{"_id":"696fcffaaf355a19ec0f0cc4","slug":"distribute-the-notices-by-uploading-them-on-the-blo-app-kannauj-news-c-214-1-knj1005-143512-2026-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kannauj News: नोटिस का वितरण बीएलओ एप पर ही करें अपलोड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kannauj News: नोटिस का वितरण बीएलओ एप पर ही करें अपलोड
विज्ञापन
छिबरामऊ। विधानसभा क्षेत्र में 579 मतदान बूथों के लिए नियुक्त 200 बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) और सुपरवाइजरों को मतदाता सूची से संबंधित कार्यों के प्रभावी निष्पादन हेतु तहसील सभागार में दो चरणों में मंगलवार को गहन प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य उनके दैनिक कार्यों में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को समझना और उनका समाधान खोजना था।
एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि एसआईआर (सर्विस इलेक्टर रोस्टर) प्रक्रिया के दौरान जिन मतदाताओं की वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी थी, उन्हें अब नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने बीएलओ और सुपरवाइजरों को निर्देश दिया कि इन नोटिसों का तामीला (वितरण) करते समय वे बीएलओ एप का ही प्रयोग करें। तामीला की पूरी प्रक्रिया और आवश्यक साक्ष्य भी बीएलओ एप पर ही अपलोड किए जाने चाहिए। फॉर्म-6 भरवाते समय घोषणा पत्र भरवाना अनिवार्य है। नए मतदाताओं के लिए, यदि उनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची से माता-पिता से मिलान हो जाता है। तो उन्हें केवल आधार कार्ड, फोटो, मोबाइल नंबर और निवास प्रमाण पत्र जैसे सामान्य प्रपत्र जमा करने होंगे। हालांकि, जिनका मिलान नहीं होगा, उन्हें 13 प्रपत्रों में से दो प्रपत्र साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने होंगे।
प्रशिक्षण सत्र में बीएलओ द्वारा एक महत्वपूर्ण शिकायत उठाई गई कि एक ही मकान संख्या में रहने वाले हिंदू और मुस्लिम मतदाताओं के वोट अलग-अलग सूचीबद्ध हो गए हैं। एसडीएम ने इस समस्या को स्वीकार करते हुए बताया कि शहरी क्षेत्रों में मकान नंबरों की कमी के कारण मतदाता सूची में अनुभागों का सही विभाजन नहीं हो पाता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगर पालिका के सहयोग से बीएलओ और सुपरवाइजरों की संयुक्त टीम फॉर्म-8 भरवाकर इस समस्या का समाधान करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि एसआईआर (सर्विस इलेक्टर रोस्टर) प्रक्रिया के दौरान जिन मतदाताओं की वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी थी, उन्हें अब नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने बीएलओ और सुपरवाइजरों को निर्देश दिया कि इन नोटिसों का तामीला (वितरण) करते समय वे बीएलओ एप का ही प्रयोग करें। तामीला की पूरी प्रक्रिया और आवश्यक साक्ष्य भी बीएलओ एप पर ही अपलोड किए जाने चाहिए। फॉर्म-6 भरवाते समय घोषणा पत्र भरवाना अनिवार्य है। नए मतदाताओं के लिए, यदि उनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची से माता-पिता से मिलान हो जाता है। तो उन्हें केवल आधार कार्ड, फोटो, मोबाइल नंबर और निवास प्रमाण पत्र जैसे सामान्य प्रपत्र जमा करने होंगे। हालांकि, जिनका मिलान नहीं होगा, उन्हें 13 प्रपत्रों में से दो प्रपत्र साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने होंगे।
विज्ञापन
प्रशिक्षण सत्र में बीएलओ द्वारा एक महत्वपूर्ण शिकायत उठाई गई कि एक ही मकान संख्या में रहने वाले हिंदू और मुस्लिम मतदाताओं के वोट अलग-अलग सूचीबद्ध हो गए हैं। एसडीएम ने इस समस्या को स्वीकार करते हुए बताया कि शहरी क्षेत्रों में मकान नंबरों की कमी के कारण मतदाता सूची में अनुभागों का सही विभाजन नहीं हो पाता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगर पालिका के सहयोग से बीएलओ और सुपरवाइजरों की संयुक्त टीम फॉर्म-8 भरवाकर इस समस्या का समाधान करेगी।
विज्ञापन