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गोशाला में आपस में भिड़े मवेशी, दो की मौत
Sat, 12 Jan 2019 11:48 PM IST
gaurav gaurav
kannauj
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Published by: gaurav gaurav
Updated Sat, 12 Jan 2019 11:48 PM IST
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मुर्रा की अस्थायी गोशाला में क्षमता से अधिक बंधे मवेशी।
- फोटो : amarujala
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गोशाला में क्षमता से ज्यादा मवेशियों को भरने से अव्यवस्था फैल गई। ग्यासपुर में मवेशी आपस में भिड़ गए। इनमें दो घायल हो गए। पशु चिकित्सकों ने इलाज किया लेकिन दोनों की मौत हो गई। मुर्रा में भी क्षमता से ज्यादा मवेशियों को गोशाला में रखा गया है। डीपीआरओ जितेंद्र मिश्रा और एडीओ पंचायत प्रेमचंद्र आर्य ने मुर्रा पहुंचकर व्यवस्था को परखा। अतिरिक्त मवेशियों को दूसरी गोशाला में शिफ्ट कराने के लिए कहा है। उधर, खेतों में अन्ना मवेशियों के घुसने से ग्रामीणों ने रोष जताते हुए प्रदर्शन किया। दोनों स्थानों पर कुछ मवेशी अभी भी बीमार बताए जा रहे हैं। मुर्रा में प्रधान ने चारे की व्यवस्था कराई है।
शासन के निर्देश पर ग्यासपुर में चारागाह की जमीन पर अस्थायी गोशाला बनाने के निर्देश दिए गए थे। ग्राम प्रधान विजयनारायन ने चिह्नित जमीन पर जेसीबी से खुदाई कर खाई बंधवा दी। क्षेत्र के ग्रामीणों ने लगभग 500 अन्ना मवेशी व गाय अस्थायी गोशाला में हांककर बंद कर दिए। यहां मवेशियों को रखने की क्षमता 150 से 200 के करीब ही है। ग्यासपुर गांव के अवनीश सिंह, राजवीर सिंह व आशीष ने बताया कि क्षमता से अधिक मवेशी भर देने से शुक्रवार को यह आपस में भिड़ गए। इसमें दो घायल हो गए। इनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। गोशाला में चारे की भी व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में प्रभारी खंड विकास अधिकारी वीवी शुक्ला ने बताया कि चारे-पानी की व्यवस्था की जा रही है। इसी संदर्भ में कल ब्लाक में सभी प्रधानों के साथ बैठक होनी है। शुक्रवार को मवेशी आपस में भिड़ गए थे। दो मवेशी घायल हुए थे। इनकी मौत हो गई। मवेशियों को शवों को पोस्टमार्टम के बाद दफना दिया गया है। ग्यासपुर के प्रधान विजयनारायन ने बताया कि उन्हें खाई बनाने के निर्देश दिए गए थे। वह उन्होंने बनवा दी है। चारे के लिए बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है। 500 जानवरों के लिए सफाईकर्मी या अन्य व्यक्ति की व्यवस्था भी नहीं कराई गई है। वह अकेले क्या कर सकते हैं।
सौरिख विकास खंड के ग्राम मुर्रा में अस्थाई गोशाला बनाई गई है। यहां 100 गायों के रखने की व्यवस्था है। लगभग 350 मवेशी रखे गए हैं। गोशाला में जगह नहीं बची है। पांच सफाई कर्मियों को तैनात किया गया है। अधिक मवेशी होने से अव्यवस्थाएं हावी हो गईं। दो दिनों से चार गाय बीमार चल रही हैं। इनका पशु चिकित्सक इलाज कर रहे हैं। हालत में खास सुधार नहीं हुआ है। डीपीआरओ जितेंद्र मिश्रा और एडीओ पंचायत प्रेमचंद्र आर्य ने मुर्रा में गोशाला का निरीक्षण किया।
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डीपीआरओ ने अतिरिक्त मवेशियों को जल्द यहां से दूसरी जगह शिफ्ट कराने की बात कही है। ग्राम प्रधान आदित्य दुबे ने एक क्विंटल 50 किलो भूसा और 50 किलो दाना की व्यवस्था कराई। उधर, गांव के मुकेश दुबे, सत्यनारायन दुबे, राजू अवस्थी, उमेशचंद्र पांडेय, सर्वेश पांडेय, रमेशचंद्र, बबलू दुबे, आनंदस्वरूप, सुनील राठौर, शिवकांत दुबे, रामनरेश, रोहित, विनोद कुमार, अंशू, ओमजीत पांडेय आदि ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि दूर-दराज से लोग गाय और सांड़ को मुर्रा गांव के पास छोड़कर चले जाते हैं। यह फसलों को नष्ट कर देते हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया।
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शासन के निर्देश पर ग्यासपुर में चारागाह की जमीन पर अस्थायी गोशाला बनाने के निर्देश दिए गए थे। ग्राम प्रधान विजयनारायन ने चिह्नित जमीन पर जेसीबी से खुदाई कर खाई बंधवा दी। क्षेत्र के ग्रामीणों ने लगभग 500 अन्ना मवेशी व गाय अस्थायी गोशाला में हांककर बंद कर दिए। यहां मवेशियों को रखने की क्षमता 150 से 200 के करीब ही है। ग्यासपुर गांव के अवनीश सिंह, राजवीर सिंह व आशीष ने बताया कि क्षमता से अधिक मवेशी भर देने से शुक्रवार को यह आपस में भिड़ गए। इसमें दो घायल हो गए। इनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। गोशाला में चारे की भी व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में प्रभारी खंड विकास अधिकारी वीवी शुक्ला ने बताया कि चारे-पानी की व्यवस्था की जा रही है। इसी संदर्भ में कल ब्लाक में सभी प्रधानों के साथ बैठक होनी है। शुक्रवार को मवेशी आपस में भिड़ गए थे। दो मवेशी घायल हुए थे। इनकी मौत हो गई। मवेशियों को शवों को पोस्टमार्टम के बाद दफना दिया गया है। ग्यासपुर के प्रधान विजयनारायन ने बताया कि उन्हें खाई बनाने के निर्देश दिए गए थे। वह उन्होंने बनवा दी है। चारे के लिए बजट उपलब्ध नहीं कराया गया है। 500 जानवरों के लिए सफाईकर्मी या अन्य व्यक्ति की व्यवस्था भी नहीं कराई गई है। वह अकेले क्या कर सकते हैं।
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सौरिख विकास खंड के ग्राम मुर्रा में अस्थाई गोशाला बनाई गई है। यहां 100 गायों के रखने की व्यवस्था है। लगभग 350 मवेशी रखे गए हैं। गोशाला में जगह नहीं बची है। पांच सफाई कर्मियों को तैनात किया गया है। अधिक मवेशी होने से अव्यवस्थाएं हावी हो गईं। दो दिनों से चार गाय बीमार चल रही हैं। इनका पशु चिकित्सक इलाज कर रहे हैं। हालत में खास सुधार नहीं हुआ है। डीपीआरओ जितेंद्र मिश्रा और एडीओ पंचायत प्रेमचंद्र आर्य ने मुर्रा में गोशाला का निरीक्षण किया।
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डीपीआरओ ने अतिरिक्त मवेशियों को जल्द यहां से दूसरी जगह शिफ्ट कराने की बात कही है। ग्राम प्रधान आदित्य दुबे ने एक क्विंटल 50 किलो भूसा और 50 किलो दाना की व्यवस्था कराई। उधर, गांव के मुकेश दुबे, सत्यनारायन दुबे, राजू अवस्थी, उमेशचंद्र पांडेय, सर्वेश पांडेय, रमेशचंद्र, बबलू दुबे, आनंदस्वरूप, सुनील राठौर, शिवकांत दुबे, रामनरेश, रोहित, विनोद कुमार, अंशू, ओमजीत पांडेय आदि ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि दूर-दराज से लोग गाय और सांड़ को मुर्रा गांव के पास छोड़कर चले जाते हैं। यह फसलों को नष्ट कर देते हैं। गुस्साए ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया।