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सगाई की तारीख की जिद पूरी न होने पर युवक ने फांसी लगाकर दी जान
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तालग्राम(कन्नौज)। सगाई की तारीख जल्द तय न होने से परेशान युवक ने शुक्रवार सुबह मफलर का फंदा बनाकर पेड़ से झूलकर जान दे दी। फांसी लगाने से पहले उसने चाचा को फोन कर खेत पर बुलाया था। चाचा के पहुंचने से पहले ही वह फांसी पर झूल गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गांव चांदापुर निवासी विनोद कुमार (22) पुत्र राजेंद्र सिंह बंजारा जसरा इलाहाबाद में रहकर होल सेल में साड़ी बेचने का काम करता था। पिता ने बताया कि इटावा के नरैनी गांव से शादी तय हो गई थी। धंधे के लिए जाते समय लगभग दो माह पहले एक्सीडेंट हो गया था। इलाज के बाद से विनोद घर पर रह रहा था। गुरुवार शाम मां से सगाई की तारीख जल्द तय करने की जिद करता रहा। परिजनों ने समझाया कि लड़की वाले अप्रैल में शादी करना चाह रहे हैं। इसके बाद बिना खाना खाए नाराज होकर सोने चला गया। वह शुक्रवार सुबह 8 बजे घर से निकल गया। चाचा हाकिम सिंह को फोन कर गांव से आधा किलोमीटर दूरी पर रामबरन के खेत में आने को कहा। वह पहुंचे तो फांसी के फंदे पर विनोद को झूलते देखा। उन्होंने परिजनों को जानकारी दी। आसपास गांव के लोगों की भीड़ लग गई। मां भूरी देवी, बहन बबली, सुमन का रो-रोककर बुरा हाल था। पिता राजेंद्र ने बताया कि विनोद चार पुत्रों में दूसरे नंबर का था। बेटे संजय व सुनील बाहर रहकर धंधा करते हैं। छोटा मुनीम घर पर रहता है। चार पुत्रियों में पूजा व आरती की शादी कर दी है। पिता की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक राजा दिनेश सिंह ने जांच पड़ताल की। चौकी प्रभारी अमोलर महेंद्र सिंह ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
चाचा जल्द पहुंच जाते तो बच सकती थी जान
तालग्राम। विनोद ने आत्महत्या करने से पहले चाचा हाकिम को फोन किया था। काफी देर तक वह इंतजार करता रहा। उनके न पहुंचने पर गुस्से में आकर पहले मोबाइल फोड़ डाला, फिर फांसी लगा ली। चाचा का कहना है कि अगर जल्दी पहुंच जाते तो समझाने पर वह मान जाता और जान बच सकती थी।
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सगाई में देरी पर युवक ने फांसी लगाकर दी जान
चाचा को फोन कर खेत पर बुलाया,चाचा के पहुंचने से पहले मफलर से फांसी का फंदा लगाकर दे दी जान
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गांव चांदापुर निवासी विनोद कुमार (22) पुत्र राजेंद्र सिंह बंजारा जसरा इलाहाबाद में रहकर होल सेल में साड़ी बेचने का काम करता था। पिता ने बताया कि इटावा के नरैनी गांव से शादी तय हो गई थी। धंधे के लिए जाते समय लगभग दो माह पहले एक्सीडेंट हो गया था। इलाज के बाद से विनोद घर पर रह रहा था। गुरुवार शाम मां से सगाई की तारीख जल्द तय करने की जिद करता रहा। परिजनों ने समझाया कि लड़की वाले अप्रैल में शादी करना चाह रहे हैं। इसके बाद बिना खाना खाए नाराज होकर सोने चला गया। वह शुक्रवार सुबह 8 बजे घर से निकल गया। चाचा हाकिम सिंह को फोन कर गांव से आधा किलोमीटर दूरी पर रामबरन के खेत में आने को कहा। वह पहुंचे तो फांसी के फंदे पर विनोद को झूलते देखा। उन्होंने परिजनों को जानकारी दी। आसपास गांव के लोगों की भीड़ लग गई। मां भूरी देवी, बहन बबली, सुमन का रो-रोककर बुरा हाल था। पिता राजेंद्र ने बताया कि विनोद चार पुत्रों में दूसरे नंबर का था। बेटे संजय व सुनील बाहर रहकर धंधा करते हैं। छोटा मुनीम घर पर रहता है। चार पुत्रियों में पूजा व आरती की शादी कर दी है। पिता की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक राजा दिनेश सिंह ने जांच पड़ताल की। चौकी प्रभारी अमोलर महेंद्र सिंह ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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चाचा जल्द पहुंच जाते तो बच सकती थी जान
तालग्राम। विनोद ने आत्महत्या करने से पहले चाचा हाकिम को फोन किया था। काफी देर तक वह इंतजार करता रहा। उनके न पहुंचने पर गुस्से में आकर पहले मोबाइल फोड़ डाला, फिर फांसी लगा ली। चाचा का कहना है कि अगर जल्दी पहुंच जाते तो समझाने पर वह मान जाता और जान बच सकती थी।
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सगाई में देरी पर युवक ने फांसी लगाकर दी जान
चाचा को फोन कर खेत पर बुलाया,चाचा के पहुंचने से पहले मफलर से फांसी का फंदा लगाकर दे दी जान