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एक माह में 2954 लोगों को बुखार ने जकड़ा
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कन्नौज। एक अगस्त से पांच सितंबर तक जिले में 2954 लोग बुखार की चपेट में आए। इन में 85 रोगियों ने सरकारी अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराया। इस दौरान छह रोगी मलेरिया पॉजिटिव निकले। कलक्ट्रेट सभागार में डीएम राकेश कुमार मिश्र व सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने यहा जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस मौसम में संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। जगह-जगह जलभराव से मच्छर पैदा होते हैं। थोड़ी सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। बताया कि सभी ग्राम पंचायतों, नगर पालिका, नगरपंचायतों में साफ सफाई, सैनिटाइजेशन, फॉगिंग, एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में डेंगू मरीजों के इलाज के साथ ही गंभीर मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज में इलाज की व्यवस्था है। इन दिनों वायरल, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और टायफायड सहित कई प्रकार के बुखार की आशंका लगातार बनी रहती है। इसके साथ ही उल्टी-दस्त, भूख कम लगना, पीला पेशाब आना और पेट संबंधी बीमारियां भी इस मौसम में प्रमुखता से होती हैं। ऐसे में शुरुआती चरण में ही रोगों के लक्षणों को गंभीरता से लें एवं डेंगू से बचाव हेतु बीमारी के लक्षण पाए जाने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में दिखाएं।
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सामान्य जांच में प्लेटलेट्स कम होने पर डेंगू की जांच कराएं। पूरी आस्तीन के कपड़े और मोजे पहनें, शरीर को ढककर रखें। डेंगू के मरीज को मच्छरदानी में रखें। बुखार उतारने के लिए तत्काल पैरासिटामाल टेबलेट दें या पानी की पट्टी का इस्तेमाल करें। घर के आस-पास इकट्ठा पानी में मिट्टी का तेल या जला मोबिल आयल डाल दें।
- तेज बुखार के साथ बदन दर्द ,सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों में दर्द, महीन दाने या खराश, जी मिचलाना, उल्टी आना इसके लक्षण हैं। इसी तरह डेंगू के गंभीर लक्षण होने परें बुखार के साथ शरीर में लाल दाने निकल आते हैं। कुछ रोगियों में रक्त में प्लेटलेट की कमी के कारण नाक, मुंह, नाक, मल-मूत्र से रक्तस्राव होने लगता है।
- जिले में डेंगू लगातार बढ रहा है। जिले के आठ चिह्नित क्षेत्रों में 23 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। इन में शहर के मोहल्ला नटियाना, काजीपुरा टीला, कागजियाना, जेलकिला, बालापीर, मकरंदनगर तथा ग्रामीण क्षेत्र के दाईपुर, तिखवा, सौसरापुर, समधान, कपूरपुर, अतिराजपुर, औराई, राजापुर, बहादुरपुर, मझिगवां, अमिलिहा में डेंगू के रोगी मिले हैं।
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उन्होंने बताया कि इस मौसम में संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। जगह-जगह जलभराव से मच्छर पैदा होते हैं। थोड़ी सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। बताया कि सभी ग्राम पंचायतों, नगर पालिका, नगरपंचायतों में साफ सफाई, सैनिटाइजेशन, फॉगिंग, एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।
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सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में डेंगू मरीजों के इलाज के साथ ही गंभीर मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज में इलाज की व्यवस्था है। इन दिनों वायरल, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और टायफायड सहित कई प्रकार के बुखार की आशंका लगातार बनी रहती है। इसके साथ ही उल्टी-दस्त, भूख कम लगना, पीला पेशाब आना और पेट संबंधी बीमारियां भी इस मौसम में प्रमुखता से होती हैं। ऐसे में शुरुआती चरण में ही रोगों के लक्षणों को गंभीरता से लें एवं डेंगू से बचाव हेतु बीमारी के लक्षण पाए जाने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में दिखाएं।
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सामान्य जांच में प्लेटलेट्स कम होने पर डेंगू की जांच कराएं। पूरी आस्तीन के कपड़े और मोजे पहनें, शरीर को ढककर रखें। डेंगू के मरीज को मच्छरदानी में रखें। बुखार उतारने के लिए तत्काल पैरासिटामाल टेबलेट दें या पानी की पट्टी का इस्तेमाल करें। घर के आस-पास इकट्ठा पानी में मिट्टी का तेल या जला मोबिल आयल डाल दें।
- तेज बुखार के साथ बदन दर्द ,सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों में दर्द, महीन दाने या खराश, जी मिचलाना, उल्टी आना इसके लक्षण हैं। इसी तरह डेंगू के गंभीर लक्षण होने परें बुखार के साथ शरीर में लाल दाने निकल आते हैं। कुछ रोगियों में रक्त में प्लेटलेट की कमी के कारण नाक, मुंह, नाक, मल-मूत्र से रक्तस्राव होने लगता है।
- जिले में डेंगू लगातार बढ रहा है। जिले के आठ चिह्नित क्षेत्रों में 23 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। इन में शहर के मोहल्ला नटियाना, काजीपुरा टीला, कागजियाना, जेलकिला, बालापीर, मकरंदनगर तथा ग्रामीण क्षेत्र के दाईपुर, तिखवा, सौसरापुर, समधान, कपूरपुर, अतिराजपुर, औराई, राजापुर, बहादुरपुर, मझिगवां, अमिलिहा में डेंगू के रोगी मिले हैं।