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लेखपाल-वकीलों के बीच जवाबी नारेबाजी
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Thu, 14 May 2015 12:19 AM IST
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तहसील परिसर में लेखपालों के धरना-प्रदर्शन के खिलाफ बुधवार को तहसील के अधिवक्ता भी उग्र हो गए। उन्होंने हाथों में लाठी-डंडे लेकर एसडीएम कार्यालय के सामने नारेबाजी की। लेखपालों के धरनों को अनुचित बताते हुए उसे तत्काल खत्म कराने की मांग रखी। इस दौरान वकीलों ने जिला प्रशासन के खिलाफ भी जमकर नारे लगाए।
तहसील परिसर में लेखपाल संघ का धरना छठवें दिन भी जारी रहा। लेखपालों ने आरोप लगाया कि राजनैतिक प्रभाव के कारण आरोपी अधिक्ता सुधीर यादव व उनके मुंशी विजय प्रजापति की गिरफ्तारी नहीं की जा रही है। जिला प्रशासन के अफसर अधिवक्ता के खिलाफ बार काउंसिल को रिपोर्ट नहीं भेज रहे हैं।
जब तक कार्रवाई नहीं होती है तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। बुधवार को लेखपालों की हड़ताल के चलते खतौनी दफ्तर में ताला पड़ा रहा। इसके चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे अधिवक्ता लामबंद हो गए। तहसील लायर्स बार एसोसिएशन व बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से अपने हाथों में लाठी डंडे लेकर लेखपालों के धरना स्थल तक पहुंचे। वहां जवाबी नारेबाजी शुरू कर दी। आरके दफ्तर व खतौनी दफ्तर को तत्काल खोले जाने की मांग रखी।
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जवाबी नारेबाजी से माहौल गरमाने लगा। इस पर एसडीएम महेश चंद्र शर्मा ने कोतवाली पुलिस को फोन करके पुलिस बुला ली। कोतवाली प्रभारी आरपी पांडेय व कई उप निरीक्षक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। कोतवाल ने वकीलों को समझा-बुझाकर किसी तरह से उनके चेंबरों में भेज दिया। कुछ देर बाद वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम महेश चंद्र शर्मा से मिला।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि तहसील के लेखपालों ने संयुक्त रूप से ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के चेक बांटने में जमकर धांधली की है। इसकी किसी सक्षम अधिकारी से जांच कराई जाए। वकीलों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि उनकी मांग पूरी न होने पर गुरुवार से तहसील के सभी राजस्व न्यायालयों व तहसील के मुख्य गेट पर तालाबंदी की जाएगी।
बाद में लेखपालों का भी प्रतिनिधिमंडल एसडीएम से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने आरोपी वकील व उनके मुंशी की गिरफ्तारी की मांग रखी। इस पर एसडीएम ने उन्हें भरोसा दिलाया कि दर्ज मुकदमों की जांच चल रही है। आरोप सिद्ध होने पर गिरफ्तारी की जाएगी।
दोनों पक्षों को बुलाकर वार्ता की गई है। समस्या हल करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कोतवाली में दोनों पक्षों की ओर से रिपोर्ट दर्ज है। कोतवाल आरपी पांडेय खुद दोनों मुकदमों की जांच कर रहे हैं। सुलह समझौता कराने के लिए भी वार्ता चल रही है। किसी ने भी कानून व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महेश चंद्र शर्मा, एसडीएम
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तहसील परिसर में लेखपाल संघ का धरना छठवें दिन भी जारी रहा। लेखपालों ने आरोप लगाया कि राजनैतिक प्रभाव के कारण आरोपी अधिक्ता सुधीर यादव व उनके मुंशी विजय प्रजापति की गिरफ्तारी नहीं की जा रही है। जिला प्रशासन के अफसर अधिवक्ता के खिलाफ बार काउंसिल को रिपोर्ट नहीं भेज रहे हैं।
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जब तक कार्रवाई नहीं होती है तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। बुधवार को लेखपालों की हड़ताल के चलते खतौनी दफ्तर में ताला पड़ा रहा। इसके चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इससे अधिवक्ता लामबंद हो गए। तहसील लायर्स बार एसोसिएशन व बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से अपने हाथों में लाठी डंडे लेकर लेखपालों के धरना स्थल तक पहुंचे। वहां जवाबी नारेबाजी शुरू कर दी। आरके दफ्तर व खतौनी दफ्तर को तत्काल खोले जाने की मांग रखी।
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जवाबी नारेबाजी से माहौल गरमाने लगा। इस पर एसडीएम महेश चंद्र शर्मा ने कोतवाली पुलिस को फोन करके पुलिस बुला ली। कोतवाली प्रभारी आरपी पांडेय व कई उप निरीक्षक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। कोतवाल ने वकीलों को समझा-बुझाकर किसी तरह से उनके चेंबरों में भेज दिया। कुछ देर बाद वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम महेश चंद्र शर्मा से मिला।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि तहसील के लेखपालों ने संयुक्त रूप से ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के चेक बांटने में जमकर धांधली की है। इसकी किसी सक्षम अधिकारी से जांच कराई जाए। वकीलों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि उनकी मांग पूरी न होने पर गुरुवार से तहसील के सभी राजस्व न्यायालयों व तहसील के मुख्य गेट पर तालाबंदी की जाएगी।
बाद में लेखपालों का भी प्रतिनिधिमंडल एसडीएम से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने आरोपी वकील व उनके मुंशी की गिरफ्तारी की मांग रखी। इस पर एसडीएम ने उन्हें भरोसा दिलाया कि दर्ज मुकदमों की जांच चल रही है। आरोप सिद्ध होने पर गिरफ्तारी की जाएगी।
दोनों पक्षों को बुलाकर वार्ता की गई है। समस्या हल करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। कोतवाली में दोनों पक्षों की ओर से रिपोर्ट दर्ज है। कोतवाल आरपी पांडेय खुद दोनों मुकदमों की जांच कर रहे हैं। सुलह समझौता कराने के लिए भी वार्ता चल रही है। किसी ने भी कानून व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महेश चंद्र शर्मा, एसडीएम