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धर्म के रास्ते पर चलने का आह्वान
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Tue, 05 Jan 2016 12:45 AM IST
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सीहपुर गांव के प्राथमिक स्कूल में मानव उत्थान सेवा
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समिति की ओर से तीन दिवसीय सद्भावना सम्मेलन आयोजित किया गया। दूसरे दिन
मानव धर्म के प्रेरणास्रोत सतपाल महाराज के अनुयायियों ने प्रवचन सुनाए। इस
दौरान आसपास के कई गांवों के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
वक्ताओं ने अधर्म का मार्ग छोड़कर धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में कई मुसलिम समुदाय के लोगों ने हिस्सा लेकर गंगा जमुनी तहजीब पेश की। सोमवार को विद्यालय परिसर में सुबह 11 बजे ग्वालियर से आईं अंबालिका बाई ने बताया कि सद्भावना धार्मिक सहिष्णुता समाज के चौमुखी विकास के लिए आवश्यक है।
कहा कि आंतरिक स्वच्छता मानव के हृदय से शुरू होती है। सद्भावना मनुष्य को अपने कर्तव्य परायणता का बोध कराती है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए। आध्यात्म ज्ञान से कलियुग के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
कहा कि आध्यात्म ज्ञान के प्रकाश से युवा पीढ़ी समाज में फैली विषमताओं को मिटा सकती है। भगवान ने मानव जीवन दिया है, इसलिए सही मार्ग पर चलें। युवा धर्म प्रचार करने में सहभागिता करें। कहा कि भगवान को ऐसे लोग प्रिय हैं जो नेक काम करते हैं। वक्ता शब्दानंद, कृपा बाई, दया बाई, योगानंद ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इस मौके पर नफीस, शिवराज सिंह, बसंत सिंह, कैलाश सिंह, कल्लू सिंह, अमरीश सिंह, धीरेंद्र, महावीर, पप्पू, ऊधन पूर्व प्रधान, रामवीर, राम सिंह बाबा आदि सैकड़ों महिलाएं एवं पुरुष मौजूद थे।
वक्ताओं ने अधर्म का मार्ग छोड़कर धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में कई मुसलिम समुदाय के लोगों ने हिस्सा लेकर गंगा जमुनी तहजीब पेश की। सोमवार को विद्यालय परिसर में सुबह 11 बजे ग्वालियर से आईं अंबालिका बाई ने बताया कि सद्भावना धार्मिक सहिष्णुता समाज के चौमुखी विकास के लिए आवश्यक है।
कहा कि आंतरिक स्वच्छता मानव के हृदय से शुरू होती है। सद्भावना मनुष्य को अपने कर्तव्य परायणता का बोध कराती है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं को आगे आना चाहिए। आध्यात्म ज्ञान से कलियुग के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
कहा कि आध्यात्म ज्ञान के प्रकाश से युवा पीढ़ी समाज में फैली विषमताओं को मिटा सकती है। भगवान ने मानव जीवन दिया है, इसलिए सही मार्ग पर चलें। युवा धर्म प्रचार करने में सहभागिता करें। कहा कि भगवान को ऐसे लोग प्रिय हैं जो नेक काम करते हैं। वक्ता शब्दानंद, कृपा बाई, दया बाई, योगानंद ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इस मौके पर नफीस, शिवराज सिंह, बसंत सिंह, कैलाश सिंह, कल्लू सिंह, अमरीश सिंह, धीरेंद्र, महावीर, पप्पू, ऊधन पूर्व प्रधान, रामवीर, राम सिंह बाबा आदि सैकड़ों महिलाएं एवं पुरुष मौजूद थे।