फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Cows should not be seen on the road, 22 cow sheds should be built soon

Kannauj News: सड़क पर न दिखें गोवंश, जल्द बन जाएं 22 गोशालाएं

Sun, 21 Jan 2024 02:54 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज Updated Sun, 21 Jan 2024 02:54 AM IST
विज्ञापन
Cows should not be seen on the road, 22 cow sheds should be built soon
फोटो :23 : कलक्ट्रेट के गांधी सभागार में समीक्षा बैठक में दिशा निर्देश देते डीएम शुभ्रांत शुक्ल। स्रोत : सूचना विभाग
विज्ञापन




-कलक्ट्रेट के गांधी सभागार में योजनाओं की समीक्षा बैठक लेते हुए डीएम ने दिया निर्देश

संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज। गोशाला निर्माण, कायाकल्प, निपुण अभियान और हर घर जल आदि योजनाओं को लेकर कलक्ट्रेट के गांधी सभागार में डीएम शुभ्रांत शुक्ल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने कहा कि सड़कों पर गोवंश न दिखें। 22 गोशालाएं ऐसी हैं, जिनका निर्माण कार्य पूरा नहीं है। निर्माणाधीन गोशालाओं का निर्माण जल्दी से पूरा कर लिया जाए।
डीएम ने कहा कि दो हजार लक्ष्य के सापेक्ष 1858 निराश्रित गोवंशों को पकड़ कर गोशाला में संरक्षित किया गया है। इसलिए निराश्रित गो संरक्षण अभियान 31 जनवरी तक बढ़ा दिया गया हैं। अब कोई भी निराश्रित गोवंश किसानों के खेतों एवं सड़कों पर नहीं दिखना चाहिए। विशेष अभियान के तहत निराश्रित गोवंश को पड़कर गोशाला में संरक्षित किया जाए।
विज्ञापन

कहा कि ऐसे क्षेत्र चिह्नित किए जाएं, जहां पर निराश्रित गोवंशों की संख्या अधिक है और चिह्नित क्षेत्र से निराश्रित गोवंश को पड़कर गोशाला में संरक्षित किया जाए। निराश्रित गोवंशों का शत-प्रतिशत ईयर टैगिंग होना चाहिए। एक भी गोवंश बिना ईयर टैगिंग नहीं रहना चाहिए। शासन स्तर से निर्देश प्राप्त हुए हैं कि गो आश्रयस्थलों का विस्तारीकरण किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

बताया कि कंट्रोल रूम में गोवंशों से संबंधित 350 से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया गया है। 30 बची शिकायतों का निस्तारण यथाशीघ्र कर दिया जाए। गोशाला में केयरटेकर लगाए जाने हैं। बढ़ती सर्दी के दृष्टिगत गोवंशों को सर्दी से बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। गोशाला में हरा चारा, भूसा की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। बैठक में प्रभारी सीडीओ, परियोजना निदेशक डीआरडीए, डीसी एनआरएलएम, डीसी मनरेगा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, बीएसए आदि मौजूद रहे।




इनसेट
178 गांव बने मॉडल, घरों से उठवाया जाए कूड़ा
डीएम ने कहा कि 178 गांव, मॉडल गांव हो गए हैं। सभी बीडीओ ध्यान दें कि घर-घर से कूड़ा उठाया जाए। मॉडल गांव की पंचायतों में खर्चे से अधिक आमदनी भी होनी चाहिए। इस बात पर भी ध्यान दिया जाए। लखपति दीदी योजना की समीक्षा करते हुए कहा है कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने अनेकों योजनाएं संचालित की है। लखपति दीदी को विभिन्न विभागों की योजनाओं से जोड़कर प्रशिक्षित किया जाए, ताकि वह आत्मनिर्भर बन सके। उन्होंने कहा कि 19 स्कूल ऐसे हैं, जहां पर शौचालय का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, जिन विद्यालयों में दिव्यांग शौचालय एवं बाउंड्रीवॉल संतोषजनक नहीं है, जल्दी से ठीक कराई जाए। विद्यालयों में 19 पैरामीटर के तहत कार्य पूरा होना चाहिए। उन्होंने हर घर जल योजना की समीक्षा करते हुए कार्य में गति लाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed