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हादसे वाली अगरबत्ती फैक्टरी में फिर लगी आग

Thu, 10 Jun 2021 11:43 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Jun 2021 11:43 PM IST
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haadase vaalee agarabattee phaiktaree mein phir lagee aag
धुएं के गुबार के बीच आग बुझाते दमकल कर्मी। संवाद - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज/मानीमऊ। हरदोई रोड तिराहे के मड़हारपुर के पास अगरबत्ती फैक्टरी में गुरुवार सुबह आग की लपटें देख हड़कंप मच गया। फैक्टरी में 23 मई को विस्फोट और आग लगने से हादसे के बाद से ताला बंद था। इससे जनहानि नहीं हुई। माना गया कि लकड़ी के चूरे में आग सुलग रही थी। किसी के संपर्क में आने से धधक गई। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया। वहीं कोतवाली पुलिस ने 23 तारीख के हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के पिता की तहरीर पर फैक्टरी मालिक के खिलाफ गैरइरादतन हत्या और विस्फोटक अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने फैक्टरी को बंद कर चाबी जमा कर ली।
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अगरबत्ती फैक्टरी शहर के हाजीगंज निवासी अब्दुल वारी उर्फ राजू की है। यहां 23 मई को पाउडर पीसते समय विस्फोट व आग से झुलसे मजदूर ज्ञानेंद्र, ज्ञान सिंह और शीलू की मौत हो चुकी है। बुधवार को शीलू की मौत के बाद परिजनों व गांव के लोगों ने जीटी रोड जाम कर तीन घंटे तक हंगामा किया था। इसके बाद सदर कोतवाली पुलिस ने ज्ञानेंद्र और ज्ञान सिंह के पिता सुरेश चंद्र उर्फ संजय की तहरीर पर फैक्टरी मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। सुरेश चंद्र ने विस्फोटक पीसे जाने का आरोप झुलसे मजदूर के बयान का हवाला देते हुए लगाया है। वहीं गुरुवार को सुबह करीब साढ़े आठ बजे लोगों ने अगरबत्ती फैक्टरी के भीतर से धुआं उठता देखा। धीरे-धीरे यह घना होने लगा। लपटें दिखीं तो लोगों ने पुलिस को सूचना दी। दमकल कर्मियों ने दो घंटे में काबू पाया। अंदर लकड़ी का चूरा फैला हुआ था। इसी में लगातार सुलगाव होने से आग लगने की वजह मानी गई।
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देर से मिली चाबी, 45 मिनट खड़े रहे दमकल कर्मी
फैक्टरी के भीतर लपटें और धुएं का गुबार उठ रहा था। बाहर से ताला बंद होने से दमकल कर्मी कुछ नहीं कर पा रहे थे। करीब 45 मिनट बाद एक लड़का चाबी लेकर आया। तब ताला खोलकर दो दमकल की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। फायर ब्रिगेड के एसआई नरसिंह ने बताया कि वह यहां आठवीं बार आग बुझाने आए हैं। फैक्टरी करीब आठ-नौ साल से है। चाबी लेकर आने वाले लड़के ने पुलिस को बताया कि एक युवक बाइक से मास्क लगाकर आया था। वह होटल पर चाबी फेंककर यह कहते हुए चला गया कि दमकल वालों को दे दो, आग लगी है।
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अब मुकदमा दर्ज हुआ तो बारीकी से जांच
अगरबत्ती का मसाला पीसने की आड़ में फैक्टरी में तारकोल भी बनता था? यह सवाल पुलिस के जेहन में घूमता रहा। फैक्टरी के एक कोने में बड़ा टैंकर रखा था। इसमें तारकोल की तरह पदार्थ था। टैंकर के पास टिन की कोठरी थी। इसमें सैकड़ों बोरी पाउडर भरा है। एक कोने में बड़ी मशीन लगी है। इसका पाइप टैंकर में लगा है। इसमें बना हुआ पदार्थ गिरता है। जिला अस्पताल चौकी प्रभारी पंकज यादव ने बताया कि इस टैंकर में तारकोल बना कर भरा जाता है। 23 मई को आग लगी थी, तब जांच में फैक्टरी मालिक ने बताया था इस जगह को सड़क बनाने वाले ठेकेदार को किराये पर दिया है। दूसरी ओर सीओ शिव प्रताप सिंह का कहना है कि अब मुकदमा दर्ज हुआ तो बारीकी से जांच होगी। सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट भी जांच में आधार बनेगी।
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