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परीक्षाकेंद्र होंगे हाईटेक, ऑनलाइन हाजिरी
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Sat, 05 Nov 2016 11:54 PM IST
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बोर्ड परीक्षा में माध्यमिक शिक्षा परिषद ने नकल माफिया पर नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है। परीक्षा केंद्रों को हाईटेक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। सुविधाएं न रखने वाले केंद्रों को लिस्ट से बाहर किया जा सकता है। केंद्र पर दो कंप्यूटर, जनरेटर, इन्वर्टर, आपरेटर, बैटरी की सुविधा अनिवार्य कर दी गई है। प्रत्येक केंद्र पर परीक्षार्थियों व केंद्र पर तैनात शिक्षकों की ऑन-लाइन हाजिरी की व्यवस्था की गई है। विकलांग व दृष्टिगत छात्रों को स्वकेंद्र व्यवस्था प्रदान की जाएगी।
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एशिया के सबसे बड़े यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। परिषद की ओर से भेजे गए पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि विद्यालय में बिजली के अलावा जनरेटर होना अनिवार्य है। र्हाईस्पीड इंटरनेट होना चाहिए। कंप्यूटर के माध्यम से ऑन-लाइन सीसीटीवी कैमरे से बोर्ड परीक्षा का हाल देख सकता है। निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों के अलावा एक विशेष सिमकार्ड और मोबाइल एप का प्रयोग किया जाएगा। सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा से 20 मिनट पहले शिक्षक और परीक्षार्थियों की उपस्थिति खास एप से दर्ज की जाएगी। जिसकी मानीटरिंग ऑन-लाइन होगी। परीक्षा के आधा घंटे के बाद इसका पूरा डाटा बोर्ड अधिकारियों को भेज दिया जाएगा।
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जिन अशासकीय मान्यता प्राप्त (वित्तविहीन) विद्यालयों को परीक्षा केंद्र निर्धारित किया जाए, उनमें विद्यालय के प्रधानाचार्य को केंद्र व्यवस्थापक के रूप में नियुक्त किया जाए।
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ऐसे विद्यालय जहां के प्रधानाचार्य डिबार हैं, वहां बाहरी केंद्र व्यवस्थापक/पर्यवेक्षक की नियुक्त की जाए। परीक्षा केंद्र बनाया जाने वाला विद्यालय मुख्य संपर्क मार्ग से जुड़ा होना चाहिए। किसी भी परीक्षा केंद्र पर तंबू, कनात व खुले में परीक्षा न कराई जाए। इसके अलावा जिन विद्यालयों के छात्र वर्ष 2016 में परीक्षा देने के लिए आवंटित किए गए थे, उनको दोबारा परीक्षा के लिए आवंटित नहीं किया जाएगा।
वित्तविहीन विद्यालयों का आवंटन अवरोही क्रम में होगा। जिले के सर्वाधिक छात्र संख्या वाले वित्तविहीन विद्यालयों के छात्रों का आवंटन पहले राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में किया जाएगा। राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में समायोजित न होने की स्थिति में न्यूनतम संख्या वाले वित्तविहीन विद्यालय में छात्रों को आवंटित किया जाएगा। केंद्र बनाए जाने वाले विद्यालयों में चहारदीवारी व मुख्य प्रवेश द्वार गेट की व्यवस्था अनिवार्य है। परीक्षार्थियों का केंद्र पांच ले आठ किलोमीटर की परिधि में हो। विषम परिस्थितियों में इंटरमीडिएट के छात्रों का परीक्षा केंद्र 12 किलोमीटर की परिधि में बनाया जा सकता है। विकलांग व दृष्टिगत छात्रों को स्वकेंद्र व्यवस्था प्रदान की जाएगी।