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डॉक्टर की लेटलतीफी पर हंगामा
Thu, 21 Feb 2019 12:03 AM IST
gaurav gaurav
kannauj
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Published by: gaurav gaurav
Updated Thu, 21 Feb 2019 12:03 AM IST
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अस्पताल की ओपीडी में खड़े लोग ।
- फोटो : amarujala
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की लेटलतीफी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है। बुधवार को जब मरीजों ने देर से आए एक चिकित्सक को टोका तो वह मरीजों पर भड़क उठे। मरीजों को खरीखोटी सुना दी। इससे अस्पताल में काफी देर तक हंगामा होता रहा। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उस समय हंगामा शुरू हो गया, जब सुबह करीब 11 बजे एक चिकित्सक अस्पताल पहुंचे। पहले से इंतजार कर रहे मरीजों ने इनसे देर से आने की बात कही। इस पर वह मरीजों पर भड़क गए। चिल्लाना शुरू कर दिया। चिकित्सक ने कहा कि चाहें तो उनकी आला अधिकारियों से शिकायत कर दें। इससे हंगामा शुरू हो गया। मरीजों और तीमारदारों का आरोप था कि वह लोग करीब 10 बजे से चिकित्सक की तलाश में भटक रहे हैं। एक घंटे इंतजार के बाद डॉक्टर साहब आए तो उन पर ही झल्ला उठे। हुआ यह कि काफी देर इंतजार के बाद जब कोई डॉक्टर नहीं आया, तब किसी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को फोन कर मामले की जानकारी दी। इसके कुछ देर बाद ही चिकित्सक अस्पताल पहुंचे। संबंधित चिकित्सक ने बताया कि वह सिर्फ आधे घंटे के लिए लंच करने कमरे पर गए थे। उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। वहीं प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अजहर सिद्दीकी का कहना है कि वह कन्नौज मीटिंग में गए थे। फोन पर उन्हें सूचना मिली है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उस समय हंगामा शुरू हो गया, जब सुबह करीब 11 बजे एक चिकित्सक अस्पताल पहुंचे। पहले से इंतजार कर रहे मरीजों ने इनसे देर से आने की बात कही। इस पर वह मरीजों पर भड़क गए। चिल्लाना शुरू कर दिया। चिकित्सक ने कहा कि चाहें तो उनकी आला अधिकारियों से शिकायत कर दें। इससे हंगामा शुरू हो गया। मरीजों और तीमारदारों का आरोप था कि वह लोग करीब 10 बजे से चिकित्सक की तलाश में भटक रहे हैं। एक घंटे इंतजार के बाद डॉक्टर साहब आए तो उन पर ही झल्ला उठे। हुआ यह कि काफी देर इंतजार के बाद जब कोई डॉक्टर नहीं आया, तब किसी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को फोन कर मामले की जानकारी दी। इसके कुछ देर बाद ही चिकित्सक अस्पताल पहुंचे। संबंधित चिकित्सक ने बताया कि वह सिर्फ आधे घंटे के लिए लंच करने कमरे पर गए थे। उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। वहीं प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अजहर सिद्दीकी का कहना है कि वह कन्नौज मीटिंग में गए थे। फोन पर उन्हें सूचना मिली है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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