{"_id":"661455d52b289afcd5043f34","slug":"heat-is-at-its-peak-mercury-crosses-37-kannauj-news-c-214-1-knj1005-111694-2024-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: शबाब पर गर्मी, पारा 37 के पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: शबाब पर गर्मी, पारा 37 के पार
Tue, 09 Apr 2024 02:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Tue, 09 Apr 2024 02:08 AM IST
विज्ञापन
कन्नौज। अप्रैल का पहला सप्ताह बीतने के साथ गर्मी शबाब पर पहुंच रही है। तपिश से लोग झुलसने लगे हैं। पारा आसमान छूने लगा है। सोमवार को भी पारा 37 डिग्री के आंकड़े को पार कर गया।
मौसम की तपिश लोगों को परेशान करने लगी है। सुबह से ही गर्म हवाएं चलने लगी हैं। 10 बजते-बजते हवाओं का झोंका गर्म थपेड़ों में बदल रहा है। दोपहर में तो आसमान से आग बरसने लगी है। आसमान से आग उगलते सूरज से मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। अभी अप्रैल का पहला सप्ताह ही बीता है। मौसम के जानकार बता रहे हैं कि अगले कुछ दिनों में मौसम में और तलखी आएगी। सोमवार को ही सुबह से ही गर्मी का असर दिखने लगा।
इससे पहले कि लोग अपने-अपने काम से बाजार या दफ्तर जाने के लिए निकलते मौसम का मिजाज पूरी तरह से तल्ख हो गया। दोपहर से पहले ही बाजार में सन्नाटा पसर गया। इक्का-दुक्का ही लोग दिखे। कई लोग बदन को ढकने के साथ छाते का सहारा लेते नजर आए। मौसम का पारा बढ़ते ही बाजार का रंग भी बदल गया। अब बाजार में सड़क किनारे खीरा-ककड़ी से सजे ठेलाें की भरमार दिखने लगी है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग खीरा और ककड़ी का सहारा ले रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौसम की तपिश लोगों को परेशान करने लगी है। सुबह से ही गर्म हवाएं चलने लगी हैं। 10 बजते-बजते हवाओं का झोंका गर्म थपेड़ों में बदल रहा है। दोपहर में तो आसमान से आग बरसने लगी है। आसमान से आग उगलते सूरज से मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। अभी अप्रैल का पहला सप्ताह ही बीता है। मौसम के जानकार बता रहे हैं कि अगले कुछ दिनों में मौसम में और तलखी आएगी। सोमवार को ही सुबह से ही गर्मी का असर दिखने लगा।
विज्ञापन
इससे पहले कि लोग अपने-अपने काम से बाजार या दफ्तर जाने के लिए निकलते मौसम का मिजाज पूरी तरह से तल्ख हो गया। दोपहर से पहले ही बाजार में सन्नाटा पसर गया। इक्का-दुक्का ही लोग दिखे। कई लोग बदन को ढकने के साथ छाते का सहारा लेते नजर आए। मौसम का पारा बढ़ते ही बाजार का रंग भी बदल गया। अब बाजार में सड़क किनारे खीरा-ककड़ी से सजे ठेलाें की भरमार दिखने लगी है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग खीरा और ककड़ी का सहारा ले रहे हैं।
विज्ञापन