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पांच हजार का इनामी गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Sun, 30 Jul 2017 11:45 PM IST
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पुलिस की गिरफ्त में सुनील नट।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शनिवार की देर रात सर्विलांस टीम प्रभारी कुलदीप दीक्षित और तिर्वा कोतवाली प्रभारी आलोक सिंह यादव ने तिर्वा कस्बे के इंदरगढ़ चौराहे के पास घेराबंदी कर पांच हजार रुपये के इनामी बदमाश विधईपुर्वा तिर्वा निवासी सुनील नट उर्फ अजय पुत्र राम प्रकाश को मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया। उसके कब्जे से पुलिस ने एक 315 बोर का तमंचा और एक कारतूस बरामद किया है।
रविवार को पुलिस कार्यालय में वारदात का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक केशव चंद्र गोस्वामी ने बताया कि पकड़ा गया सुनील नट पांच साल से फरार चल रहा था। उस पर पांच हजार का इनाम था। 2012 में एनकाउंटर के दौरान मारे गए 50 हजार रुपये के इनामी हजारी नट का साला है। इसके बाद से गैंग को सुनील आपरेट करता रहा था। पकड़े गए सुनील नट के खिलाफ जिले के कई थानों में आठ से अधिक हत्या, लूटपाट व चोरी के मुकदमे दर्ज हैं।
सर्विलांस टीम प्रभारी कुलदीप दीक्षित ने बताया कि पांच साल पूर्व सुनील नट जिला छोड़कर हरियाणा चला गया था। हाल में ही जिले में वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में आया था। उसके फरार साथियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
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साले और साथी के साथ ढेर हुआ था हजारी नट
जिले के विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के गांव नगला सधू निवासी हजारी नट कुख्यात बदमाश था। जनपद समेत औरया, इटावा, फर्रुखाबाद व मैनपुरी समेत कई जनपदों में हजारी नट का आतंक था। पुलिस ने उस पर 50 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। 2012 में इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के मंशुखपुरवा गांव के पास औरैया जनपद के तत्कालीन बेला थाना प्रभारी संजय यादव ने घेराबंदी कर हजारी नट समेत उसके साले गौरव नट और उस्मानपुर गांव निवासी कुलदीप उर्फ टिल्लू को एनकाउंटर के दौरान ढेर कर दिया था। इसके बाद उसके गैंग की कमान पत्नी सुनीता नट ने संभाली थी। जिसे 2015 में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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रविवार को पुलिस कार्यालय में वारदात का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक केशव चंद्र गोस्वामी ने बताया कि पकड़ा गया सुनील नट पांच साल से फरार चल रहा था। उस पर पांच हजार का इनाम था। 2012 में एनकाउंटर के दौरान मारे गए 50 हजार रुपये के इनामी हजारी नट का साला है। इसके बाद से गैंग को सुनील आपरेट करता रहा था। पकड़े गए सुनील नट के खिलाफ जिले के कई थानों में आठ से अधिक हत्या, लूटपाट व चोरी के मुकदमे दर्ज हैं।
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सर्विलांस टीम प्रभारी कुलदीप दीक्षित ने बताया कि पांच साल पूर्व सुनील नट जिला छोड़कर हरियाणा चला गया था। हाल में ही जिले में वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में आया था। उसके फरार साथियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
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साले और साथी के साथ ढेर हुआ था हजारी नट
जिले के विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के गांव नगला सधू निवासी हजारी नट कुख्यात बदमाश था। जनपद समेत औरया, इटावा, फर्रुखाबाद व मैनपुरी समेत कई जनपदों में हजारी नट का आतंक था। पुलिस ने उस पर 50 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। 2012 में इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के मंशुखपुरवा गांव के पास औरैया जनपद के तत्कालीन बेला थाना प्रभारी संजय यादव ने घेराबंदी कर हजारी नट समेत उसके साले गौरव नट और उस्मानपुर गांव निवासी कुलदीप उर्फ टिल्लू को एनकाउंटर के दौरान ढेर कर दिया था। इसके बाद उसके गैंग की कमान पत्नी सुनीता नट ने संभाली थी। जिसे 2015 में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।