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Kannauj News: जनखत में बनेगा इंडस्ट्रियल हब, 61 एकड़ जमीन आवंटित
Tue, 29 Jul 2025 01:16 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Tue, 29 Jul 2025 01:16 AM IST
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कन्नौज। औद्योगिक क्षेत्र के विस्तारीकरण के रास्ते अब खुलने लगे हैं। डीएम ने जनखत गांव में बेकार पड़ी 61 एकड़ जमीन को उद्योग विभाग के लिए आवंटित की है। इस भूमि पर इंडस्ट्रियल हब बनाने की योजना है, जिसे आगामी वर्षों में साकार किया जाएगा। फिलहाल उद्योग विभाग ने राजस्व टीम की मदद से भूमि की पैमाइश कराकर जमीन अपने नाम हस्तांतरित करा ली है। अब इस जमीन पर वृहद उद्योग स्थापित करने के लिए बड़ी कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा, जिन्होंने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश में भारी भरकम निवेश किया है।
इत्रनगरी में 45 साल पुराने औद्योगिक क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया था तो भूमि की अनुपलब्धता के कारण इसका विस्तारीकरण भी नहीं हो पाया था। ऐसी स्थिति में जिले के कई उद्योगपति इंडस्ट्री स्थापित करने के लिए सरकार से लगातार जमीन की मांग कर रहे थे। अमर उजाला ने 19 जुलाई के अंक में उद्योगों के लिए नहीं मिली जमीन शीर्षक से समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इसके बाद जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें औद्योगिक क्षेत्र के विकास एवं इंडस्ट्रियल हब बनाने के बारे में चर्चा की गई। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तिर्वा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत जनखत गांव में ग्राम समाज की 61 एकड़ भूमि खाली है, जिस पर लोग कब्जे कर रहे हैं।
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डीएम ने शासनादेश का हवाला दिया, जिसमें बताया गया कि ठठिया के अलीपुर अहाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा ) द्वारा इंडस्ट्रियल कॉरीडोर बनाया जाना प्रस्तावित है। इसी के साथ ही उद्योग विभाग को भी जमीन दी जाए। डीएम की पहल पर जनखत में 61 एकड़ भूमि उद्योग विभाग के लिए हस्तांतरित की है।
उपायुक्त उद्योग धनंजय सिंह ने बताया कि भूमि के हस्तांतरण के बाद इसका सीमांकन कराया जाएगा और इस जमीन पर भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। यदि कोई कंपनी इस जमीन को उद्योग स्थापित करने के लिए खरीदना चाहती है तो उसे प्रक्रिया पूरी करने के बाद भूखंड दिए जाएंगे। इसके लिए बड़ी कंपनियों को भी आमंत्रित किया जाएगा, जिन्होंने प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के अंतर्गत निवेश किया है।
इंडस्ट्रियल हब बनने के बाद विकसित होगी रेल व हवाई सेवा
जनखत में इंडस्ट्रियल हब बनने के बाद इस क्षेत्र का भरपूर विकास होगा और बेरोजगारों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इसके अलावा फैक्टरियों तक कच्चा माल पहुंचाने के लिए रेल सेवा का भी विस्तार होने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि सड़क परिवहन के लिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पहले से बना हुआ है, लेकिन रेलसेवा नहीं है। इसके अलावा हवाई पट्टी की रूपरेखा पहले से चल रही है। यूपीडा का इंडस्ट्रियल कॉरीडोर, इंडस्ट्रियल हब और इत्र पार्क कम दूरी पर हैं, जिससे इस इलाके में विकास की संभावना अधिक बढ़ गई है।
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इत्रनगरी में 45 साल पुराने औद्योगिक क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया था तो भूमि की अनुपलब्धता के कारण इसका विस्तारीकरण भी नहीं हो पाया था। ऐसी स्थिति में जिले के कई उद्योगपति इंडस्ट्री स्थापित करने के लिए सरकार से लगातार जमीन की मांग कर रहे थे। अमर उजाला ने 19 जुलाई के अंक में उद्योगों के लिए नहीं मिली जमीन शीर्षक से समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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इसके बाद जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें औद्योगिक क्षेत्र के विकास एवं इंडस्ट्रियल हब बनाने के बारे में चर्चा की गई। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तिर्वा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत जनखत गांव में ग्राम समाज की 61 एकड़ भूमि खाली है, जिस पर लोग कब्जे कर रहे हैं।
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डीएम ने शासनादेश का हवाला दिया, जिसमें बताया गया कि ठठिया के अलीपुर अहाना क्षेत्र में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा ) द्वारा इंडस्ट्रियल कॉरीडोर बनाया जाना प्रस्तावित है। इसी के साथ ही उद्योग विभाग को भी जमीन दी जाए। डीएम की पहल पर जनखत में 61 एकड़ भूमि उद्योग विभाग के लिए हस्तांतरित की है।
उपायुक्त उद्योग धनंजय सिंह ने बताया कि भूमि के हस्तांतरण के बाद इसका सीमांकन कराया जाएगा और इस जमीन पर भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। यदि कोई कंपनी इस जमीन को उद्योग स्थापित करने के लिए खरीदना चाहती है तो उसे प्रक्रिया पूरी करने के बाद भूखंड दिए जाएंगे। इसके लिए बड़ी कंपनियों को भी आमंत्रित किया जाएगा, जिन्होंने प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के अंतर्गत निवेश किया है।
इंडस्ट्रियल हब बनने के बाद विकसित होगी रेल व हवाई सेवा
जनखत में इंडस्ट्रियल हब बनने के बाद इस क्षेत्र का भरपूर विकास होगा और बेरोजगारों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इसके अलावा फैक्टरियों तक कच्चा माल पहुंचाने के लिए रेल सेवा का भी विस्तार होने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि सड़क परिवहन के लिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पहले से बना हुआ है, लेकिन रेलसेवा नहीं है। इसके अलावा हवाई पट्टी की रूपरेखा पहले से चल रही है। यूपीडा का इंडस्ट्रियल कॉरीडोर, इंडस्ट्रियल हब और इत्र पार्क कम दूरी पर हैं, जिससे इस इलाके में विकास की संभावना अधिक बढ़ गई है।