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अब तीन पीएचसी में मिलेगी 24 घंटे प्रसव सुविधा
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए अब जिले के तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को जल्द प्रसव सेंटर की सुविधा मिलने वाली है। यहां 24 घंटे प्रसव की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। सीएमओ ने शासन को भेजने के लिए संस्तुति पत्रावली तैयार कर ली है।
मातृ, शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए शासन ने तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को प्रसव केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। इसके तहत उन इलाकों की पीएचसी को यह दर्जा दिया जाना है, जहां सरकारी प्रसव केंद्र नहीं हैं। पूर्व में सीएमओ स्तर की रिपोर्ट में चार पीएचसी का प्रस्ताव भेजा गया था। इनमें हसेरन ब्लाक की पीएचसी सुखसेनपुर, जलालाबाद ब्लाक की पीएचसी जलालाबाद, सौरिख ब्लाक की पीएचसी मिघौली व उमर्दा ब्लाक क्षेत्र की पीएचसी खैरनगर को शामिल किया गया था। शासन ने इन चार पीएचसी में तीन को प्रसव केंद्र में बदलने का प्रस्ताव मांगा है।
जलालाबाद पीएचसी को छोड़कर अन्य सभी जिला मुख्यालय व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर प्रसव की 24 घंटे सेवा उपलब्ध है। इस दशा में जलालाबाद के बजाय अन्य तीनों केंद्रों पर प्रसव सेंटर खोले जाएंगे। इससे दूरदराज गांवों की गर्भवती महिलाएं यहां पर किसी समय सुगमता से पहुंच कर संस्थागत प्रसव का लाभ ले सकेंगी।
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प्रसव केंद्रों को मिलेगा स्टाफ
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को प्रसव सेंटर में बदलने के बाद एएनएम व स्टाफ नर्स 24 घंटे मिलेंगी। अस्पताल के समय गर्भवती के पहुंचने पर डॉक्टर भी मिलेंगे। इससे प्रसव में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।
सैकड़ों गांवों की गर्भवती को मिलेगा लाभ
सुखसेनपुर, मिघौली व खैरनगर में प्रसव केंद्र शुरू होने से यहां से 10 किलोमीटर दूरी के गांवों की जनता को सीधा लाभ मिलेगा। इन क्षेत्रों के निकट अभी तक कोई सीएचसी नहीं है। इससे सरकारी सेंटरों पर प्रसव का लाभ नहीं मिलता है।
जिले में एक वर्ष में प्रसव की स्थिति
संस्थागत प्रसव: 21993
नर्सिंग होम में प्रसव: 10914
घर में प्रसव: 7821
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मातृ, शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए शासन ने तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को प्रसव केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। इसके तहत उन इलाकों की पीएचसी को यह दर्जा दिया जाना है, जहां सरकारी प्रसव केंद्र नहीं हैं। पूर्व में सीएमओ स्तर की रिपोर्ट में चार पीएचसी का प्रस्ताव भेजा गया था। इनमें हसेरन ब्लाक की पीएचसी सुखसेनपुर, जलालाबाद ब्लाक की पीएचसी जलालाबाद, सौरिख ब्लाक की पीएचसी मिघौली व उमर्दा ब्लाक क्षेत्र की पीएचसी खैरनगर को शामिल किया गया था। शासन ने इन चार पीएचसी में तीन को प्रसव केंद्र में बदलने का प्रस्ताव मांगा है।
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जलालाबाद पीएचसी को छोड़कर अन्य सभी जिला मुख्यालय व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर प्रसव की 24 घंटे सेवा उपलब्ध है। इस दशा में जलालाबाद के बजाय अन्य तीनों केंद्रों पर प्रसव सेंटर खोले जाएंगे। इससे दूरदराज गांवों की गर्भवती महिलाएं यहां पर किसी समय सुगमता से पहुंच कर संस्थागत प्रसव का लाभ ले सकेंगी।
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प्रसव केंद्रों को मिलेगा स्टाफ
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को प्रसव सेंटर में बदलने के बाद एएनएम व स्टाफ नर्स 24 घंटे मिलेंगी। अस्पताल के समय गर्भवती के पहुंचने पर डॉक्टर भी मिलेंगे। इससे प्रसव में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।
सैकड़ों गांवों की गर्भवती को मिलेगा लाभ
सुखसेनपुर, मिघौली व खैरनगर में प्रसव केंद्र शुरू होने से यहां से 10 किलोमीटर दूरी के गांवों की जनता को सीधा लाभ मिलेगा। इन क्षेत्रों के निकट अभी तक कोई सीएचसी नहीं है। इससे सरकारी सेंटरों पर प्रसव का लाभ नहीं मिलता है।
जिले में एक वर्ष में प्रसव की स्थिति
संस्थागत प्रसव: 21993
नर्सिंग होम में प्रसव: 10914
घर में प्रसव: 7821