{"_id":"5946c8cd4f1c1b89778b4854","slug":"explosion-intensity-was-showing-destruction","type":"story","status":"publish","title_hn":"विस्फोट की तीव्रता बता रही थी तबाही का मंजर ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
विस्फोट की तीव्रता बता रही थी तबाही का मंजर
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Mon, 19 Jun 2017 12:09 AM IST
विज्ञापन
मलबा हटाती क्रेन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांशीराम कालोनी के ब्लाक नंबर 39 की ऊपरी मंजिल पर बने आवास में रविवार की सुबह तेज धमाके के बाद मकान का मलबा दूर-दूर तक बिखर गया। वहीं, जंगला लगभग 200 मीटर दूर जा गिरा। तेज धमाके से कालोनी के लोग सहम गए। दोपहर बाद पहुंची एटीएस और बम निरोधक दस्ते ने घटनास्थल की सघन तलाशी ली।
विज्ञापन
रविवार सुबह कांशीराम कालोनी में अधिकांश लोग घरों में सो रहे थे, तो मजदूर तबके के लोग काम पर जा चुके थे। ब्लाक नंबर 39 की तीसरी मंजिल पर बने आवास में तेज धमाका हुआ। पहले तो लोग गैस सिलेंडर फटने की आशंका से भयभीत हो गए। बाद में धुएं का गुबार और गंध से पता चला कि यह बारूदी विस्फोट था। तबाही का मंजर विस्फोट की तीव्रता को बयां कर रहा था। तीसरी मंजिल पर बने आवास के कमरों की दीवारें फट गईं।
विज्ञापन
किचन, शौचालय व बाथरूम ध्वस्त हो गया। मकान का लेंटर धराशायी हो गया। लोगों का कहना था कि यदि यही विस्फोट ग्राउंडफ्लोर के आवास पर होता तो पूरा ब्लाक धराशायी हो जाता। दोपहर बाद पहुंची एटीएस व बम स्क्वायड की टीम ने छानबीन की। वहीं, कानपुर से आई फोरेंसिक टीम ने कई नमूने एकत्र किए। पुलिस अधीक्षक हरीश चंदर का कहना है कि विस्फोटक पदार्थ की तलाश की जा रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद पता चल सकेगा कि विस्फोटक में किन-किन रासायनिक तत्वों का इस्तेमाल किया गया था।
विज्ञापन