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सीबीआई तलाश रही गिरोह के संरक्षण दाताओं के क्लू
अमर उजाला/कन्नौज
Updated Wed, 24 Aug 2016 12:19 AM IST
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बुलंदशहर गैंगरेप कांड की जांच पड़ताल को दो दिन से जमी सीबीआई ने मंगलवार को कस्बे के दो प्रभावशाली लोगों को कोतवाली बुलाकर बंद कमरे में करीब डेढ़ घंटे पूछताछ की। ये कौन थे और क्या बताया, सीबीआई टीम ने इसका खुलासा तो नहीं किया, लेकिन कहा कि घटना से जुड़े कुछ खास क्लू की तलाश है। इससे माना जा रहा है कि टीम सलीम बावरिया गिरोह को संरक्षण देने वालों का पता लगाने में जुटी हुई है।
पुलिस विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो सीबीआई टीम कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर साक्ष्य जुटा रही है। वह यह जानने की कोशिश कर रही है कि गिरफ्तार आरोपी सलीम, जुबेर व साजिद की गैंगरेप की घटना के समय लोकेशन क्या थी? गिरफ्तारी के समय इनमें से किसी के पास मोबाइल फोन नहीं मिले थे, ये फोन कहां हैं? टीम ने इस बात पर खास गौर किया कि रविवार शाम जब उसने तिर्वा पुलिस के साथ जोगिन डेरा में छापा मारा था तब कुछ महिलाओं के हाथों में मोबाइल था और वे पुलिस देखते ही भाग गई थीं।
सोमवार सुबह इन महिलाओं को कोतवाली लाया गया तो इन्होंने मोबाइल होने से ही इनकार किया। बस्ती की कोई भी महिला अपना आईडी प्रूफ भी नहीं दे सकी। सीबीआई के समक्ष भी यह खुलासा हुआ कि जोगिन डेरा बस्ती के लोगों के संबंध औरैया के बेला, कानपुर देहात के रसूलाबाद व ककवन और कानपुर नगर के मकनपुर डेरों से है।
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जब कभी पुलिस का दबाव बनता है तो ये लोग इधर से उधर शिफ्ट हो जाते है। सीबीआई यह साक्ष्य जुटाने में भी लगी है कि सलीम बावरिया गिरोह के रेप कांड में गिरफ्तार बुलंदशहर के अन्य अभियुक्तों से क्या संबंध हैं? गिरोह को कन्नौज या आसपास जिलों से कौन संरक्षण दे रहा है। इसके लिए टीम ने मंगलवार सुबह तिर्वा कस्बे के दो प्रभावशाली लोगों को बुलाया और 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक पूछताछ की।
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पुलिस विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो सीबीआई टीम कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर साक्ष्य जुटा रही है। वह यह जानने की कोशिश कर रही है कि गिरफ्तार आरोपी सलीम, जुबेर व साजिद की गैंगरेप की घटना के समय लोकेशन क्या थी? गिरफ्तारी के समय इनमें से किसी के पास मोबाइल फोन नहीं मिले थे, ये फोन कहां हैं? टीम ने इस बात पर खास गौर किया कि रविवार शाम जब उसने तिर्वा पुलिस के साथ जोगिन डेरा में छापा मारा था तब कुछ महिलाओं के हाथों में मोबाइल था और वे पुलिस देखते ही भाग गई थीं।
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सोमवार सुबह इन महिलाओं को कोतवाली लाया गया तो इन्होंने मोबाइल होने से ही इनकार किया। बस्ती की कोई भी महिला अपना आईडी प्रूफ भी नहीं दे सकी। सीबीआई के समक्ष भी यह खुलासा हुआ कि जोगिन डेरा बस्ती के लोगों के संबंध औरैया के बेला, कानपुर देहात के रसूलाबाद व ककवन और कानपुर नगर के मकनपुर डेरों से है।
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जब कभी पुलिस का दबाव बनता है तो ये लोग इधर से उधर शिफ्ट हो जाते है। सीबीआई यह साक्ष्य जुटाने में भी लगी है कि सलीम बावरिया गिरोह के रेप कांड में गिरफ्तार बुलंदशहर के अन्य अभियुक्तों से क्या संबंध हैं? गिरोह को कन्नौज या आसपास जिलों से कौन संरक्षण दे रहा है। इसके लिए टीम ने मंगलवार सुबह तिर्वा कस्बे के दो प्रभावशाली लोगों को बुलाया और 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक पूछताछ की।