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कक्ष निरीक्षकों की कमी के बीच परीक्षा कराने की चुनौती
Tue, 12 Feb 2019 12:08 AM IST
gaurav gaurav
kannauj
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Published by: gaurav gaurav
Updated Tue, 12 Feb 2019 12:08 AM IST
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लाला श्यामलाल इंटर कालेज में बैठक के दौरान मौजूद शिक्षक।
- फोटो : amarujala
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यूपी बोर्ड परीक्षा में मंगलवार को हाईस्कूल की हिंदी की परीक्षा होगी। 83 परीक्षा केंद्रों पर करीब 28 हजार छात्र छात्राएं परीक्षा देंगे। माध्यमिक स्कूलों के वित्त विहीन व अनुदानित शिक्षकों पर विभाग को पूरा भरोसा नहीं है। ऐसे में कक्ष निरीक्षकों की भरपाई के लिए बेसिक शिक्षा विभाग से शिक्षा मित्र व अनुदेशकों को ड्यूटी पर लगाया गया है। तीनों तहसीलों में रिजर्व में 450 शिक्षामित्रों को रखा गया है, इससे कि किसी तरह की दिक्कत आने पर इनको ड्यूटी पर भेजकर परीक्षा सुचारु रूप से कराई जा सके।
शहर के लाला श्यामलाल इंटर कालेज में 83 केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक हुई। डीआईओएस मदनपाल सिंह ने निर्देश दिए कि बेसिक शिक्षा विभाग के कक्ष निरीक्षक ड्यूटी में लगे शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण करा लें। इसमें किसी तरह की लापरवाही न बरतें। केंद्र व्यवस्थापक बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र खोलते समय इस बात का ख्याल रखें कि विषय का ही पेपर खोलें। दूसरा पेपर खोलने पर केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। डीआईओएस ने बताया कि 1281 माध्यमिक विद्यालयों व 484 बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा 840 शिक्षामित्र व अनुदेशक भी लगाए गए हैं। कहीं पर माध्यमिक व बेसिक के शिक्षक कम पहुंचते हैं तो इनसे भरपाई की जा सकेगी। इसके अलावा तीनों तहसीलों में 450 शिक्षामित्रों को रिजर्व में रखा गया है। रिजर्व शिक्षामित्र तहसीलों में सुबह 6:30 पर पहुंचकर रजिस्टर में हस्ताक्षर करेंगे। किसी केंद्र पर कक्ष निरीक्षक कम पड़ते हैं तो तहसीलदार इन शिक्षामित्रों को उस केंद्र पर भेजने की व्यवस्था करेंगे। डीआईओएस ने कहा कि कहीं पर कक्ष निरीक्षक की कमी नहीं होने दी जाएगी। इस मौके पर प्रधानाचार्य आशीष कुमार शुक्ला, प्रबल प्रताप सिंह, अंकित यादव, रामचंद्र, ब्रजमोहन पाठक, जितेंद्र सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
केंद्र व्यवस्थापक नहीं बदलेंगे विषय
बोर्ड की बैठक के दौरान डीआईओएस ने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि वह किसी भी परीक्षार्थी के विषय को प्रवेश पत्र में नहीं बदलेंगे। ऐसा करने पर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। हालांकि इसको लेकर तमाम केंद्र व्यवस्थापकों ने ऐतराज भी जताया। डीआईओएस ने कहा कि यदि किसी छात्र का बोर्ड की गलती की वजह से विषय गड़बड़ हुआ तो उसकी सूचना वह ईमेल के जरिए बोर्ड व मुझे अवगत कराएंगे। इसके अलावा अन्य छात्रों को कोई सहूलियत नहीं मिल सकेगी।
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कम पारिश्रमिक को लेकर ड्यूटी नहीं करने का अंदेशा
यूपी बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी पर लगने वाले शिक्षकों को महज 36 रुपया पारिश्रमिक दिया जाता है। पारिश्रमिक की बढ़ोतरी के लिए शिक्षक संघ लगातार मांग कर रहा है। इसके बावजूद कुछ नहीं हुआ। माध्यमिक शिक्षा विभाग के मुताबिक बोर्ड परीक्षा में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुदानित कालेजों व वित्त विहीन शिक्षकों को कम संख्या में डयूटी पर लगाया जाए, ताकि किसी तरह की समस्या न हो।
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शहर के लाला श्यामलाल इंटर कालेज में 83 केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक हुई। डीआईओएस मदनपाल सिंह ने निर्देश दिए कि बेसिक शिक्षा विभाग के कक्ष निरीक्षक ड्यूटी में लगे शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण करा लें। इसमें किसी तरह की लापरवाही न बरतें। केंद्र व्यवस्थापक बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र खोलते समय इस बात का ख्याल रखें कि विषय का ही पेपर खोलें। दूसरा पेपर खोलने पर केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। डीआईओएस ने बताया कि 1281 माध्यमिक विद्यालयों व 484 बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा 840 शिक्षामित्र व अनुदेशक भी लगाए गए हैं। कहीं पर माध्यमिक व बेसिक के शिक्षक कम पहुंचते हैं तो इनसे भरपाई की जा सकेगी। इसके अलावा तीनों तहसीलों में 450 शिक्षामित्रों को रिजर्व में रखा गया है। रिजर्व शिक्षामित्र तहसीलों में सुबह 6:30 पर पहुंचकर रजिस्टर में हस्ताक्षर करेंगे। किसी केंद्र पर कक्ष निरीक्षक कम पड़ते हैं तो तहसीलदार इन शिक्षामित्रों को उस केंद्र पर भेजने की व्यवस्था करेंगे। डीआईओएस ने कहा कि कहीं पर कक्ष निरीक्षक की कमी नहीं होने दी जाएगी। इस मौके पर प्रधानाचार्य आशीष कुमार शुक्ला, प्रबल प्रताप सिंह, अंकित यादव, रामचंद्र, ब्रजमोहन पाठक, जितेंद्र सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
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केंद्र व्यवस्थापक नहीं बदलेंगे विषय
बोर्ड की बैठक के दौरान डीआईओएस ने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि वह किसी भी परीक्षार्थी के विषय को प्रवेश पत्र में नहीं बदलेंगे। ऐसा करने पर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। हालांकि इसको लेकर तमाम केंद्र व्यवस्थापकों ने ऐतराज भी जताया। डीआईओएस ने कहा कि यदि किसी छात्र का बोर्ड की गलती की वजह से विषय गड़बड़ हुआ तो उसकी सूचना वह ईमेल के जरिए बोर्ड व मुझे अवगत कराएंगे। इसके अलावा अन्य छात्रों को कोई सहूलियत नहीं मिल सकेगी।
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कम पारिश्रमिक को लेकर ड्यूटी नहीं करने का अंदेशा
यूपी बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी पर लगने वाले शिक्षकों को महज 36 रुपया पारिश्रमिक दिया जाता है। पारिश्रमिक की बढ़ोतरी के लिए शिक्षक संघ लगातार मांग कर रहा है। इसके बावजूद कुछ नहीं हुआ। माध्यमिक शिक्षा विभाग के मुताबिक बोर्ड परीक्षा में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुदानित कालेजों व वित्त विहीन शिक्षकों को कम संख्या में डयूटी पर लगाया जाए, ताकि किसी तरह की समस्या न हो।