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Kannauj News: चेक मीटरों की रीडिंग में अंतर, रिचार्ज बना टेंशन
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कन्नौज। जिले में स्मार्ट मीटरों को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने में बिजली विभाग जुटा है। इसी क्रम में 3572 उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटरों के साथ चेक मीटर लगाए गए थे। शुक्रवार को आई रिपोर्ट में स्मार्ट मीटर रीडिंग में अंतर मिला।
आरडीएसएस योजना के तहत जिले में अब तक 83 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इन मीटरों को प्रीपेड में बदला गया है। स्मार्ट मीटरों के तेज चलने और गलत रीडिंग जैसी शिकायतें थीं। इन शिकायतों को दूर करने के लिए 3572 चेक मीटर लगाए गए। शहर में 1100 उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटरों के साथ चेक मीटर लगाकर हकीकत परखी गई।
विभाग के अफसरों के निर्देशन में इनकी जांच कराई गई। पड़ताल में दोनों मीटरों में बिजली की अंतर मिला। अमर उजाला की टीम ने शहर के कई हिस्सों में स्मार्ट मीटरों की हकीकत जांची। गोलकुआं के पास रहने वाली बीना पाठक और जुमली देवी के घरों में भी रीडिंग में कोई अंतर नहीं देखा गया।
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मीटर विभाग के सर्किल इंचार्ज सुशांत सक्सेना ने उपभोक्ताओं से भ्रम में न पड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर सुविधाजनक हैं और खपत के अनुसार ही बिल बनता है। अधिशासी अभियंता मगन सिंह ने बताया कि स्मार्ट मीटर बिजली खपत को सटीक मापते हैं। यह बिजली चोरी रोकने की एक सुरक्षित और आधुनिक तकनीक है। उन्होंने उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर से न डरने को कहा। सरकार ने प्रीपेड की जगह पोस्टपेड सुविधा शुरू कर दी है। पोस्टपेड व्यवस्था पर तेजी से काम किया जा रहा है।
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आरडीएसएस योजना के तहत जिले में अब तक 83 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इन मीटरों को प्रीपेड में बदला गया है। स्मार्ट मीटरों के तेज चलने और गलत रीडिंग जैसी शिकायतें थीं। इन शिकायतों को दूर करने के लिए 3572 चेक मीटर लगाए गए। शहर में 1100 उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटरों के साथ चेक मीटर लगाकर हकीकत परखी गई।
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विभाग के अफसरों के निर्देशन में इनकी जांच कराई गई। पड़ताल में दोनों मीटरों में बिजली की अंतर मिला। अमर उजाला की टीम ने शहर के कई हिस्सों में स्मार्ट मीटरों की हकीकत जांची। गोलकुआं के पास रहने वाली बीना पाठक और जुमली देवी के घरों में भी रीडिंग में कोई अंतर नहीं देखा गया।
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मीटर विभाग के सर्किल इंचार्ज सुशांत सक्सेना ने उपभोक्ताओं से भ्रम में न पड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर सुविधाजनक हैं और खपत के अनुसार ही बिल बनता है। अधिशासी अभियंता मगन सिंह ने बताया कि स्मार्ट मीटर बिजली खपत को सटीक मापते हैं। यह बिजली चोरी रोकने की एक सुरक्षित और आधुनिक तकनीक है। उन्होंने उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर से न डरने को कहा। सरकार ने प्रीपेड की जगह पोस्टपेड सुविधा शुरू कर दी है। पोस्टपेड व्यवस्था पर तेजी से काम किया जा रहा है।