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कंप्यूटर खराब, नहीं हो पाई खून की जांच
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जिला अस्पताल की लैब में खून की जांच न होने से बैठे कर्मचारी।
- फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। जिला अस्पताल में मंगलवार को लैब का कंप्यूटर खराब हो जाने से मरीजों के खून की जांच नहीं हो सकी। कई घंटे इंतजार के बाद भी कंप्यूटर सही नहीं हुआ तो कर्मचारियों ने हाथ खड़े कर दिए। ऐसे में तमाम मरीजों को बिना जांच कराए लौटना पड़ा। यह ऐसे समय हुआ जब जिले में बुखार और पेट के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। रोग का पता लगाने के लिए खून की जांच ही जरूरी उपाय है।
जिला अस्पताल की लैब में आए दिन कोई न कोई समस्या बनी रहती है। अक्सर मुख्य मशीन खराब हो जाती है। कभी कंप्यूटर के लोड न लेने, सर्वर में दिक्कत हो जाती है। मंगलवार को जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में लगी मशीन को संचालित करने वाला कंप्यूटर खराब हो गया। अधिकारी से लेकर कर्मचारी कंप्यूटर को चलाने का प्रयास करते रहे। यह सफल नहीं हुए। इससे जांच कराने आए मरीज बाहर बैठकर कंप्यूटर ठीक होने की प्रतीक्षा करते रहेे। तीन घंटे प्रयास के बाद भी कंप्यूटर ठीक नहीं हुआ तो मरीजों को अगले दिन आने के लिए कहकर वापस कर दिया गया। इससे तमाम लोग मायूस होकर लौट गए। पूरे दिन मरीजों के जांच के लिए आने और लौटने का सिलसिला चलता रहा। बाद में आने वाले मरीज जानकारी न होने पर हॉल में घंटों प्रतीक्षा करते रहे। एक बजे तक सैंपल नहीं लिया गया तो यह चले गए। इस दौरान इनकी कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक मुख्य कंप्यूटर के साफ्टवेयर में खराबी आने से यह समस्या खड़ी हुई है। इसे बनवाने के लिए कंपनी के इंजीनियर को सूचना दे दी गई है। वह कंप्यूटर के साफ्टवेयर को लोड और मशीन को चालू करेंगे। वहीं सीएमएस डॉ. शक्ति बसु का कहना है कि साफ्टवेयर में तकनीकी दिक्कत के चलते मंगलवार को समस्या हुई है। इंजीनियर को बुलाया गया है। जल्द ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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हर दिन होतीं 150 से ज्यादा जांचें
जिले में डेंगू, वायरल बुखार, पेट संबंधी रोगों के चलते जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में हर दिन औसतन 150 से 160 जांचें हो रही हैं। मंगलवार को एक भी जांच नहीं हो सकी। कर्मचारी रोज की तरह जिला अस्पताल की लैब में पहुंचे। कई मरीजों का ब्लड सैंपल लिया। मशीन चलाने के लिए कंप्यूटर को ऑन किया गया तो उसने काम करना बंद कर दिया। तमाम प्रयास के बाद भी साफ्टवेयर चालू नहीं हो सका।
इन दिनों ये जांचें हो रहीं ज्यादा
जिला अस्पताल की लैब में खून की 42 प्रकार की जांचें होती हैं। इन दिनों बदलते मौसम में लीवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी), कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी), मलेरिया, विडाल टेस्ट (टाइफाइड), शुगर की जांचें हो रही हैं। कर्मचारियों ने बताया कि बुखार व पेट के रोगों के चलते खून की जांच कराने के लिए काफी लोग आ रहे हैं।
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जिला अस्पताल की लैब में आए दिन कोई न कोई समस्या बनी रहती है। अक्सर मुख्य मशीन खराब हो जाती है। कभी कंप्यूटर के लोड न लेने, सर्वर में दिक्कत हो जाती है। मंगलवार को जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में लगी मशीन को संचालित करने वाला कंप्यूटर खराब हो गया। अधिकारी से लेकर कर्मचारी कंप्यूटर को चलाने का प्रयास करते रहे। यह सफल नहीं हुए। इससे जांच कराने आए मरीज बाहर बैठकर कंप्यूटर ठीक होने की प्रतीक्षा करते रहेे। तीन घंटे प्रयास के बाद भी कंप्यूटर ठीक नहीं हुआ तो मरीजों को अगले दिन आने के लिए कहकर वापस कर दिया गया। इससे तमाम लोग मायूस होकर लौट गए। पूरे दिन मरीजों के जांच के लिए आने और लौटने का सिलसिला चलता रहा। बाद में आने वाले मरीज जानकारी न होने पर हॉल में घंटों प्रतीक्षा करते रहे। एक बजे तक सैंपल नहीं लिया गया तो यह चले गए। इस दौरान इनकी कर्मचारियों से नोकझोंक भी हुई।
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विभागीय सूत्रों के मुताबिक मुख्य कंप्यूटर के साफ्टवेयर में खराबी आने से यह समस्या खड़ी हुई है। इसे बनवाने के लिए कंपनी के इंजीनियर को सूचना दे दी गई है। वह कंप्यूटर के साफ्टवेयर को लोड और मशीन को चालू करेंगे। वहीं सीएमएस डॉ. शक्ति बसु का कहना है कि साफ्टवेयर में तकनीकी दिक्कत के चलते मंगलवार को समस्या हुई है। इंजीनियर को बुलाया गया है। जल्द ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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हर दिन होतीं 150 से ज्यादा जांचें
जिले में डेंगू, वायरल बुखार, पेट संबंधी रोगों के चलते जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में हर दिन औसतन 150 से 160 जांचें हो रही हैं। मंगलवार को एक भी जांच नहीं हो सकी। कर्मचारी रोज की तरह जिला अस्पताल की लैब में पहुंचे। कई मरीजों का ब्लड सैंपल लिया। मशीन चलाने के लिए कंप्यूटर को ऑन किया गया तो उसने काम करना बंद कर दिया। तमाम प्रयास के बाद भी साफ्टवेयर चालू नहीं हो सका।
इन दिनों ये जांचें हो रहीं ज्यादा
जिला अस्पताल की लैब में खून की 42 प्रकार की जांचें होती हैं। इन दिनों बदलते मौसम में लीवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी), कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी), मलेरिया, विडाल टेस्ट (टाइफाइड), शुगर की जांचें हो रही हैं। कर्मचारियों ने बताया कि बुखार व पेट के रोगों के चलते खून की जांच कराने के लिए काफी लोग आ रहे हैं।