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पांच साल से फरार इनामी हत्यारोपी दबोचा
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Fri, 31 Jul 2015 11:07 PM IST
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गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र के समधन कसबे के मोहल्ला गोरीनेवादा में कब्रिस्तान की भूमि को लेकर हुए विवाद में एक युवक की मौत हो गई। मामले में फरार चल रहे इनामी आरोपी को स्वाट टीम ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक ने कार्यालय में मामले का खुलासा किया। गिरफ्तार करने वाली टीम को एसपी ने ढाई हजार रुपये का इनाम दिया है।
एसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि समधन कसबे के गौरी नेवादा में एक कब्रिस्तान है। इसकी भूमि पर निर्माण कार्य किया जा रहा था। इसी को लेकर हुए विवाद के दौरान हसीब पुत्र कयामुद्दीन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसका मुकदमा गुरसहायगंज कोतवाली में मृतक के भाई एजाज खां ने दर्ज कराया था। मामले में नामजद अभियुक्त सादिक खां पुत्र करार निवासी दारा सराय थाना गुरसहायगंज पिछले पांच सालों से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। उसके खिलाफ न्यायालय से कुर्की की कार्रवाई भी कराई जा चुकी थी। मृतक के भाई एजाज खां ने एसपी को प्रार्थनापत्र देकर गुहार लगाई थी।
एसपी के निर्देश पर इंसपेक्टर सीएल वर्मा को गोपनीय तरीके से मामले की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने कई जनपदों में पड़ताल की। बाद में फर्रुखाबाद में उसके होने की जानकारी मिली। इस पर स्वाट टीम प्रभारी दिनेश यादव, सर्विलांस टीम प्रभारी मो. तारिक खां को गिरफ्तारी के लिए लगाया गया। गुरुवार को फर्रुखाबाद में तहसील तिराहे के पास सादिक को गिरफ्तार किया गया। वह फर्रुखाबाद में अपने बहनोई के यहां नाम बदलकर मामा के नाम से छिपकर रहता था। इस मामले में अन्य अभियुक्तों पर 2500-2500 रुपये का पुरस्कार मई 2015 में घोषित किया गया था। इसके अलावा उक्त मुकदमे में अतीक, शकील, मोहसिन भी अभी तक फरार चल रहे हैं। इन पर भी इनाम घोषित है।
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एसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि समधन कसबे के गौरी नेवादा में एक कब्रिस्तान है। इसकी भूमि पर निर्माण कार्य किया जा रहा था। इसी को लेकर हुए विवाद के दौरान हसीब पुत्र कयामुद्दीन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसका मुकदमा गुरसहायगंज कोतवाली में मृतक के भाई एजाज खां ने दर्ज कराया था। मामले में नामजद अभियुक्त सादिक खां पुत्र करार निवासी दारा सराय थाना गुरसहायगंज पिछले पांच सालों से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। उसके खिलाफ न्यायालय से कुर्की की कार्रवाई भी कराई जा चुकी थी। मृतक के भाई एजाज खां ने एसपी को प्रार्थनापत्र देकर गुहार लगाई थी।
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एसपी के निर्देश पर इंसपेक्टर सीएल वर्मा को गोपनीय तरीके से मामले की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने कई जनपदों में पड़ताल की। बाद में फर्रुखाबाद में उसके होने की जानकारी मिली। इस पर स्वाट टीम प्रभारी दिनेश यादव, सर्विलांस टीम प्रभारी मो. तारिक खां को गिरफ्तारी के लिए लगाया गया। गुरुवार को फर्रुखाबाद में तहसील तिराहे के पास सादिक को गिरफ्तार किया गया। वह फर्रुखाबाद में अपने बहनोई के यहां नाम बदलकर मामा के नाम से छिपकर रहता था। इस मामले में अन्य अभियुक्तों पर 2500-2500 रुपये का पुरस्कार मई 2015 में घोषित किया गया था। इसके अलावा उक्त मुकदमे में अतीक, शकील, मोहसिन भी अभी तक फरार चल रहे हैं। इन पर भी इनाम घोषित है।
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