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फोटो 23केएनजेपी 22- सीओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे मंडी संचालक, ट्रक मालिक और पल्लेदार।
Updated Thu, 23 Aug 2018 11:12 PM IST
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कोतवाली पुलिस पर मौरंग मंडी से वसूली का आरोप लगाकर गुरुवार सुबह मंडी संचालकों, ट्रक मालिकों, चालकों और पल्लेदारों ने सीओ कार्यालय का घेराव किया। बाद में कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक मांगों को लेकर सीओ कार्यालय के बाहर हो-हल्ला मचाते रहे। बाद में सीओ ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब लोग शांत हुए।
कस्बे के इंदरगढ़ तिराहे पर कई वर्षों से अवैध ढंग से मौरंग मंडी का संचालन हो रहा है। मंडी संचालक, ट्रक मालिक, चालक और पल्लेदारों का आरोप है कि ट्रकों को यहां खड़ा करने के नाम पर तिर्वा पुलिस अवैध वसूली करती है। गुरुवार को नाराज लोगों ने सीओ कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया।
सीओ मोनिका यादव को बताया कि आए दिन उन लोगों के साथ कोतवाली पुलिस धन उगाही करती है। रोज सुबह पुलिस मंडी पहुंच जाती है और वहां वाहनों को हटवाने के नाम पर उनसे वसूली करती है। पैसे न देने पर मौरंग लदे ट्रकों की हवा निकाल दी जाती है। पल्लेदारों ने बताया कि पुलिस द्वारा परेशान किए जाने से ट्रक खड़ा होना कम हो गए हैं, इससे उनका धंधा चौपट होता जा रहा है।
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उधर, सीओ मोनिका यादव ने बताया कि मौरंग मंडी से आई शिकायत की जांच कराई जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। कोतवाल आमोद कुमार ने बताया कि मंडी अवैध रूप से लग रही है। ट्रकों को यहां खड़ा होने से जब रोका गया तो झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
करीब पांच माह पूर्व तत्कालीन एसडीएम अरुण कुमार ने मौरंग मंडी पर कार्रवाई की थी। उन्होेंने मौरंग और गाड़ी के दस्तावेजों में कमी मिलने पर 53 ट्रकों को सीज किया था और पुलिस कस्टडी में दिया था। लेकिन रात में 49 ट्रक पुलिस हिरासत में भाग निकले थे।
इस पर तत्कालीन कोतवाली प्रभारी पर एसपी ने कार्रवाई भी की थी। जिलाधिकारी ने भी सख्त रुख अख्तियार कर अवैध मौरंग मंडी को दोबारा यहां न लगने के निर्देश जारी किए थे। लेकिन इसके बाद भी यहां मंडी यहां बरकरार है।
मौरंग मंडी वालों ने सीओ दफ्तर घेरा
कोतवाली पुलिस पर मौरंग मंडी से वसूली का आरोप लगाकर किया हंगामा
मौरंग मंडी संचालक, ट्रक मालिक और पल्लेदारों ने दिया धरना
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कस्बे के इंदरगढ़ तिराहे पर कई वर्षों से अवैध ढंग से मौरंग मंडी का संचालन हो रहा है। मंडी संचालक, ट्रक मालिक, चालक और पल्लेदारों का आरोप है कि ट्रकों को यहां खड़ा करने के नाम पर तिर्वा पुलिस अवैध वसूली करती है। गुरुवार को नाराज लोगों ने सीओ कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया।
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सीओ मोनिका यादव को बताया कि आए दिन उन लोगों के साथ कोतवाली पुलिस धन उगाही करती है। रोज सुबह पुलिस मंडी पहुंच जाती है और वहां वाहनों को हटवाने के नाम पर उनसे वसूली करती है। पैसे न देने पर मौरंग लदे ट्रकों की हवा निकाल दी जाती है। पल्लेदारों ने बताया कि पुलिस द्वारा परेशान किए जाने से ट्रक खड़ा होना कम हो गए हैं, इससे उनका धंधा चौपट होता जा रहा है।
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उधर, सीओ मोनिका यादव ने बताया कि मौरंग मंडी से आई शिकायत की जांच कराई जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। कोतवाल आमोद कुमार ने बताया कि मंडी अवैध रूप से लग रही है। ट्रकों को यहां खड़ा होने से जब रोका गया तो झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
करीब पांच माह पूर्व तत्कालीन एसडीएम अरुण कुमार ने मौरंग मंडी पर कार्रवाई की थी। उन्होेंने मौरंग और गाड़ी के दस्तावेजों में कमी मिलने पर 53 ट्रकों को सीज किया था और पुलिस कस्टडी में दिया था। लेकिन रात में 49 ट्रक पुलिस हिरासत में भाग निकले थे।
इस पर तत्कालीन कोतवाली प्रभारी पर एसपी ने कार्रवाई भी की थी। जिलाधिकारी ने भी सख्त रुख अख्तियार कर अवैध मौरंग मंडी को दोबारा यहां न लगने के निर्देश जारी किए थे। लेकिन इसके बाद भी यहां मंडी यहां बरकरार है।
मौरंग मंडी वालों ने सीओ दफ्तर घेरा
कोतवाली पुलिस पर मौरंग मंडी से वसूली का आरोप लगाकर किया हंगामा
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