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तीन माह में जिला अस्पताल पहुंचे 555 डायरिया रोगी
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Tue, 25 Jul 2017 12:11 AM IST
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मरीज
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले में बढ़ते डायरिया को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। स्वास्थ्य टीमें गांव पहुंचकर उपचार दे रही हैं। जिला अस्पताल के आंकड़ों की माने तो तीन माह में 555 मरीजों ने डायरिया का उपचार कराया।
गांवों में गंदगी के कारण अधिकतर डायरिया रोग की चपेट में ग्रामीण आ रहे हैं। इसके लिए जिला प्रशासन ने कोई बंदोबस्त नहीं किया है। अधिकतर गांव से सफाई कर्मचारी नदारद हैं, लेकिन उनकी ओर किसी की भी नजर नहीं जा रही है। जिसके फलस्वरूप डायरिया के रोगियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। सरकारी अस्पतालों में उपचार की बेहतर व्यवस्था होने के कारण भर्ती होने वाले मरीज ठीक हो रहे हैं।
सोमवार को जिला अस्पताल में पड़ताल के दौरान दो मरीज डायरिया से पीड़ित भर्ती मिले। परिजनों ने बताया कि उपचार से बच्चे को लाभ मिला है। अभी भी ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई जा रही है। साथ ही अन्य दवा भी दी जा रही है। डाक्टरों ने मंगलवार तक बच्चों के ठीक होने की बात कही है।
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वहीं, डाक्टरों ने मरीजों के साथ मौजूद तीमारदारों को बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। जिससे बच्चे दोबारा खान-पान के चलते बीमार न पडे़। अस्पताल प्रशासन की माने तो जिला अस्पताल में मई, जून व जुलाई में 555 मरीजों को डायरिया रोग से ग्रसित होने पर ओपीडी व इमरजेंसी के तहत भर्ती कराया गया है। इसी तरह जिले के मेडिकल कालेज, सीएचसी, पीएचसी में भी नियमित रूप से मरीज पहुंच रहे हैं।
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गांवों में गंदगी के कारण अधिकतर डायरिया रोग की चपेट में ग्रामीण आ रहे हैं। इसके लिए जिला प्रशासन ने कोई बंदोबस्त नहीं किया है। अधिकतर गांव से सफाई कर्मचारी नदारद हैं, लेकिन उनकी ओर किसी की भी नजर नहीं जा रही है। जिसके फलस्वरूप डायरिया के रोगियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। सरकारी अस्पतालों में उपचार की बेहतर व्यवस्था होने के कारण भर्ती होने वाले मरीज ठीक हो रहे हैं।
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सोमवार को जिला अस्पताल में पड़ताल के दौरान दो मरीज डायरिया से पीड़ित भर्ती मिले। परिजनों ने बताया कि उपचार से बच्चे को लाभ मिला है। अभी भी ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई जा रही है। साथ ही अन्य दवा भी दी जा रही है। डाक्टरों ने मंगलवार तक बच्चों के ठीक होने की बात कही है।
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वहीं, डाक्टरों ने मरीजों के साथ मौजूद तीमारदारों को बच्चों के खानपान पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। जिससे बच्चे दोबारा खान-पान के चलते बीमार न पडे़। अस्पताल प्रशासन की माने तो जिला अस्पताल में मई, जून व जुलाई में 555 मरीजों को डायरिया रोग से ग्रसित होने पर ओपीडी व इमरजेंसी के तहत भर्ती कराया गया है। इसी तरह जिले के मेडिकल कालेज, सीएचसी, पीएचसी में भी नियमित रूप से मरीज पहुंच रहे हैं।