को वह कन्नौज से दो लोगों को लेकर कार से प्रयागराज जा रहे थे। फतेहपुर के निकट सड़क हादसे की जानकारी परिजनों को मिलते ही कोहराम मच गया। पत्नी निशा, पुत्री गरिमा (12) और पुत्र केशव (8) वर्ष का बुरा हाल है। पत्नी निशा ने बताया कि कौशल प्राइवेट वाहन चलाते थे और अक्सर वह गाड़ी लेकर बाहर चले जाते थे। ड्राइवरी से ही वह परिवार का पेट पालते थे।