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एक्सप्रेसवे पर बस हाइजैक की सूचना से लखनऊ तक हड़कंप
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर खड़ी पकड़ी गई बस।
- फोटो : CHIBRAMAU
सौरिख(कन्नौज)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बस हाइजैक की सूचना से लखनऊ तक हड़कंप मच गया। सूचना पर यूपीडा के अलावा हाईवे पर तैनात 112 पुलिस सक्रिय हो गई। यूपीडा और पुलिस ने छह-सात वाहनों से पीछा कर बस को कब्जा मुक्त कराया। सहयोग कर रही बोलेरो और बाइक को पुलिस के हवाले कर दिया गया। बाद में जांच में मामला लेनदेन का निकला। पुलिस छानबीन कर रही है।
शनिवार सुबह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गुरुग्राम से करीब 55 सवारियां लेकर बस कन्नौज आ रही थी। सुबह लगभग पांच बजे इटावा जनपद के चौपला में हाइजैक होने की सूचना से इटावा से कन्नौज फिर लखनऊ तक हड़कंप मच गया। सौरिख थाना क्षेत्र में यूपीडा की पांच और 112 पुलिस सहित आधा दर्जन गाड़ियां लग गईं। बस को आता देख पुलिस व यूपीडा के कर्मचारियों ने रुकने का इशारा किया। चालक ने बस भगा दी। पीछा करते देख चालक ने बस को तालग्राम से गलत दिशा में दौड़ा दिया। इससे सभी की सांसें अटक गईं। चालक ने वाहनों में टक्कर मारने की भी कोशिश की। इस दौरान अनहोनी को लेकर सवारियों में चीखपुकार मची रही। यूपीडा और पुलिस टीम ने बस को घेरकर रोक लिया। बस के सहयोग में दौड़ रही बोलेरो व बाइक समेत छह लोगों को हिरासत में ले लिया गया। सवारियों को दूसरे वाहन से भेजा गया।
साझेदारों की आपसी लड़ाई बनी हाइजैक की वजह
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर साझेदारों के आपसी लेनदेन की वजह से बस को हाइजैक किया गया। पुलिस ने बताया कि कन्नौज और गुरुग्राम के बीच चलने वाली निजी बस दो साझेदारों की है। एक साझेदार से पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया था। इस पर शुक्रवार की शाम गुरुग्राम से चलने के बाद सुबह करीब पांच बजे साझेदार ने चौपला (इटावा) में बस को हाइजैक कर लिया। बस को हाइजैक करने का मकसद साझेदार से लेनदेन
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बस के चेसिस और इंजन नंबर में अंतर मिला
पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों की अनदेखी से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बड़ी संख्या में फर्जी नंबरों पर बसें दौड़ रही हैं। इससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। शनिवार सुबह हाइजैक की सूचना पर छानबीन करने पहुंचे परिवहन विभाग के पीटीओ रामबाबू दोहरे को बस पर दूसरी बस का नंबर मिला। बस के चेसिस और इंजन नंबर में भी अंतर था।
साझेदार पक्ष को हाईवे पर खड़ा देख चालक ने घुमा दी थी बस
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तालग्राम सीमा के पास पहुंचते ही चालक को हाईवे पर साझेदार का दूसरा पक्ष खड़ा दिख गया। पुलिस को पूछताछ में पकड़े गए लोगों ने बताया कि इसी वजह से चालक ने बस को सौरिख की तरफ मोड़ दिया। इससे सवारियों में चीख-पुकार मच गई। दूसरे पक्ष के लोग अपने वाहनों से बस का पीछा करने लगे। पता चला कि चालक ने सवारियों को कट के पास यह कहकर उतार दिया कि हाईवे पर खड़े लोगों से विवाद चल रहा है।
चल रही पूछताछ, भाजपा नेता पहुंचे
बस को हाइजैक करने की सूचना के बाद आपाधापी और धरपकड़ में दो साझेदारों का लेनदेन का विवाद सामने आने पर समझौते की बातचीत शुरू हो गई है। शनिवार की रात थाने में भाजपा के एक कद्दावर नेता दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने थाने पहुंचे। इधर, सीओ शिव कुमार थापा का कहना है कि प्रभारी निरीक्षक पूनम अवस्थी ने सारी जानकारी परिवहन विभाग के अधिकारियों को दे दी है। वह अपनी जांच कर रहे हैं। पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है। अभी इस संबंध में हाईवे के सुरक्षा अधिकारियों की ओर से कोई प्रार्थना पत्र नहीं मिला है। वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी उठ रहा है कि बस यात्रियों की घंटे भर की दहशत, हाइजैक की सूचना पर यूपीडा और पुलिस की कई टीमों की दौड़ का जिम्मेदार कौन है। पुलिस अभी उधेड़बुन में फंसी है कि वह किस पर क्या कार्रवाई करे।
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शनिवार सुबह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गुरुग्राम से करीब 55 सवारियां लेकर बस कन्नौज आ रही थी। सुबह लगभग पांच बजे इटावा जनपद के चौपला में हाइजैक होने की सूचना से इटावा से कन्नौज फिर लखनऊ तक हड़कंप मच गया। सौरिख थाना क्षेत्र में यूपीडा की पांच और 112 पुलिस सहित आधा दर्जन गाड़ियां लग गईं। बस को आता देख पुलिस व यूपीडा के कर्मचारियों ने रुकने का इशारा किया। चालक ने बस भगा दी। पीछा करते देख चालक ने बस को तालग्राम से गलत दिशा में दौड़ा दिया। इससे सभी की सांसें अटक गईं। चालक ने वाहनों में टक्कर मारने की भी कोशिश की। इस दौरान अनहोनी को लेकर सवारियों में चीखपुकार मची रही। यूपीडा और पुलिस टीम ने बस को घेरकर रोक लिया। बस के सहयोग में दौड़ रही बोलेरो व बाइक समेत छह लोगों को हिरासत में ले लिया गया। सवारियों को दूसरे वाहन से भेजा गया।
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साझेदारों की आपसी लड़ाई बनी हाइजैक की वजह
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर साझेदारों के आपसी लेनदेन की वजह से बस को हाइजैक किया गया। पुलिस ने बताया कि कन्नौज और गुरुग्राम के बीच चलने वाली निजी बस दो साझेदारों की है। एक साझेदार से पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया था। इस पर शुक्रवार की शाम गुरुग्राम से चलने के बाद सुबह करीब पांच बजे साझेदार ने चौपला (इटावा) में बस को हाइजैक कर लिया। बस को हाइजैक करने का मकसद साझेदार से लेनदेन
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बस के चेसिस और इंजन नंबर में अंतर मिला
पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों की अनदेखी से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बड़ी संख्या में फर्जी नंबरों पर बसें दौड़ रही हैं। इससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। शनिवार सुबह हाइजैक की सूचना पर छानबीन करने पहुंचे परिवहन विभाग के पीटीओ रामबाबू दोहरे को बस पर दूसरी बस का नंबर मिला। बस के चेसिस और इंजन नंबर में भी अंतर था।
साझेदार पक्ष को हाईवे पर खड़ा देख चालक ने घुमा दी थी बस
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तालग्राम सीमा के पास पहुंचते ही चालक को हाईवे पर साझेदार का दूसरा पक्ष खड़ा दिख गया। पुलिस को पूछताछ में पकड़े गए लोगों ने बताया कि इसी वजह से चालक ने बस को सौरिख की तरफ मोड़ दिया। इससे सवारियों में चीख-पुकार मच गई। दूसरे पक्ष के लोग अपने वाहनों से बस का पीछा करने लगे। पता चला कि चालक ने सवारियों को कट के पास यह कहकर उतार दिया कि हाईवे पर खड़े लोगों से विवाद चल रहा है।
चल रही पूछताछ, भाजपा नेता पहुंचे
बस को हाइजैक करने की सूचना के बाद आपाधापी और धरपकड़ में दो साझेदारों का लेनदेन का विवाद सामने आने पर समझौते की बातचीत शुरू हो गई है। शनिवार की रात थाने में भाजपा के एक कद्दावर नेता दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने थाने पहुंचे। इधर, सीओ शिव कुमार थापा का कहना है कि प्रभारी निरीक्षक पूनम अवस्थी ने सारी जानकारी परिवहन विभाग के अधिकारियों को दे दी है। वह अपनी जांच कर रहे हैं। पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है। अभी इस संबंध में हाईवे के सुरक्षा अधिकारियों की ओर से कोई प्रार्थना पत्र नहीं मिला है। वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी उठ रहा है कि बस यात्रियों की घंटे भर की दहशत, हाइजैक की सूचना पर यूपीडा और पुलिस की कई टीमों की दौड़ का जिम्मेदार कौन है। पुलिस अभी उधेड़बुन में फंसी है कि वह किस पर क्या कार्रवाई करे।