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आलू की मांग कम होने से किसान परेशान

Sun, 09 Jul 2017 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज Updated Sun, 09 Jul 2017 11:53 PM IST
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Farmers worried due to low demand of potato
आलू - फोटो : self
स्थानीय मंडियों में आलू का वाजिब दाम न मिल पाने से किसान अपनी बेबसी पर आंसू बहा रहा है। कई राज्यों में आलू की मांग नहीं होने से किसान परेशान हैं। जिले के 110 शीतगृहों से अभी तक कुल 10 फीसदी ही निकासी हुई है। शीतगृह मालिक भी भंडारित आलू के भाड़े के लिए चिंतित चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि घाटे से निकालने के लिए प्रदेश सरकार को ठोस पहल करनी चाहिए। आलू अन्य राज्यों में भेजने के लिए कोई रणनीति बने।
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कन्नौज जिले में संचालित 110 शीतगृहों में 108886.15 क्विंटल आलू भंडारित है। जुलाई में आलू किसान अच्छा रेट मिलने पर पहली खेप की बिक्री करते रहे हैं। पिछले वर्ष जुलाई में किसानों ने लगभग 25 प्रतिशत आलू की निकासी कर ली थी। उद्यान विभाग ने आलू की कम निकासी पर शीतगृहों की रिपोर्ट शासन को भेजी है। रिपोर्ट के मुताबिक निकासी पिछले साल की तुलना में कम है। आसपास की मंडियों में चल रहे आलू रेट से लागत निकालना तक मुश्किल हो रहा है।
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 प्रगतिशील किसान योगेंद्र सिंह का कहना है कि कानपुर सहित आसपास की मंडियों में उच्च क्वालिटी के सफेद आलू पर 100 व चिप्सोना पर 130 रुपये पैकेट किसान को बचत मिल रही है। यदि आलू में क्वालिटी डाउन तो सफेद में 60 व चिप्सोना 100 के आसपास बचत के मिल रहे है। आलू की बिक्री से लागत भी नहीं निकल पा रही है। किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष गीतेंद्र यादव ने कहा कि आलू का रेट गिरा होने के बावजूद प्रदेश सरकार किसानों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। ऐसे ही हालात रहे तो आगे चलकर वर्ष 1998 की तरह इस बार भी कोई रेट न मिलने से किसान सड़कों पर अपना आलू फेंकने को मजबूर होंगे।
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बारिश से किसानों की उम्मीद जगी
कन्नौज। करीब एक सप्ताह से बारिश होने से किसानों की उम्मीद एक बार फिर जागी है। किसानों का कहना है कि तमाम ऐसे क्षेत्र है जहां पर पानी की अधिकता के चलते हरी सब्जी बर्बाद हो गई है। ऐसे में मंडियों में आलू की मांग बढ़ सकती है। भाजपा नेता शैलेंद्र प्रताप सिंह, करुणेश प्रताप सिंह ने कहा कि वह मामले को जिला स्तर के पदाधिकारियों के समक्ष रखेंगे और सरकार से आलू किसानों के लिए ठोस रणनीति बनाए जाने की मांग करेंगे।

पाकिस्तान से रिश्ते खराब होने से नहीं जा रहा आलू
कन्नौज। किसान संघर्ष सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष गीतेंद्र यादव का कहना है कि पाकिस्तान में प्रदेश में पैदा होने वाला हालैंड (लाल आलू) की सबसे अधिक मांग रहती थी। विगत कई वर्षों से पाकिस्तान के साथ रिश्ते खराब होने से आलू का निर्यात बंद है। सऊदी अरब के साथ सरकार को आलू बिक्री के लिए डील करनी चाहिए।


संरक्षित खेती के लिए किसानों को किया जाएगा प्रोत्साहित
कन्नौज। जिला उद्यान अधिकारी मनोज चतुर्वेदी ने कहा कि आलू फसल में विगत कई वर्षों से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इससे आलू किसान भी काफी हताश हैं। किसानों को ग्रीन हाउस के जरिए संरक्षित खेती कराई जाएगी। संरक्षित खेती में सरकार की ओर से सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। संरक्षित खेती के लिए जिले के कई किसानों से वार्ता चल रही है। जल्द ही उनको इस ओर मोड़ा जाएगा।
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