विज्ञापन

खरौली में दौड़ा हाईटेंशन लाइन का करंट, एक की मौत

Kanpur Bureau Updated Sun, 02 Sep 2018 11:49 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विज्ञापन
छिबरामऊ। विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम खरौली में हाईटेंशन लाइन का करंट दौड़ गया। करंट की चपेट में आने से एक ग्रामीण की मौत हो गई। विद्युत उपकरण छूने से गांव के कई अन्य लोगों को भी करंट के झटके लगे हैं।

ग्राम खरौली निवासी राधाकृष्ण (48) पुत्र श्यामलाल राजपूत रविवार की देर शाम घर के बाहर हैंडपंप में लगी सबमर्सिबल से पानी भर रहा था। हैंडपंप के हत्थे को पकड़ते ही वह करंट का झटका लगने से दूर जा गिरे। उसकी चीखपुकार सुन परिजन दौड़ पड़े और सौ शैय्या अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी सिरसा देवी, पुत्र आशीष व कौशलेंद्र के अलावा पुत्रियां अमिता देवी, अंजू देवी व कल्पना का रो-रोकर बुराहाल हो गया।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लाइन बिछने का काम चल रहा है। रविवार को किसी ने गांव में शटडाउन लेकर डीपी से अपना तार जोड़ लिया था। वह तार गांव से निकली हाईटेंशन लाइन से छू गया, जिससे पूरे गांव में एचटी लाइन का करंट दौड़ गया। प्रमोद की पत्नी प्रभा देवी पंखे का तार और भगत सिंह को बल्ब लगाते समय करंट का झटका लगा। कई अन्य लोगों को भी इसी तरह झटके लगे।


हाईटेंशन लाइन के करंट से अधेड़ की मौत
खरौली में दौड़ा करंट,कई लोगों झटका भी लगा
अमर उजाला ब्यूरो

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all crime news in Hindi. Stay updated with us for all breaking hindi news.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Kanpur

भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ थाने पर विधायक का धरना-प्रदर्शन

यूपी के कन्नौज में नहर में कूदकर आत्महत्या करने आई महिला को बचाने के बाद रोड पर लगी भीड़ को हटाने के दौरान सिपाहियों का बाइक सवार युवकों से विवाद हो गया। गाली-गलौज के बाद सिपाहियों और युवकों के बीच मारपीट हो गई।

26 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

स्कूल होने के बावजूद यहां खेतों में पढ़ाई कर रहे हैं बच्चे, जानिए वजह

सरकार बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए जहां कई उपक्रम अपना रही है, वहीं यूपी के इटावा में बच्चे खेतों में पढ़ने को मजबूर है। जानिए आखिर क्यों खेतों में पढ़ रहे बच्चे।

12 जुलाई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree