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पुत्र को बचाने के प्रयास में पिता की भी जान गई

Sun, 29 Oct 2017 12:11 AM IST
kannauj
kannauj Updated Sun, 29 Oct 2017 12:11 AM IST
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Father also knew in an attempt to save the son
हादसे के बाद सदमे में बैठा अमन बाथम। - फोटो : अमर उजाला
गुरसहायगंज। पुत्र को बचाने के प्रयास में पिता भी अपनी जान दे बैठा। उसके साले ने रेलवे ट्रैक से कूदकर किसी प्रकार अपनी जान बचा ली। आंखों के सामने हुए दर्दनाक हादसे को देखने के बाद अमन बाथम कई घंटों तक गुरसहायगंज रेलवे स्टेशन पर सदमे में रहा। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर एक ही स्ट्रेचर पर एक साथ पिता-पुत्र के शव एक ही कपडे़ बंधे देख वहां मौजूद लोगों की भी आंखें नम हो गईं।
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जनपद कन्नौज और फर्रुखाबाद की सीमा पर काली नदी की पुल पर शनिवार सुबह अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस से हुए हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ लगी रही। इस घटना के कई चश्मदीद गवाह गुरसहायगंज स्टेशन पर पहुंचे। इन लोगों ने जब घटना का मंजर बयां किया तो लोगों की आंखों की नम हो गईं। रावेंद सक्सेना के साले अमन बाथम के मुताबिक, आठ वर्षीय भांजा नितिन पास ही स्थित एक निजी विद्यालय में पढ़ता था।
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शनिवार को मां अनीता ने उसे स्कूल जाने के लिए तैयार किया था, लेकिन पिता के साथ रेलवे पुल पर पहुंच गया था। ट्रेन के गार्ड पीएस राना ने बताया कि चालक ने ट्रैक पर लोगों को देखकर ट्रेन की स्पीड को कम करने की कोशिश की, स्पीड अधिक होने के कारण चालक ट्रेन को नहीं रोक सका।  
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