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लेखपाल ने वृद्धा का 30 हजार महीना का जारी किया आय प्रमाण, संस्पेड
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कन्नौज। वृद्धा का आय प्रमाण पत्र बनवाने में रिश्वत लेने के आरोप में लेखपाल को सदर एसडीएम ने निलंबित कर दिया है। वहीं सरकारी जमीन के बैनामा में फर्जीवाड़ा करने के मामले में तहसीलदार और एक अन्य लेखपाल को नोटिस जारी किया है।
शहर की पटकाना मोहल्ले की रहने वाली कांति देवी (72) वर्षीय वृद्धा ने सदर तहसील में तैनात लेखपाल आनंद शंकर दीक्षित पर आरोप लगाया कि आय प्रमाण पत्र जारी करने के लिए उसने एक हजार रुपये रिश्वत मांगी है। रुपये मिलने के बाद गुरुवार को उनका आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया। वृद्धा ने सदर एसडीएम उमाकांत तिवारी को लेखपाल की करतूत का शिकायती पत्र सौंपा। एसडीएम ने शिकायती पत्र की जांच कराने के लिए तत्काल नायब तहसीलदार भूपेंद्र विक्रम सिंह को वृद्धा के घर भेजा। नायब तहसीलदार की जांच के दौरान लेखपाल के खिलाफ की गई शिकायत सही पाई गई। इस पर एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से लेखपाल को निलंबित कर दिया।
वही एक अन्य मामले में सदर तहसील क्षेत्र के मवई रिहायक गांव के रहने वाले सिंहराज ने सदर एसडीएम उमाकांत तिवारी को शिकायती पत्र देकर बताया था कि गांव की करीब पौने चार बीघा सरकारी जमीन के कुछ लोगों फर्जी कागजात तैयार कराकर औरैया क्षेत्र के रहने वाले दो लोगों बेच दिए हैं। सरकारी जमीन के खरीदारों ने तहसीलदार दफ्तर में जमीन का दाखिल खारिज कराने को प्रार्थना पत्र दिया है। तहसीलदार रामशंकर ने सरकारी जमीन के दाखिल खारिज को स्वीकृत भी कर दिया था। वहीं लेखपाल रामाधार ने सरकारी जमीन की जांच रिपोर्ट में गलत रिपोर्ट लगाते हुए दर्शाया कि यह जमीन सरकारी नहीं है।
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सदर एसडीएम उमाकांत तिवारी ने बताया कि सरकारी जमीन पर गलत जांच रिपोर्ट लगाने पर तहसीलदार रामशंकर और लेखपाल रामाधार को नोटिस जारी किया है। एक 72 साल की वृद्धा की शिकायत सहीं पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से लेखपाल आनंद शंकर दीक्षित को निलंबित किया है।
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शहर की पटकाना मोहल्ले की रहने वाली कांति देवी (72) वर्षीय वृद्धा ने सदर तहसील में तैनात लेखपाल आनंद शंकर दीक्षित पर आरोप लगाया कि आय प्रमाण पत्र जारी करने के लिए उसने एक हजार रुपये रिश्वत मांगी है। रुपये मिलने के बाद गुरुवार को उनका आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया। वृद्धा ने सदर एसडीएम उमाकांत तिवारी को लेखपाल की करतूत का शिकायती पत्र सौंपा। एसडीएम ने शिकायती पत्र की जांच कराने के लिए तत्काल नायब तहसीलदार भूपेंद्र विक्रम सिंह को वृद्धा के घर भेजा। नायब तहसीलदार की जांच के दौरान लेखपाल के खिलाफ की गई शिकायत सही पाई गई। इस पर एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से लेखपाल को निलंबित कर दिया।
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वही एक अन्य मामले में सदर तहसील क्षेत्र के मवई रिहायक गांव के रहने वाले सिंहराज ने सदर एसडीएम उमाकांत तिवारी को शिकायती पत्र देकर बताया था कि गांव की करीब पौने चार बीघा सरकारी जमीन के कुछ लोगों फर्जी कागजात तैयार कराकर औरैया क्षेत्र के रहने वाले दो लोगों बेच दिए हैं। सरकारी जमीन के खरीदारों ने तहसीलदार दफ्तर में जमीन का दाखिल खारिज कराने को प्रार्थना पत्र दिया है। तहसीलदार रामशंकर ने सरकारी जमीन के दाखिल खारिज को स्वीकृत भी कर दिया था। वहीं लेखपाल रामाधार ने सरकारी जमीन की जांच रिपोर्ट में गलत रिपोर्ट लगाते हुए दर्शाया कि यह जमीन सरकारी नहीं है।
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सदर एसडीएम उमाकांत तिवारी ने बताया कि सरकारी जमीन पर गलत जांच रिपोर्ट लगाने पर तहसीलदार रामशंकर और लेखपाल रामाधार को नोटिस जारी किया है। एक 72 साल की वृद्धा की शिकायत सहीं पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से लेखपाल आनंद शंकर दीक्षित को निलंबित किया है।