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Kannauj News: पिता व तीन पुत्र गैरइरादतन हत्या में दोषी, सुनाई सजा
Sat, 10 Feb 2024 02:14 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Sat, 10 Feb 2024 02:14 AM IST
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कन्नौज। नौ साल पहले तिर्वा कोतवाली के किनौरा गांव में घटना के दौरान एक युवक की मौत के मामले के चार आरोपियों को अदालत ने दोषी करार दिया है। गैरइरादतन हत्या के आरोप में दोषी पिता व उसके तीन पुत्र शामिल हैं। एक पुत्र को अदालत ने सात साल कैद की सजा सुनाई है। पिता व दो पुत्र को छह-छह माह कैद व जुर्माना की सजा सुनाई गई है।
घटना 10 दिसंबर 2014 को तिर्वा कोतवाली के किनौरा में हुई थी। शासकीय अधिवक्ता संत कुमार दुबे ने बताया कि किनौरा निवासी रामबाबू ने छोटे भाई रमेश की हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके मुताबिक गांव निवासी जगदीश ने दरवाजे पर पुआल डाला। उस पुआल को छोटे भाई रमेश उर्फ पप्पू का मवेशी खाने लगा। गुस्साए जगदीश ने मवेशी को मारा। इस पर रमेश ने ऐतराज जताया। तो यह बात जगदीश को नागवार लगी। वह बेटे गुड्डन, संजय उर्फ कल्लू व रजनीकांत के साथ मिलकर रमेश की पिटाई करने लगा। रजनीकांत ने रमेश के गले में बेल्ट का फंदा डालकर उसे पटक दिया। इसके बाद गंभीर होने पर रमेश को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। चार्जशीट पेश होने के बाद आठ गवाह पेश किए गए।
इसी मामले की सुनवाई के बाद शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट-द्वितीय) हरेंद्रनाथ ने पिता व तीनों बेटों को दोषी करार दिया। मुख्य अभियुक्त रजनीकांत को सात साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जगदीश, गुड्डन व संजय उर्फ कल्लू को मारपीट में छह-छह माह की कैद व एक-एक हजार का जुर्माना लगाया। चारों को जेल भेज दिया गया।
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घटना 10 दिसंबर 2014 को तिर्वा कोतवाली के किनौरा में हुई थी। शासकीय अधिवक्ता संत कुमार दुबे ने बताया कि किनौरा निवासी रामबाबू ने छोटे भाई रमेश की हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसके मुताबिक गांव निवासी जगदीश ने दरवाजे पर पुआल डाला। उस पुआल को छोटे भाई रमेश उर्फ पप्पू का मवेशी खाने लगा। गुस्साए जगदीश ने मवेशी को मारा। इस पर रमेश ने ऐतराज जताया। तो यह बात जगदीश को नागवार लगी। वह बेटे गुड्डन, संजय उर्फ कल्लू व रजनीकांत के साथ मिलकर रमेश की पिटाई करने लगा। रजनीकांत ने रमेश के गले में बेल्ट का फंदा डालकर उसे पटक दिया। इसके बाद गंभीर होने पर रमेश को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। चार्जशीट पेश होने के बाद आठ गवाह पेश किए गए।
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इसी मामले की सुनवाई के बाद शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट-द्वितीय) हरेंद्रनाथ ने पिता व तीनों बेटों को दोषी करार दिया। मुख्य अभियुक्त रजनीकांत को सात साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जगदीश, गुड्डन व संजय उर्फ कल्लू को मारपीट में छह-छह माह की कैद व एक-एक हजार का जुर्माना लगाया। चारों को जेल भेज दिया गया।
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