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साइज के पेच में फंसी आलू खरीद
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Tue, 18 Apr 2017 11:51 PM IST
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कन्नौज कोल्ड स्टोर पर आलू खरीद के लिए लगाया गया कांटा।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आलू का समर्थन मूल्य घोषित करके सरकार किसानों के हित का फैसला बता रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। कन्नौज जिले में आलू खरीद के लिए खोले गए दोनों केंद्रों पर पांच दिन बाद भी बोहनी नहीं हुई है, जबकि अधिकारी मोबाइल व फील्ड विजिट करके किसानों से संपर्क साध रहे हैं। आलू साइज और कटा-फटा आलू न लेने से किसान क्रय केंद्र नहीं आ रहे हैं।
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प्रदेश की योगी सरकार ने आलू खरीद का 487 रुपये समर्थन मूल्य घोषित किया है। जिला विपणन विभाग को आलू खरीद करने की जिम्मेदारी दी गई है। कन्नौज शीतगृह व गणेश शीतगृह में आलू खरीद के लिए केंद्र बनाए गए। पांच दिन बीत जाने के बाद भी कोई भी किसान आलू बिक्री के लिए नहीं पहुंचा। सरकार ने गाइड लाइन जारी करते हुए कहा कि आलू 22 व 55 एमएम का ही लिया जाएगा। इसके अलावा बोरे में जो भी कटा-फटा आलू है, वह कतई नहीं लिया जाएगा। इन तमाम शर्तों से किसानों ने आलू बिक्री का मन बदल दिया है। किसानों का कहना है कि वह पूरा आलू ही बिक्री करेंगे।
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केंद्र प्रभारी बनाए गए विपिन शुक्ला, अतुल कुमार त्रिपाठी का कहना है कि मंगलवार को जिला उद्यान अधिकारी मुन्ना यादव के साथ अनौगी सहित कई गांवों के किसानों से संपर्क किया गया और उनको आलू बिक्री के लिए प्रेरित किया। कोई भी किसान आलू की छंटाई करके बिक्री के लिए तैयार नहीं है।
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सरकार का समर्थन मूल्य सदैव हास्यास्पद रहा
कन्नौज। प्रगतिशील किसान गीतेंद्र यादव का कहना है कि सरकार से घोषित आलू का समर्थन मूल्य हमेशा से ही हास्यास्पद रहा है। घोषित समर्थन मूल्य से कहीं अधिक मंडी के रेट चल रहे हैं। इसके अलावा इन खरीद केंद्रों पर किसानों को छंटाई करके अपना आलू बिक्री करना है। शेष आलू के लिए उसे खरीददार तलाशने पड़ेंगे। ऐसी हालत में किसान खरीद केंद्र पर अपना आलू क्यों लेकर जाएगा।