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हत्या में पांच सगे भाइयों को उम्रकैद
अमर उजाला/कन्नौज
Updated Thu, 29 Sep 2016 12:39 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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चार वर्ष पहले घर में घुसकर हत्या करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने पांच सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पांचों से जुर्माने के रूप में 55 हजार रुपये वसूलने का आदेश भी दिया गया है। वसूले गए अर्थदंड से 50 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को दिए जाएंगे।
शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि गुरसहायगंज के नैनापुर गांव निवासी महेंद्र सिंह पुत्र हुमान सिंह ने 30 जून 2012 में लिखाई रिपोर्ट में बताया कि वह इस दिन अपने घर के बाहर बने चबूतरे पर लगे पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। तभी उसने घर के अंदर से फायर होने की आवाज सुनी। फायर सुनते ही वह घर के अंदर दौड़ कर पहुंचा तो उसने देखा की उसके घर के आंगन में गांव के जयवीर सिंह, सुनील, अनिल कुमार, जगदीश, रामनिवास पुत्रगण खुमान सिंह अपने हाथों में अवैध असलहे लिए खडे़ थे।
आंगन में उसका 20 वर्षीय पुत्र रजनेश खून से लथपथ घायल अवस्था में पड़ा था। उसे देखते ही पांचों भाई पीछे से कूदकर भाग गए। बताया कि गोली लगने से घायल उसके बेटे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जमीन को लेकर मृतक का पांच भाइयों से विवाद चल रहा था। विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक ओमप्रकाश सिंह को सौंपी गई। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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साथ ही पांचाें आरोपियाें से जुर्माने के रूप में 55 हजार रुपये वसूलने का आदेश भी दिया गया है। वसूले गए अर्थदंड से 50 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने का आदेश दिया गया। आरोपियों में रामनिवास से विवेचना के दौरान ही तमंचा जब्त किया गया था। रामनिवास से जुर्माने के रूप में पांच हजार रुपये अतिरिक्त वसूलने के आदेश दिया है।
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शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि गुरसहायगंज के नैनापुर गांव निवासी महेंद्र सिंह पुत्र हुमान सिंह ने 30 जून 2012 में लिखाई रिपोर्ट में बताया कि वह इस दिन अपने घर के बाहर बने चबूतरे पर लगे पेड़ के नीचे आराम कर रहा था। तभी उसने घर के अंदर से फायर होने की आवाज सुनी। फायर सुनते ही वह घर के अंदर दौड़ कर पहुंचा तो उसने देखा की उसके घर के आंगन में गांव के जयवीर सिंह, सुनील, अनिल कुमार, जगदीश, रामनिवास पुत्रगण खुमान सिंह अपने हाथों में अवैध असलहे लिए खडे़ थे।
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आंगन में उसका 20 वर्षीय पुत्र रजनेश खून से लथपथ घायल अवस्था में पड़ा था। उसे देखते ही पांचों भाई पीछे से कूदकर भाग गए। बताया कि गोली लगने से घायल उसके बेटे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जमीन को लेकर मृतक का पांच भाइयों से विवाद चल रहा था। विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक ओमप्रकाश सिंह को सौंपी गई। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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साथ ही पांचाें आरोपियाें से जुर्माने के रूप में 55 हजार रुपये वसूलने का आदेश भी दिया गया है। वसूले गए अर्थदंड से 50 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने का आदेश दिया गया। आरोपियों में रामनिवास से विवेचना के दौरान ही तमंचा जब्त किया गया था। रामनिवास से जुर्माने के रूप में पांच हजार रुपये अतिरिक्त वसूलने के आदेश दिया है।