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Kannauj News: गर्मी का सितम, जगह-जगह खराब पड़े वॉटर कूलर, प्याऊ भी बंद
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कन्नौज। गर्मियों में राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए पुराने समय में शहर के प्रमुख चौराहों और सरकारी कार्यालयों के बाहर प्याऊ नजर आते थे।
जहां एक व्यक्ति बड़े ही आदर के साथ लोगों को पानी पिलाता था। समय के साथ प्याऊ भी हाईटेक हो गए, लेकिन सिस्टम की लापरवाही के चलते हाईटेक व्यवस्था आज खुद ही पानी को तरस रही है और राहगीर अपनी जेब ढीली करके गला तर कर रहे हैं।
शहर के करीब 10 प्रमुख चौराहों पर वॉटर कूलर लगाया गया था, जिससे राहगीर प्यास बुझा लेते थे। कुछ साल तो मशीनें चलती रहीं और राहगीरों की प्यास बुझती रही, लेकिन सिस्टम की लापरवाही और जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते मशीनें आज बंद पड़ी हैं। शहर के अधिकतर स्थानों से वॉटर कूलर गायब हो गए। जहां लगे भी हैं वो भी बंद पड़े हैं।
अनदेखी का आलम यह है कि अफसर तो दूर जनप्रतिनिधि भी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे। लगातार बढ़ रहे तापमान से दोपहर में सड़कों पर चलना मुश्किल है, लेकिन शहर में कहीं प्याऊ न होने से राहगीरों के हलक सूख रहे हैं। प्यास लगने पर लोगों को बोतल खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है।
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तिर्वा क्राॅसिंग रोड पर कई जगहों पर हैंडपंप लगे हुए हैं, लेकिन सभी खराब हैं। जिम्मेदार इन हैंडपंप को न तो सही करा रहे और न ही रिबोर कराते हैं, जिस कारण गर्मी में लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ता है।
दुकानदार मनीष चौरसिया ने बताया कि मकरंदनगर रोड पर लगा वॉटर कूलर काफी समय से गायब है, केवल पानी की टंकी रखी है, जिसकी शायद ही कभी सफाई हुई हो। राहगीर इससे प्यास तो नहीं बुझाते, लेकिन हाथ-पैर धो लेते हैं।
दुकानदार प्रिंस ने बताया कि तिर्वा क्रॉसिंग के पास हर समय राहगीरों की भीड़ लगी रहती है। यहां पर लगा अकेला हैंडपंप भी खराब पड़ा है। हैंडपंप खराब होने से राहगीरों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। अगर हैंडपंप सही हो जाए तो काफी राहत मिलेगी।
शहर के जिन स्थानों पर खराब वॉटर कूलर लगे हैं उनको जल्द ही सही कराया जाएगा। खराब पड़े हैंडपंप की भी मरम्मत कराई जाएगी। अगर रिबोर होने हैं तो उसे जल निगम कराएगा। -शामेंद्र मोहन चौधरी, ईओ, नगर पालिका
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जहां एक व्यक्ति बड़े ही आदर के साथ लोगों को पानी पिलाता था। समय के साथ प्याऊ भी हाईटेक हो गए, लेकिन सिस्टम की लापरवाही के चलते हाईटेक व्यवस्था आज खुद ही पानी को तरस रही है और राहगीर अपनी जेब ढीली करके गला तर कर रहे हैं।
शहर के करीब 10 प्रमुख चौराहों पर वॉटर कूलर लगाया गया था, जिससे राहगीर प्यास बुझा लेते थे। कुछ साल तो मशीनें चलती रहीं और राहगीरों की प्यास बुझती रही, लेकिन सिस्टम की लापरवाही और जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते मशीनें आज बंद पड़ी हैं। शहर के अधिकतर स्थानों से वॉटर कूलर गायब हो गए। जहां लगे भी हैं वो भी बंद पड़े हैं।
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अनदेखी का आलम यह है कि अफसर तो दूर जनप्रतिनिधि भी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे। लगातार बढ़ रहे तापमान से दोपहर में सड़कों पर चलना मुश्किल है, लेकिन शहर में कहीं प्याऊ न होने से राहगीरों के हलक सूख रहे हैं। प्यास लगने पर लोगों को बोतल खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है।
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तिर्वा क्राॅसिंग रोड पर कई जगहों पर हैंडपंप लगे हुए हैं, लेकिन सभी खराब हैं। जिम्मेदार इन हैंडपंप को न तो सही करा रहे और न ही रिबोर कराते हैं, जिस कारण गर्मी में लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ता है।
दुकानदार मनीष चौरसिया ने बताया कि मकरंदनगर रोड पर लगा वॉटर कूलर काफी समय से गायब है, केवल पानी की टंकी रखी है, जिसकी शायद ही कभी सफाई हुई हो। राहगीर इससे प्यास तो नहीं बुझाते, लेकिन हाथ-पैर धो लेते हैं।
दुकानदार प्रिंस ने बताया कि तिर्वा क्रॉसिंग के पास हर समय राहगीरों की भीड़ लगी रहती है। यहां पर लगा अकेला हैंडपंप भी खराब पड़ा है। हैंडपंप खराब होने से राहगीरों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। अगर हैंडपंप सही हो जाए तो काफी राहत मिलेगी।
शहर के जिन स्थानों पर खराब वॉटर कूलर लगे हैं उनको जल्द ही सही कराया जाएगा। खराब पड़े हैंडपंप की भी मरम्मत कराई जाएगी। अगर रिबोर होने हैं तो उसे जल निगम कराएगा। -शामेंद्र मोहन चौधरी, ईओ, नगर पालिका