{"_id":"594ac38c4f1c1b8f578b47a2","slug":"111498071948-kannauj-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या में दो सगे भाइयों समेत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हत्या में दो सगे भाइयों समेत
Updated Thu, 22 Jun 2017 12:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। जमीन की रंजिश में हुई हत्या के मामले में जिला न्यायालय ने बुधवार को दो सगे भाइयों और एक अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई। जिला जज मुकेश प्रकाश ने सभी दोषियाें से 30-30 हजार व एक-एक हजार रुपये अर्थदंड वसूलने के आदेश दिए।
जिला शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद सालिम ने बताया कि 30 जनवरी 2010 को थाना तिर्वा के सिकरौरी गांव निवासी होरीलाल ने तिर्वा थाने में रिपोर्ट लिखाई थी। बताया कि गांव के ही घनश्याम, अशोक ने अपने एक अन्य साथी सोनू निवासी रतापुर्वा थाना तिर्वा के साथ मिलकर उसके भाई रघुवीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी।
आरोपियों के पिता रामसनेही की घटना से करीब 20 वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। जिससे रामसनेही की पत्नी उसके भाई रघुवीर सिंह के साथ रहने लगी। रामसनेही के नाम सात बीघा जमीन उसकी मौत के बाद पत्नी के नाम आ गई। वहीं, उसने जमीन रघुवीर सिंह के नाम बैनामा कर दी थी। इसी रंजिश में रामसनेही के दोनों पुत्राें ने उसके भाई की गोली मारकर हत्या कर दी।
विज्ञापन
जिला कोर्ट न्यायाधीश मुकेश प्रकाश ने तीनों को हत्या का दोषी माना और उम्रकैद की सजा सुनाई, साथ ही तीनों से 30-30 हजार रुपये अर्थदंड वसूले जाने का आदेश दिया। पुलिस को तीनों के पास से तमंचे भी बरामद हुए थे, जिसके चलते कोर्ट ने दोषियों को तीन-तीन वर्ष की अतिरिक्त सजा और एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया।
- सभी से 30-30 हजार अर्थदंड वसूलने के दिए आदेश
- दोषियों के पास तमंचा होने में तीन-तीन वर्ष की सजा
विज्ञापन
कन्नौज। जमीन की रंजिश में हुई हत्या के मामले में जिला न्यायालय ने बुधवार को दो सगे भाइयों और एक अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई। जिला जज मुकेश प्रकाश ने सभी दोषियाें से 30-30 हजार व एक-एक हजार रुपये अर्थदंड वसूलने के आदेश दिए।
जिला शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद सालिम ने बताया कि 30 जनवरी 2010 को थाना तिर्वा के सिकरौरी गांव निवासी होरीलाल ने तिर्वा थाने में रिपोर्ट लिखाई थी। बताया कि गांव के ही घनश्याम, अशोक ने अपने एक अन्य साथी सोनू निवासी रतापुर्वा थाना तिर्वा के साथ मिलकर उसके भाई रघुवीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी।
विज्ञापन
आरोपियों के पिता रामसनेही की घटना से करीब 20 वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। जिससे रामसनेही की पत्नी उसके भाई रघुवीर सिंह के साथ रहने लगी। रामसनेही के नाम सात बीघा जमीन उसकी मौत के बाद पत्नी के नाम आ गई। वहीं, उसने जमीन रघुवीर सिंह के नाम बैनामा कर दी थी। इसी रंजिश में रामसनेही के दोनों पुत्राें ने उसके भाई की गोली मारकर हत्या कर दी।
विज्ञापन
जिला कोर्ट न्यायाधीश मुकेश प्रकाश ने तीनों को हत्या का दोषी माना और उम्रकैद की सजा सुनाई, साथ ही तीनों से 30-30 हजार रुपये अर्थदंड वसूले जाने का आदेश दिया। पुलिस को तीनों के पास से तमंचे भी बरामद हुए थे, जिसके चलते कोर्ट ने दोषियों को तीन-तीन वर्ष की अतिरिक्त सजा और एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया।
- सभी से 30-30 हजार अर्थदंड वसूलने के दिए आदेश
- दोषियों के पास तमंचा होने में तीन-तीन वर्ष की सजा