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कूड़े के ढेर में मिलीं कोरोना वैक्सीन
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फोटो 23- सीएचसी परिसर में कूड़े के ढेर में पड़ी कोरोना की वैक्सीन। संवाद
- फोटो : KANNAUJ
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जलालाबाद (कन्नौज)। कोरोना एक बार फिर पांव पसार रहा है पर स्वास्थ्य महकमा लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। शुक्रवार को जलालाबाद सीएचसी में कोविशील्ड वैक्सीन के कई वायल कूडे़ के ढेर में पड़े मिले। इससे हड़कंप मच गया। वैक्सीन का दूसरा डोज लिए बगैर लोगों के मोबाइल पर वैक्सीन लगने के मैसेज आने की शिकायतें भी आ रही हैं। अब जिम्मेदार जांच कराने की बात कह रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालाबाद परिसर में शुक्रवार को कोरोना की कोविशील्ड वैक्सीन की कई आधी भरी वायल कूड़े के ढेर में मिलीं। वहीं यह बात भी सामने आई कि चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों ने कोरोना की दूसरी डोज लगाए बिना ही कई लोगों के मोबाइल पर डोज लगने के मैसेज भेज दिए, ताकि उनका लक्ष्य पूरा हो सके। ब्लॉक क्षेत्र में कई लोगों के मोबाइल पर दूसरी डोज लगने के गलत मैसेज आने की चर्चाएं तेज होने के साथ स्वास्थ्य महकमे की जमकर फजीहत हो रही है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. महेंद्र भान सिंह का कहना है कि एक वायल में 10 मरीजों की डोज होती है। कई बार पांच से छह मरीजों को डोज दिया जाता है। इसके बाद अगर चार घंटे में किसी व्यक्ति को डोज न दिया गया तो वायल खराब हो जाती है और उसे हटा दिया जाता है। वहीं नियम यह है कि 10 लोग हो जाने के बाद ही वायल खोली जाती है। इस बारे में सीएमओ को भी जानकारी दे दी गई है। इधर, सीएमओ डॉ. विनोद कुमार का कहना है कि मामला गंभीर है। जांच कराई जाएगी और दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।
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क्षेत्र के तिलपई गांव निवासी विमल यादव ने बताया कि उनके मोबाइल पर दूसरी डोज लगने का मैसेज आ गया। जब सीएचसी पहुंच कर स्वास्थ्य कर्मचारियों से जानकारी की तो उन्होंने चुप्पी साध ली। क्षेत्र के तिलपई गांव निवासी निर्मल कुमार ने बताया कि उन्हें वैक्सीन का दूसरा डोज नहीं लगा, लेकिन मैसेज आ गया है। लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। जलालाबाद में रहने वाली पूनम देवी ने बताया कि कुछ दिन पूर्व वह और उनके पति अजय कुमार कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने सीएचसी गए थे। यहां स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बताया कि उन लोगों को वैक्सीन लग चुकी है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालाबाद परिसर में शुक्रवार को कोरोना की कोविशील्ड वैक्सीन की कई आधी भरी वायल कूड़े के ढेर में मिलीं। वहीं यह बात भी सामने आई कि चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों ने कोरोना की दूसरी डोज लगाए बिना ही कई लोगों के मोबाइल पर डोज लगने के मैसेज भेज दिए, ताकि उनका लक्ष्य पूरा हो सके। ब्लॉक क्षेत्र में कई लोगों के मोबाइल पर दूसरी डोज लगने के गलत मैसेज आने की चर्चाएं तेज होने के साथ स्वास्थ्य महकमे की जमकर फजीहत हो रही है।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. महेंद्र भान सिंह का कहना है कि एक वायल में 10 मरीजों की डोज होती है। कई बार पांच से छह मरीजों को डोज दिया जाता है। इसके बाद अगर चार घंटे में किसी व्यक्ति को डोज न दिया गया तो वायल खराब हो जाती है और उसे हटा दिया जाता है। वहीं नियम यह है कि 10 लोग हो जाने के बाद ही वायल खोली जाती है। इस बारे में सीएमओ को भी जानकारी दे दी गई है। इधर, सीएमओ डॉ. विनोद कुमार का कहना है कि मामला गंभीर है। जांच कराई जाएगी और दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।
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क्षेत्र के तिलपई गांव निवासी विमल यादव ने बताया कि उनके मोबाइल पर दूसरी डोज लगने का मैसेज आ गया। जब सीएचसी पहुंच कर स्वास्थ्य कर्मचारियों से जानकारी की तो उन्होंने चुप्पी साध ली। क्षेत्र के तिलपई गांव निवासी निर्मल कुमार ने बताया कि उन्हें वैक्सीन का दूसरा डोज नहीं लगा, लेकिन मैसेज आ गया है। लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। जलालाबाद में रहने वाली पूनम देवी ने बताया कि कुछ दिन पूर्व वह और उनके पति अजय कुमार कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने सीएचसी गए थे। यहां स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बताया कि उन लोगों को वैक्सीन लग चुकी है।