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Kannauj News: बुलेट ट्रेन के लिए जीपीएस सर्वे पूरा, जल्द होगा भूमि अधिग्रहण
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कन्नौज। केंद्र सरकार की बहुप्रतीक्षित हाईस्पीड रेल सेवा के लिए कवायद फिर तेज हो गई है। पिछले तीन साल से चला आ रहा जीपीएस सर्वे पूरा हो गया है। अब सैटेलाइट से मार्किंग करने के बाद गजट जारी होगा, जिसके लिए राजस्व विभाग से ग्राम पंचायतों से अभिलेख मांगे जाएंगे और इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
केंद्र सरकार ने नई दिल्ली से वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की घोषणा की थी। 2021 में गुजरात की एक कंपनी ने इसके लिए 865 किमी लंबे रूट पर सर्वे शुरू किया था। जिले में छिबरामऊ तहसील क्षेत्र के अंतर्गत सौरिख, छिबरामऊ, तालग्राम, जलालाबाद व सदर ब्लाक के कई गांवों में कंपनी के अधिकारियों ने चिन्हांकन किया था। इसके लिए सीमेंट के पिलर लगाए गए हैं और उन पर जीपीएस नंबर सहित अक्षांश व देशांतर को भी अंकित किया गया है। सर्वे कंपनी के इंजीनियर शिशिर कुमार ने बताया कि सर्वे का काम पूरा हो गया है। अब सैटेलाइट से मार्किंग के बाद इसकी रिपोर्ट राष्ट्रीय हाई स्पीड रेल कार्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) को सौंप दी जाएगी। इसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इनसेट
दक्षिण कन्नौज के नाम से बनेगा स्टेशन
बुलेट ट्रेन के लिए एनएचएसआरसीएल ने 13 स्टेशन प्रस्तावित किए हैं, जिनमें दक्षिण कन्नौज के नाम से भी स्टेशन होगा। बताया गया कि 350 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली बुलेट ट्रेन से दिल्ली पहुंचने में महज डेढ़ घंटे का समय लगेगा। परियोजना को 2031 तक पूरा किया जाना है, जिसकी कुल लागत एक लाख 71 हजार करोड़ रुपये है।
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इनसेट
किसानों में मची उथल-पुथल
तालग्राम क्षेत्र के ग्राम गधैया ऊसर निवासी अश्वनी सिंह ने बताया कि उनके खेत में भी सीमांकन किया गया है और कंपनी के अधिकारी उनके गांव के कई लोगों के आधार कार्ड की फोटो खींचकर ले गए हैं। रूरा खेड़ा गांव के रघुवीर सिंह पाल ने बताया कि उनके गांव में कई खेतों में पिलर लगाए गए हैं, जिन पर जीपीएस नंबर दर्ज है। इसी तरह केसरीनगला के रामऔतार, श्यामबाबू, शिवरतन के खेतों में भी चिन्हांकन किया गया है।
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केंद्र सरकार ने नई दिल्ली से वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की घोषणा की थी। 2021 में गुजरात की एक कंपनी ने इसके लिए 865 किमी लंबे रूट पर सर्वे शुरू किया था। जिले में छिबरामऊ तहसील क्षेत्र के अंतर्गत सौरिख, छिबरामऊ, तालग्राम, जलालाबाद व सदर ब्लाक के कई गांवों में कंपनी के अधिकारियों ने चिन्हांकन किया था। इसके लिए सीमेंट के पिलर लगाए गए हैं और उन पर जीपीएस नंबर सहित अक्षांश व देशांतर को भी अंकित किया गया है। सर्वे कंपनी के इंजीनियर शिशिर कुमार ने बताया कि सर्वे का काम पूरा हो गया है। अब सैटेलाइट से मार्किंग के बाद इसकी रिपोर्ट राष्ट्रीय हाई स्पीड रेल कार्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) को सौंप दी जाएगी। इसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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दक्षिण कन्नौज के नाम से बनेगा स्टेशन
बुलेट ट्रेन के लिए एनएचएसआरसीएल ने 13 स्टेशन प्रस्तावित किए हैं, जिनमें दक्षिण कन्नौज के नाम से भी स्टेशन होगा। बताया गया कि 350 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली बुलेट ट्रेन से दिल्ली पहुंचने में महज डेढ़ घंटे का समय लगेगा। परियोजना को 2031 तक पूरा किया जाना है, जिसकी कुल लागत एक लाख 71 हजार करोड़ रुपये है।
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किसानों में मची उथल-पुथल
तालग्राम क्षेत्र के ग्राम गधैया ऊसर निवासी अश्वनी सिंह ने बताया कि उनके खेत में भी सीमांकन किया गया है और कंपनी के अधिकारी उनके गांव के कई लोगों के आधार कार्ड की फोटो खींचकर ले गए हैं। रूरा खेड़ा गांव के रघुवीर सिंह पाल ने बताया कि उनके गांव में कई खेतों में पिलर लगाए गए हैं, जिन पर जीपीएस नंबर दर्ज है। इसी तरह केसरीनगला के रामऔतार, श्यामबाबू, शिवरतन के खेतों में भी चिन्हांकन किया गया है।