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इंतजाम के बाद भी नवजात को किया रेफर
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मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में नवजात को लेकर बैठी महिला।
- फोटो : KANNAUJ
तिर्वा (कन्नौज)। मेडिकल कालेज को कोरोना की तीसरी लहर से निपटने लायक बना देने का दावा किया जा चुका है। इसके बाद भी शुक्रवार को नवजात को डॉक्टर ने इमरजेंसी में देखते समय एनआईसीयू (नवजात गहन चिकित्सा इकाई)में सुविधाएं न होने की बात कहकर कानपुर रेफर कर दिया।
तालग्राम कस्बे के मोमीन की पत्नी को गुरुवार रात प्रसव पीड़ा होने लगी। वह अपनी पत्नी को लेकर सीएचसी पहुंचे। यहां प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद नवजात की हालत नाजुक देख डॉक्टर ने मेडिकल कालेज तिर्वा के लिए रेफर कर दिया। शुक्रवार सुबह मेडिकल कालेज में भर्ती होने आए नवजात की हालत देख डॉक्टर ने एनआईसीयू वार्ड में सुविधाएं न होने की बात कहकर कानपुर के लिए रेफर कर दिया। पिता ने बताया कि डॉक्टर नवजात को सांस लेने में दिक्कत बता रहे हैं। कालेज में सुविधाएं होने के बाद भी नवजात को वार्ड नसीब नहीं हुआ। ऑक्सीजन देने के लिए मास्क तक नहीं दिया। इसे बाहर से खरीदकर लाना पड़ा।
वहीं सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि कोविड की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर एनआईसीयू को पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट )में बदल दिया गया है। जानकारी करनी पड़ेगी कि नवजात को रेफर क्यों किया गया। जानबूझकर ऐसा किया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
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एंबुलेंस के लिए गिड़गिड़ाता रहा पिता
नवजात की जान बचाने के लिए पिता मोमीन एंबुलेंस के लिए घंटों फोन पर गिड़गिड़ाते रहे। शाम तक एंबुलेंस नसीब नहीं हो सकी। मेडिकल कालेज से कानपुर ले जाने के लिए वह कभी 102 तो कभी 108 पर फोन लगाकर मिन्नतें करते रहे। एंबुलेंस पाने के लिए 112 नंबर पर भी कॉल की। आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। अंत में मजबूर होकर तालग्राम लौट गए।
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तालग्राम कस्बे के मोमीन की पत्नी को गुरुवार रात प्रसव पीड़ा होने लगी। वह अपनी पत्नी को लेकर सीएचसी पहुंचे। यहां प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद नवजात की हालत नाजुक देख डॉक्टर ने मेडिकल कालेज तिर्वा के लिए रेफर कर दिया। शुक्रवार सुबह मेडिकल कालेज में भर्ती होने आए नवजात की हालत देख डॉक्टर ने एनआईसीयू वार्ड में सुविधाएं न होने की बात कहकर कानपुर के लिए रेफर कर दिया। पिता ने बताया कि डॉक्टर नवजात को सांस लेने में दिक्कत बता रहे हैं। कालेज में सुविधाएं होने के बाद भी नवजात को वार्ड नसीब नहीं हुआ। ऑक्सीजन देने के लिए मास्क तक नहीं दिया। इसे बाहर से खरीदकर लाना पड़ा।
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वहीं सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि कोविड की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर एनआईसीयू को पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट )में बदल दिया गया है। जानकारी करनी पड़ेगी कि नवजात को रेफर क्यों किया गया। जानबूझकर ऐसा किया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
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एंबुलेंस के लिए गिड़गिड़ाता रहा पिता
नवजात की जान बचाने के लिए पिता मोमीन एंबुलेंस के लिए घंटों फोन पर गिड़गिड़ाते रहे। शाम तक एंबुलेंस नसीब नहीं हो सकी। मेडिकल कालेज से कानपुर ले जाने के लिए वह कभी 102 तो कभी 108 पर फोन लगाकर मिन्नतें करते रहे। एंबुलेंस पाने के लिए 112 नंबर पर भी कॉल की। आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। अंत में मजबूर होकर तालग्राम लौट गए।