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अफसरों की कार्यशैली पर भड़के सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि
ब्यूरो/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sat, 06 Jun 2015 11:58 PM IST
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जनपद के ज्यादातर विभागों के अफसरों की कार्यप्रणाली
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से जनप्रतिनिधि संतुष्ट नहीं है। जनकल्याणकारी योजनाओं को साकार करने में
लापरवाही बरतने वाले विभागों के खिलाफ शनिवार को जिला पंचायत की बैठक में
जमकर हंगामा हुआ।
आरोपों की झड़ी के बीच ब्लाक प्रमुखों, पूर्व ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्यों ने अधिकारियों को खूब खरीखोटी सुनाई। खास बात यह है कि कामकाज पर ज्यादातर उंगली सत्ता पक्ष के लोगों ने ही उठाई। चेतावनी दी कि अफसर अपना रवैया सुधारें, वरना जनता उनको सबक सिखाएगी।
बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपने विभागों की चल रहीं योजनाओं को पढ़कर सुनाया। कागजी आंकड़ों की बाजीगरी सुनते ही सदन में बैठे सदस्यों का पारा चढ़ गया। एक के बाद एक जनप्रतिनिधि ने अफसरों की बखिया उधेड़ना शुरू कर दिया।
पोल खुलने लगी तो कई अफसरों को सांप सूंघ गया। कुछ ने सफाई देनी चाही तो उनकी नेताओं से बहस हो गई। उन्हें जमकर खरीखोटी सुननी पड़ी। सीडीओ ने बीच बचाव कर जनप्रतिनिधियों को शांत कराया। जिला पंचायत अध्यक्ष सुनीता दोहरे को भी बीच में बोलना पड़ा।
उन्होंने कहा कि अधिकारी सही से काम नहीं कर रहे हैं, जो गलत बात है। सीडीओ उन पर अंकुश लगाएं। सभी विभागों के अधिकारी ईमानदारी से अच्छी तरह से काम करें। जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को दूर करें।
जिला पंचायत सदस्य मोहन सिंह यादव ने कहा कि जल निगम में कमीशनखोरी हावी है। ठेकेदार बेलगाम हैं। अधिशासी अभियंता राजेंद्र सिंह फोन ही नहीं उठाते। ब्लाक प्रमुख दिगंबर सिंह यादव ने कहा कि पाइप लाइनों की खुदाई गलत तरीके से हो रही है।
सड़कें खोदकर पाइपें डाल दी गईं पर सड़कों की मरम्मत नहीं कराई जा रही, जिससे दुर्घटना की आशंका रहती है। श्याम सिंह यादव ने कहा कि पाइप लाइनें घटिया डाली जा रही हैं। उमर्दा क्षेत्र में पानी की टंकी जानबूझकर कम बनाई जा रही हैं।
हैंडपंपों की बोरिंग में पाइप मानक से कम डाले जाते हैं। अभियंताओं की अनदेखी और साठगांठ से हैंडपंप लगाने, बोरिंग करने और पानी की टंकी बनाने के काम में गुणवत्ता की धज्जियां उड़ रही हैं। जिला पंचायत सदस्य नेम सिंह यादव ने कहा कि कई हैंडपंप रिबोर हो जाते हैं, लेकिन कई महीने बीतने के बावजूद मशीनें नहीं फिट की जातीं।
सीडीओ ने कहा कि सुधार के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। काम गड़बड़ मिलने पर दो ठेकेदारों को ब्लैकलिस्टेड किया जा चुका है। यदि कहीं जल निगम खराब काम कराए तो फौरन लिखित शिकायत करें। एक्सईएन को निर्देश दिए कि त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत 200 हैंडपंप लगवाने के लिए शासन को प्रस्ताव तैयार कराकर भिजवाएं। साथ ही पाइप लाइन सही जगह पर डालें और क्षतिग्रस्त रोड के हिस्से को समय से बनवाएं।
जिला पंचायत सदस्य मनीष यादव ने कहा कि खड़िनी के होम्योपैथी अस्पताल में आए दिन ताला बंद रहता है। न डाक्टर मिलते हैं और न दवाएं। लगातार तीन-तीन दिन तक अस्पताल खुलता ही नहीं है।
अधिकारी व्यवस्था सुधारने की बजाय कागजी खानापूरी कर शांत बैठे हैं। कई अन्य सदस्यों, ब्लाक प्रमुखों ने भी होम्योपैथी अस्पतालों में केवल खानापूरी होने और अक्सर बंद रहने की शिकायतें कीं। इस पर जिला होम्योपैथी अधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
सौरिख के सपा नेता व जिला पंचायत सदस्य मनीष यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र खुल ही नहीं रहे हैं। पंजीरी खुलेआम बिक रही है। गर्भवती, धात्री और शिशुओं के लिए आने वाला पोषाहार पशुओं को खिलाया जा रहा है। ठठिया के जिला पंचायत सदस्य श्याम सिंह यादव ने कहा कि कई आंगनबाड़ी केंद्र तो सिर्फ 15 अगस्त व 26 जनवरी को ही खुलते हैं।
पोषाहार ब्लैक में खुलेआम बिकता है। इस पर सीडीओ उदयराज यादव व प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार बघेल ने कहा कि शिकायतें मिलने पर कार्रवाई की जा रही है। यदि कहीं पोषाहार बिकता मिले तो शिकायत करें और उसे रंगे हाथ पकड़वाएं।
पोषाहार बेंचने वालों के खिलाफ मौके पर ही एफआईआर लिखाकर जेल भेजा जाएगा। सीडीओ ने जिला पंचायत सदस्य से अपने पैतृक गांव को गोद लेकर कुपोषण दूर कराने, कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने की अपील की।
आरोपों की झड़ी के बीच ब्लाक प्रमुखों, पूर्व ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्यों ने अधिकारियों को खूब खरीखोटी सुनाई। खास बात यह है कि कामकाज पर ज्यादातर उंगली सत्ता पक्ष के लोगों ने ही उठाई। चेतावनी दी कि अफसर अपना रवैया सुधारें, वरना जनता उनको सबक सिखाएगी।
बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों ने अपने विभागों की चल रहीं योजनाओं को पढ़कर सुनाया। कागजी आंकड़ों की बाजीगरी सुनते ही सदन में बैठे सदस्यों का पारा चढ़ गया। एक के बाद एक जनप्रतिनिधि ने अफसरों की बखिया उधेड़ना शुरू कर दिया।
पोल खुलने लगी तो कई अफसरों को सांप सूंघ गया। कुछ ने सफाई देनी चाही तो उनकी नेताओं से बहस हो गई। उन्हें जमकर खरीखोटी सुननी पड़ी। सीडीओ ने बीच बचाव कर जनप्रतिनिधियों को शांत कराया। जिला पंचायत अध्यक्ष सुनीता दोहरे को भी बीच में बोलना पड़ा।
उन्होंने कहा कि अधिकारी सही से काम नहीं कर रहे हैं, जो गलत बात है। सीडीओ उन पर अंकुश लगाएं। सभी विभागों के अधिकारी ईमानदारी से अच्छी तरह से काम करें। जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को दूर करें।
जिला पंचायत सदस्य मोहन सिंह यादव ने कहा कि जल निगम में कमीशनखोरी हावी है। ठेकेदार बेलगाम हैं। अधिशासी अभियंता राजेंद्र सिंह फोन ही नहीं उठाते। ब्लाक प्रमुख दिगंबर सिंह यादव ने कहा कि पाइप लाइनों की खुदाई गलत तरीके से हो रही है।
सड़कें खोदकर पाइपें डाल दी गईं पर सड़कों की मरम्मत नहीं कराई जा रही, जिससे दुर्घटना की आशंका रहती है। श्याम सिंह यादव ने कहा कि पाइप लाइनें घटिया डाली जा रही हैं। उमर्दा क्षेत्र में पानी की टंकी जानबूझकर कम बनाई जा रही हैं।
हैंडपंपों की बोरिंग में पाइप मानक से कम डाले जाते हैं। अभियंताओं की अनदेखी और साठगांठ से हैंडपंप लगाने, बोरिंग करने और पानी की टंकी बनाने के काम में गुणवत्ता की धज्जियां उड़ रही हैं। जिला पंचायत सदस्य नेम सिंह यादव ने कहा कि कई हैंडपंप रिबोर हो जाते हैं, लेकिन कई महीने बीतने के बावजूद मशीनें नहीं फिट की जातीं।
सीडीओ ने कहा कि सुधार के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। काम गड़बड़ मिलने पर दो ठेकेदारों को ब्लैकलिस्टेड किया जा चुका है। यदि कहीं जल निगम खराब काम कराए तो फौरन लिखित शिकायत करें। एक्सईएन को निर्देश दिए कि त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत 200 हैंडपंप लगवाने के लिए शासन को प्रस्ताव तैयार कराकर भिजवाएं। साथ ही पाइप लाइन सही जगह पर डालें और क्षतिग्रस्त रोड के हिस्से को समय से बनवाएं।
जिला पंचायत सदस्य मनीष यादव ने कहा कि खड़िनी के होम्योपैथी अस्पताल में आए दिन ताला बंद रहता है। न डाक्टर मिलते हैं और न दवाएं। लगातार तीन-तीन दिन तक अस्पताल खुलता ही नहीं है।
अधिकारी व्यवस्था सुधारने की बजाय कागजी खानापूरी कर शांत बैठे हैं। कई अन्य सदस्यों, ब्लाक प्रमुखों ने भी होम्योपैथी अस्पतालों में केवल खानापूरी होने और अक्सर बंद रहने की शिकायतें कीं। इस पर जिला होम्योपैथी अधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
सौरिख के सपा नेता व जिला पंचायत सदस्य मनीष यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र खुल ही नहीं रहे हैं। पंजीरी खुलेआम बिक रही है। गर्भवती, धात्री और शिशुओं के लिए आने वाला पोषाहार पशुओं को खिलाया जा रहा है। ठठिया के जिला पंचायत सदस्य श्याम सिंह यादव ने कहा कि कई आंगनबाड़ी केंद्र तो सिर्फ 15 अगस्त व 26 जनवरी को ही खुलते हैं।
पोषाहार ब्लैक में खुलेआम बिकता है। इस पर सीडीओ उदयराज यादव व प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार बघेल ने कहा कि शिकायतें मिलने पर कार्रवाई की जा रही है। यदि कहीं पोषाहार बिकता मिले तो शिकायत करें और उसे रंगे हाथ पकड़वाएं।
पोषाहार बेंचने वालों के खिलाफ मौके पर ही एफआईआर लिखाकर जेल भेजा जाएगा। सीडीओ ने जिला पंचायत सदस्य से अपने पैतृक गांव को गोद लेकर कुपोषण दूर कराने, कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने की अपील की।