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किसानों को नहीं मिलेगा खेत खाली रहने का मुआवजा
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कन्नौज। जनपद में औसत से कम बारिश होने की वजह से 7,442 हेक्टेयर रकबा खाली रह गया। कई फसलों का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। जमीनी हकीकत पता करने के लिए शासन ने जिलों से सूखे की रिपोर्ट मांगी थी। इसको लेकर अधिकारियों की टीम भी बनी थी। रिपोर्ट के मुताबिक कन्नौज के किसानों को किसी तरह का मुआवजा नहीं मिलेगा।
कृषि विभाग कार्यालय के अनुसार खरीफ फसल बुआई का लक्ष्य 74,427 हेक्टेयर था। इसके सापेक्ष 66,985 हेक्टेयर में बुआई हुई है, जो 90 फीसदी है। 7,442 हेक्टेयर रकबा खाली रह गया था। अधिकारियों ने इसकी पूर्ति अगेती आलू, राई व सरसों से करने की बात कही थी। मक्का का लक्ष्य 46,570 हेक्टेयर था। इसके सापेेक्ष 30,430 हेक्टेयर की बुआई हुई है। बुआई 65.34 फीसदी ही हुई। हालांकि ज्वार, बाजारा, तिल और मूंगफली का रकबा दो से तीन गुना तक बढ़ गया था। उसके बाद भी लक्ष्य के मुताबिक 10 फीसदी खेत खाली ही पड़े रहे।
जिला कृषि अधिकारी आवेश सिंह का कहना है कि फसल में नुकसान का आंकलन किया जाता है। यदि 30 फीसदी से अधिक क्षति होती है तो ही मुआवजा मिलता है। जिले में करीब 10 फीसदी ही खेत खाली रहे थे। एडीएम गजेंद्र कुमार का कहना है कि जिले में न तो सूखा है और न ही बाढ़ की स्थिति है। इस वजह से किसानों को मुआवजा नहीं मिलेगा।
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कृषि विभाग कार्यालय के अनुसार खरीफ फसल बुआई का लक्ष्य 74,427 हेक्टेयर था। इसके सापेक्ष 66,985 हेक्टेयर में बुआई हुई है, जो 90 फीसदी है। 7,442 हेक्टेयर रकबा खाली रह गया था। अधिकारियों ने इसकी पूर्ति अगेती आलू, राई व सरसों से करने की बात कही थी। मक्का का लक्ष्य 46,570 हेक्टेयर था। इसके सापेेक्ष 30,430 हेक्टेयर की बुआई हुई है। बुआई 65.34 फीसदी ही हुई। हालांकि ज्वार, बाजारा, तिल और मूंगफली का रकबा दो से तीन गुना तक बढ़ गया था। उसके बाद भी लक्ष्य के मुताबिक 10 फीसदी खेत खाली ही पड़े रहे।
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जिला कृषि अधिकारी आवेश सिंह का कहना है कि फसल में नुकसान का आंकलन किया जाता है। यदि 30 फीसदी से अधिक क्षति होती है तो ही मुआवजा मिलता है। जिले में करीब 10 फीसदी ही खेत खाली रहे थे। एडीएम गजेंद्र कुमार का कहना है कि जिले में न तो सूखा है और न ही बाढ़ की स्थिति है। इस वजह से किसानों को मुआवजा नहीं मिलेगा।
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