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कूड़े के ढेर में पड़ी मिली जीवन रक्षक दवाइयां
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dawai
- फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। करीब दो साल से बंद पड़े ट्रामा सेंटर में लाखों रुपये की जीवन रक्षक दवाएं कूड़े के ढेर में मिली हैं। संसाधन व चिकित्सा कर्मचारियों की कमी के चलते करीब दो साल से ट्रामा सेंटर बंद है।
इस भवन में अब जिला अस्पताल चौकी और 108 नंबर एंबुलेंस चालकों के आवास हैं। शनिवार को ट्रामा सेेेंटर के एक कमरे में डाइसाइक्लोसिन समेत करीब पांच प्रकार की दवाएं तथा निडिल कूड़े के ढेर में पड़ी मिलीं। डाइसाइक्लोसिन दवा सितंबर 2021 में एक्सपायर हुई है। यह पेट दर्द की दवा होती है। जबकि अन्य दवाएं उपयोगी हैं। सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि सरकारी दवाएं कहां से आई हैं। इसकी जांच कराई जाएगी।
वहीं जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट डॉक्टर जितेंद्र कटियार ने बताया कि कूड़े के ढेर में मिली दवाइयों की आमद नहीं हुई है। बाहर से दवाओं को लाकर यहां फेंक दिया गया है।
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इस भवन में अब जिला अस्पताल चौकी और 108 नंबर एंबुलेंस चालकों के आवास हैं। शनिवार को ट्रामा सेेेंटर के एक कमरे में डाइसाइक्लोसिन समेत करीब पांच प्रकार की दवाएं तथा निडिल कूड़े के ढेर में पड़ी मिलीं। डाइसाइक्लोसिन दवा सितंबर 2021 में एक्सपायर हुई है। यह पेट दर्द की दवा होती है। जबकि अन्य दवाएं उपयोगी हैं। सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि सरकारी दवाएं कहां से आई हैं। इसकी जांच कराई जाएगी।
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वहीं जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट डॉक्टर जितेंद्र कटियार ने बताया कि कूड़े के ढेर में मिली दवाइयों की आमद नहीं हुई है। बाहर से दवाओं को लाकर यहां फेंक दिया गया है।
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