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डिंपल ने गोद लिया पर मरहम न लगाया
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Mon, 13 Apr 2015 11:52 PM IST
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी सांसद डिंपल यादव ने ग्राम पंचायत सैय्यदपुर सकरी को गोद लिया तो यहां के ग्रामीण खिलखिला पड़े। उनके चेहरे पर गजब की मुस्कान दिखी। यहां के ग्रामीणों में अतिरिक्त खुशी इस बात की थी कि वे वीवीआईपी संसदीय क्षेत्र के सबसे खास गांव के लोग हैं। लेकिन बारिश और ओलावृष्टि से हुई तबाही के बाद सांसद ने गांव में आने की भी जरूरत नहीं समझी।
जिले के किसान पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं, इसके बाद भी गोद लिए गांव की कौन कहें, समूचे संसदीय क्षेत्र में उनकी झलक नहीं दिखाई पड़ी। ऐसे में किसान यह कहते फिर रहे हैं कि सांसद ने गांव को गोद तो लिया, लेकिन इन दिनों समूचे क्षेत्र कराह रहा है। ऐसे में एक बार भी उनके जख्मों पर मरहम लगाने की जरूरत नहीं समझा।
गोद लिए गांव में महज 92 किसानों को ही राहत चेक मिल पाई है। जबकि गांव में श्रेणी-1 के 371 खातेधारक है। वहीं गांव में खेतिहर भूमि का रकवा 171.7910 हेक्टेयर है। प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो शासन से अधिक नुकसान वाले किसानों के खेतों का सर्वे पहले करने का आदेश आया था।
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इसके चलते कम नुकसान वाले किसान छूट गए थे। फिलहाल सर्वे का काम चल रहा है। सैकड़ों की संख्या में ऐसे किसान हैं, जिनको अभी तक चेक नहीं मिली है। चेक न मिल पाने के कारण किसानों के गेहूं खेत में खड़े हुए हैं। या फिर गट्ठर बनाकर उन्हें खेत पर छोड़ रखा है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम इसी तरह का रहा तो गेहूं से जो कुछ थोड़ा बहुत निकलने की उम्मीद है, वह भी खत्म हो जाएगी।
लेखपाल पर भेदभाव का आरोप
गांव के किसान जैनुद्दीन का कहना है कि क्षेत्रीय लेखपाल अजय अवस्थी ने जिन किसानों के खेतों में मक्का सहित दूसरी फसलें खड़ी थी। उनको पहले राहत चेक प्रदान कर दी, लेकिन उनको अभी तक चेक नहीं मिली है। सांसद द्वारा गांव को गोद लेने से पानी की टंकी, संपर्क मार्ग, पौधरोपण, ट्रांसफार्मर सहित अन्य विकास कार्य की योजनाएं चल रही हैं। इस कारण ग्रामीणों को उनसे कोई शिकवा नहीं है।
बड़े किसानों के खेतों का पहले सर्वे
किसान मुख्तयार का कहना था कि खेतों में अभी भी किसानों की फसलें वैसे ही पड़ी हुई हैं। क्षेत्रीय लेखपाल ने बड़े किसानों के खेतों का सर्वे पहले कर लिया है। वह लोग बराबर सर्वे कराए जाने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
उच्चाधिकारियों के पास ले जाएंगे मामला
गांव के किसान जगदीश चंद्र सैनी का कहना है कि शासन से मिल रही राहत की चेक से कोई भला नहीं होने वाला है। किसानों का काफी नुकसान हुआ है। साल भर परिवार का भरण-पोषण करने में काफी दिक्कतें उठानी पड़ेंगी। क्षेत्रीय लेखपाल सर्वे कार्य में बराबर लापरवाही बरत रहा है। मन माफिक लोगों के नाम लिखकर भेजे जा रहे हैं। यदि उन लोगों के नाम नहीं शामिल हुआ तो वह उच्चाधिकारियों के पास अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे।
लखनऊ में बैठकर गोद ले लिया गांव
सैय्यदपुर सकरी निवासी ब्रजमोहन प्रजापति से सांसद के न आने पर पूछा गया तो उनका कहना था कि उनका गांव सांसद ने लखनऊ में बैठकर गोद ले लिया। एक भी बार दौरा नहीं किया। उनको गांव आना चाहिए आखिर हम भी जाने की गोद लेने वाले हमारे मां-बाप कौन हैं।
सर्वे करके सौ किसानों को किया गया शामिल
ग्राम प्रधान इखलाक खां ने बताया कि प्रशासन ने पिछले दिनों 92 किसानों को राहत चेक का वितरण कराया। इसके अलावा सर्वे कार्य चल रहा है। करीब एक सैकड़ा किसानों के नाम और सूची में शामिल किए गए हैं। जिनको चेक मिलेंगी। सांसद डिंपल यादव के गांव के गोद लेने से गांव में कई विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। गांव में पौधरोपण, ट्री गार्ड, सामुदायिक केंद्र के अलावा गांव की सभी गलियों को सीसी कराया जा रहा है।
शासन से पहले 50 प्रतिशत से अधिक के नुकसान वाली फसलों का आकलन करने के निर्देश दिए गए थे। 33 फीसदी फसल के नुकसान का मुआवजा दिए जाने का आदेश अभी आया है। इसके बावजूद भी किसानों की हर संभव मदद की जा रही है। सदर तहसील को तीन करोड़ पांच लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई थी। जिसमें 2 करोड़ 41 लाख का वितरण कराया जा चुका है। शासन से कन्नौज तहसील के लिए 22 करोड़ की डिमांड भेजी गई है।
राजेश कुमार, तहसीलदार
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जिले के किसान पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं, इसके बाद भी गोद लिए गांव की कौन कहें, समूचे संसदीय क्षेत्र में उनकी झलक नहीं दिखाई पड़ी। ऐसे में किसान यह कहते फिर रहे हैं कि सांसद ने गांव को गोद तो लिया, लेकिन इन दिनों समूचे क्षेत्र कराह रहा है। ऐसे में एक बार भी उनके जख्मों पर मरहम लगाने की जरूरत नहीं समझा।
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गोद लिए गांव में महज 92 किसानों को ही राहत चेक मिल पाई है। जबकि गांव में श्रेणी-1 के 371 खातेधारक है। वहीं गांव में खेतिहर भूमि का रकवा 171.7910 हेक्टेयर है। प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो शासन से अधिक नुकसान वाले किसानों के खेतों का सर्वे पहले करने का आदेश आया था।
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इसके चलते कम नुकसान वाले किसान छूट गए थे। फिलहाल सर्वे का काम चल रहा है। सैकड़ों की संख्या में ऐसे किसान हैं, जिनको अभी तक चेक नहीं मिली है। चेक न मिल पाने के कारण किसानों के गेहूं खेत में खड़े हुए हैं। या फिर गट्ठर बनाकर उन्हें खेत पर छोड़ रखा है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम इसी तरह का रहा तो गेहूं से जो कुछ थोड़ा बहुत निकलने की उम्मीद है, वह भी खत्म हो जाएगी।
लेखपाल पर भेदभाव का आरोप
गांव के किसान जैनुद्दीन का कहना है कि क्षेत्रीय लेखपाल अजय अवस्थी ने जिन किसानों के खेतों में मक्का सहित दूसरी फसलें खड़ी थी। उनको पहले राहत चेक प्रदान कर दी, लेकिन उनको अभी तक चेक नहीं मिली है। सांसद द्वारा गांव को गोद लेने से पानी की टंकी, संपर्क मार्ग, पौधरोपण, ट्रांसफार्मर सहित अन्य विकास कार्य की योजनाएं चल रही हैं। इस कारण ग्रामीणों को उनसे कोई शिकवा नहीं है।
बड़े किसानों के खेतों का पहले सर्वे
किसान मुख्तयार का कहना था कि खेतों में अभी भी किसानों की फसलें वैसे ही पड़ी हुई हैं। क्षेत्रीय लेखपाल ने बड़े किसानों के खेतों का सर्वे पहले कर लिया है। वह लोग बराबर सर्वे कराए जाने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
उच्चाधिकारियों के पास ले जाएंगे मामला
गांव के किसान जगदीश चंद्र सैनी का कहना है कि शासन से मिल रही राहत की चेक से कोई भला नहीं होने वाला है। किसानों का काफी नुकसान हुआ है। साल भर परिवार का भरण-पोषण करने में काफी दिक्कतें उठानी पड़ेंगी। क्षेत्रीय लेखपाल सर्वे कार्य में बराबर लापरवाही बरत रहा है। मन माफिक लोगों के नाम लिखकर भेजे जा रहे हैं। यदि उन लोगों के नाम नहीं शामिल हुआ तो वह उच्चाधिकारियों के पास अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे।
लखनऊ में बैठकर गोद ले लिया गांव
सैय्यदपुर सकरी निवासी ब्रजमोहन प्रजापति से सांसद के न आने पर पूछा गया तो उनका कहना था कि उनका गांव सांसद ने लखनऊ में बैठकर गोद ले लिया। एक भी बार दौरा नहीं किया। उनको गांव आना चाहिए आखिर हम भी जाने की गोद लेने वाले हमारे मां-बाप कौन हैं।
सर्वे करके सौ किसानों को किया गया शामिल
ग्राम प्रधान इखलाक खां ने बताया कि प्रशासन ने पिछले दिनों 92 किसानों को राहत चेक का वितरण कराया। इसके अलावा सर्वे कार्य चल रहा है। करीब एक सैकड़ा किसानों के नाम और सूची में शामिल किए गए हैं। जिनको चेक मिलेंगी। सांसद डिंपल यादव के गांव के गोद लेने से गांव में कई विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। गांव में पौधरोपण, ट्री गार्ड, सामुदायिक केंद्र के अलावा गांव की सभी गलियों को सीसी कराया जा रहा है।
शासन से पहले 50 प्रतिशत से अधिक के नुकसान वाली फसलों का आकलन करने के निर्देश दिए गए थे। 33 फीसदी फसल के नुकसान का मुआवजा दिए जाने का आदेश अभी आया है। इसके बावजूद भी किसानों की हर संभव मदद की जा रही है। सदर तहसील को तीन करोड़ पांच लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई थी। जिसमें 2 करोड़ 41 लाख का वितरण कराया जा चुका है। शासन से कन्नौज तहसील के लिए 22 करोड़ की डिमांड भेजी गई है।
राजेश कुमार, तहसीलदार