{"_id":"571526e14f1c1b4b6e8b4b62","slug":"residential-school-29-students-ill-after-drinking-milk","type":"story","status":"publish","title_hn":"आवासीय स्कूल की 29 छात्राएं दूध पीकर बीमार ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आवासीय स्कूल की 29 छात्राएं दूध पीकर बीमार
kannauj, uttar pradesh, india
Updated Mon, 18 Apr 2016 11:56 PM IST
विज्ञापन
उपचार के लिए अस्पताल में बैठी आवासीय विद्यालय की बालिकाएं।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विहान बालिका आवासीय विद्यालय में सोमवार को दूध पीने के बाद 29 छात्राओं को उल्टी-दस्त शुरू हो गए। सभी को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां से आठ को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उपजिलाधिकारी महेश प्रसाद दीक्षित के निर्देश पर थानाध्यक्ष रजनेश कुमार चौहान ने दूध का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया। उन्होंने बीमार छात्राओं और विद्यालय के वार्डन से पूछताछ की।
वार्डन ने ठेकेदार पर घटिया दूध सप्लाई करने का आरोप लगाया है। एसडीएम का कहना है कि जांच में दूध घटिया मिला तो ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई होगी। महिला कामाख्या उत्तर प्रदेश की ओर से संचालित विहान बालिका आवासीय विद्यालय कस्बे के सीजेएस महाविद्यालय की बिल्डिंग में है। यहां कक्षा एक से आठ तक की 100 बालिकाएं पंजीकृत हैं। सोमवार को 80 बालिकाएं उपस्थित थीं। इन्हें सुबह दूध दिया गया। दूध पीते ही छात्राओं की हालत बिगड़ने लगी।
यह देख वार्डन रेखारानी चौधरी ने दूध का वितरण रुकवा दिया लेकिन तब तक 29 बालिकाएं दूध पी चुकी थीं। उल्टी-दस्त से पीड़ित सभी छात्राओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां से रूपवती, गायत्री, प्रिया, काजल, प्रतिभा, संगीता, मनीषा और सोनम की हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डाक्टर ने बताया कि सभी छात्राएं फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुईं हैं। बीमार छात्राओं के परिजन भी मौके पर पहुंच गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
वार्डन ने ठेकेदार पर घटिया दूध सप्लाई करने का आरोप लगाया है। एसडीएम का कहना है कि जांच में दूध घटिया मिला तो ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई होगी। महिला कामाख्या उत्तर प्रदेश की ओर से संचालित विहान बालिका आवासीय विद्यालय कस्बे के सीजेएस महाविद्यालय की बिल्डिंग में है। यहां कक्षा एक से आठ तक की 100 बालिकाएं पंजीकृत हैं। सोमवार को 80 बालिकाएं उपस्थित थीं। इन्हें सुबह दूध दिया गया। दूध पीते ही छात्राओं की हालत बिगड़ने लगी।
विज्ञापन
यह देख वार्डन रेखारानी चौधरी ने दूध का वितरण रुकवा दिया लेकिन तब तक 29 बालिकाएं दूध पी चुकी थीं। उल्टी-दस्त से पीड़ित सभी छात्राओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां से रूपवती, गायत्री, प्रिया, काजल, प्रतिभा, संगीता, मनीषा और सोनम की हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डाक्टर ने बताया कि सभी छात्राएं फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुईं हैं। बीमार छात्राओं के परिजन भी मौके पर पहुंच गए हैं।
विज्ञापन