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...माखन खा गयो नंदकिशोर
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Fri, 20 Nov 2015 11:57 PM IST
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शांति निकेतन स्कूल में चल रही रासलीला के पांचवें
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दिन वृंदावन धाम से पधारे कलाकारों ने माखन चोरी की लीला का सजीव
प्रस्तुतीकरण देकर लोगों का मन मोह लिया। मां नवदुर्गा समिति की ओर से चल
रहे इस आयोजन में रासलीला के पांचवें दिन भगवान कृष्ण ने अपने सखा सहेलियों
के साथ माखन चोरी की लीला का मंचन किया।
इस दौरान उन्होंने मटकी फोड़ीं, माखन चुराकर खुद खाया और अपने सखा सहेलियों को भी खिलाया। लीला के दौरान बाल स्वरूप भगवान कृष्ण की करतूतों को देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। माखन चोरी की लीला देखने के लिए और दिनों की अपेक्षा काफी भीड़ थी।
दर्शक अपने साथ दूध, दही, मक्खन, मिश्री और भोग के लिए मिठाई लेकर आए थे। भगवान कृष्ण ने माखन, मिश्री और मक्खन खुद खाया साथ ही दर्शकों को भी खिलाया। इससे कुछ देर के लिए भगवान का प्रसाद पाने को भीड़ में अफरातफरी भी मच गई।
वृंदावन धाम के स्वामी अवधेश शर्मा ने माखन लीला का वर्णन करते हुए बताया कि श्रीकृष्ण का सखाओं के साथ घरों में घुसकर माखन चोरी करना, लोगों के साथ शरारत करना, गोपिकाओं की मटकी फोड़कर उन्हें परेशान करना, गोपिकाओं द्वारा मइया यशोदा को उलाहना देना और फिर मइया के डांटने पर कान्हा द्वारा भोले रूप में अपनी सफाई देने की लीला देख लोग रोमांचित हो उठे।
अंत में समिति अध्यक्ष राजीव दुबे, शोभा दुबे, रामानंद वर्मा, नरेश वर्मा, व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अनिल गुप्ता, नेमीचंद्र राठौर, दिलीप गुप्ता, सुभाष दुबे, आनंद गुप्ता, सुरेश पेंटर, भाष्कर चतुर्वेदी आदि ने भगवान स्वरूप की आरती उतारी। ब्रजधाम के कलाकारों द्वारा प्रसाद वितरित किया गया।
इस दौरान उन्होंने मटकी फोड़ीं, माखन चुराकर खुद खाया और अपने सखा सहेलियों को भी खिलाया। लीला के दौरान बाल स्वरूप भगवान कृष्ण की करतूतों को देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। माखन चोरी की लीला देखने के लिए और दिनों की अपेक्षा काफी भीड़ थी।
दर्शक अपने साथ दूध, दही, मक्खन, मिश्री और भोग के लिए मिठाई लेकर आए थे। भगवान कृष्ण ने माखन, मिश्री और मक्खन खुद खाया साथ ही दर्शकों को भी खिलाया। इससे कुछ देर के लिए भगवान का प्रसाद पाने को भीड़ में अफरातफरी भी मच गई।
वृंदावन धाम के स्वामी अवधेश शर्मा ने माखन लीला का वर्णन करते हुए बताया कि श्रीकृष्ण का सखाओं के साथ घरों में घुसकर माखन चोरी करना, लोगों के साथ शरारत करना, गोपिकाओं की मटकी फोड़कर उन्हें परेशान करना, गोपिकाओं द्वारा मइया यशोदा को उलाहना देना और फिर मइया के डांटने पर कान्हा द्वारा भोले रूप में अपनी सफाई देने की लीला देख लोग रोमांचित हो उठे।
अंत में समिति अध्यक्ष राजीव दुबे, शोभा दुबे, रामानंद वर्मा, नरेश वर्मा, व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अनिल गुप्ता, नेमीचंद्र राठौर, दिलीप गुप्ता, सुभाष दुबे, आनंद गुप्ता, सुरेश पेंटर, भाष्कर चतुर्वेदी आदि ने भगवान स्वरूप की आरती उतारी। ब्रजधाम के कलाकारों द्वारा प्रसाद वितरित किया गया।