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गंगा किनारे बसे गांवों में बहेगी विकास की गंगा

Thu, 02 Jan 2020 11:30 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jan 2020 11:30 PM IST
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ganga kinaare base gaanvon mein bahegee vikaas kee ganga
गंगा का दृश्य। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। गंगा को स्वच्छ बनाने के साथ सरकार गंगा किनारे बसे गांवों की भी तस्वीर बदलने जा रही है। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत 27 जनवरी को बिजनौर और बलिया से गंगा विहार यात्रा निकाल कर गंगा किनारे बसे गांवों की सूरत बदलने का आगाज होगा। यात्रा 30 जनवरी को कन्नौज पहुंचेगी। नमामि गंगे टीम गंगा के किनारे बसे 16 गांवों का निरीक्षण करेगी। कमियों को सूचीबद्ध कर रिपोर्ट केंद्रीय और राज्य टीम को भेजी जाएगी। इसके बाद विकास का खाका तैयार कर काम शुरू होगा।
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यात्रा का मकसद गंगा किनारे बसे गांवों को स्वच्छ बनाने के साथ किनारे के गांवों का भरपूर विकास कराना है। पहले चरण में यात्रा के जरिए गंगा किनारे बसे लोगों को जागरूक करने के साथ भौगोलिक स्थिति का जायजा लिया जाएगा। इसी कड़ी में टीम कन्नौज के 16 गांवों का निरीक्षण करेगी। जल निकासी की व्यवस्था के साथ ही गांवों में हुए विकास कार्यों का आकलन किया जाएगा। टीम का मुख्य फोकस गंगा में गिरने वाले नालों या नाली पर रहेगा। अभी तक इस प्रोजेक्ट के तहत जिले में क्या काम कराए गए, टीम इसकी जानकारी अफसरों से लेगी। कमियाें को सूचीबद्ध किया जाएगा। इसके बाद जरूरी कार्रवाई पूरी कर विकास कार्य शुरू कराए जाएंगे।
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कन्नौज के महादेवी घाट पर 30 जनवरी को यात्रा पहुंचेगी। प्रशासन ने गंगा यात्रा की तैयारी तेज कर दी हैं। जिला वन अधिकारी जवाहर लाल गुप्ता ने बताया कि यात्रा के जरिए गंगा किनारे के गांवों का भरपूर विकास करने का खाका तैयार होगा।
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इन बिंदुओं पर रहेगा यात्रा का फोकस
- गंगा किनारे बसे गांवों में गंगा तालाब बनाकर जल संरक्षण किया जाएगा।
- गंगा नर्सरी तैयार कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का प्रयास होगा।
- गंगा का बाढ़ क्षेत्र छोड़कर फलदार पौधों के उद्यान बनाए जाएंगे।
- गंगा मैदान के जरिए खेल गतिविधियां बढ़ाई जाएंगी। युवाओं को प्रेरित किया जाएगा।
- उद्यमों के दूषित पानी के शुद्धीकरण के लिए संयंत्र लगेंगे।
- गांवों में पर्यावरण गोष्ठियों का आयोजन होगा।
- जीरो बजट खेती के लिए जैविक विधि का प्रचार किया जाएगा।
- पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए आरोग्य मेलों का आयोजन होगा।
- स्वच्छता एवं स्वास्थ्य जागरूकता के लिए कैंप लगेंगे।
इन गांवों की बदलेगी सूरत
जिले में गंगा किनारे बसे दाईपुर, सकरी खुर्द, लक्ष्मणपुर, मदनपुर नराह, दुर्जनापुर, गंगागंज, मेहंदीपुर, गुमटिया, चौराचांदपुर, जुकैया, कासिमपुर, बख्शीपुर, भिम्मापुरवा, मिश्रीपुर, बलीदादपुर और जलेसर का टीम निरीक्षण करेगी। इन गांवों का निरीक्षण कर टीम भौगोलिक स्थिति का जायजा लेगी।

गंगा किनारे के छोरे बनेंगे प्रहरी
गंगा को निर्मल बनाने के लिए गंगा किनारे के गांवों के छोरों को आगे लाया जाएगा। इस यात्रा के बाद नमामि गंगे टीम दूसरे चरण की यात्रा करेगी। दूसरे चरण में गंगा किनारे बसे गांव के युवाओं के लिए कार्यशाला का आयोजन होगा। इसमें युवाओं को गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। किसी भी समस्या और सुझाव के लिए इन्हें टोल फ्री नंबर, ईमेल, व्हाट्स एप नंबर दिए जाएंगे। कार्यशाला में भाग लेने वाले युवाओं को गंगा प्रहरी बनने का प्रमाण पत्र देकर अभियान में शामिल किया जाएगा। यह गंगा को निर्मल बनाने में टीम का सहयोग करेंगे।
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