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Kannauj News: घर-आंगन से दूर सड़क किनारे हैं भाई, बहनों ने सजाई कलाई

Thu, 31 Aug 2023 11:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज Updated Thu, 31 Aug 2023 11:48 PM IST
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Brothers and sisters are on the roadside, away from home and courtyard, decorated their wrists
कन्नौज। रक्षाबंधन पर भाई-बहन के बीच प्यार और ठिठोली के खूब नजारे दिखे। इन सबके बीच बाढ़ से प्रभावित गांव के बाशिंदों के बीच अलग ही नजारा था। गांव में पानी घुसा होने की वजह कर अपने घर-आंगन से दूर रहकर सड़क किनारे तिरपाल के तंबुओं में गुजर-बसर कर रहे परिवार ने बेबसी के बीच प्यार के त्योहार को मनाया।
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देश के उत्तरी इलाकों और पहाड़ों पर हुई तेज बारिश ने इस बार यहां गंगा किनारे रहने वाले एक दर्जन से ज्यादा गांव के बाशिंदों को काफी परेशान किया है। गंगा के उफनाती लहरों ने गांव का रुख किया तो घर-गृहस्थी डूब गई। गांव जाने वाले रास्ते डूब गई। गलियों में निकलना मुश्किल हो गया। घरों में गुजर करना मुश्किल हुआ तो लोगों ने वहां से पलायन करना ही मुनासिब समझा। परिवार, गृहस्थी का सामान और मवेशियों को लेकर लोगों ने सड़क किनारे ही डेरा जमा दिया। पिछले कई दिनों से 500 परिवार तंबू बनाकर गुजर-बसर कर रहे हैं। दिन में धूप की तपिश और रात के अंधेरे से जूझते हुए लोगों को पल-पल भारी गुजर रहा है। अब जब तक बाढ़ का पानी कम नहीं हो जाता है, तब तक कोई भी गांव जाने की हालत में नहीं है। ऐसे में जब रक्षाबंधन का त्योहार आया तो सड़क किनारे रह रहे परिवारों की बेबसी देखते ही बनी। इसी हालत में बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। जो भाई यहां रह रहे हैं और उनकी बहनें दूसरी जगह हैं, वह भी गांव न जाकर सीधे यहां उन जगहों पर पहुंचीं जहां लोग तंबू बनाकर रह रहे हैं। तंबुओं में भाईयों को तलाश कर उनके पास पहुंचीं और उनकी कलाई पर राखी बांधी।
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मुझसे ज्यादा तो भाई को सुरक्षा की जरूरत
रक्षाबंधन पर बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनसे सुरक्षा का वादा लेती हैं, लेकिन गुरुवार को गंगा किनारे के बेबस बाशिंदों के बीच अलग ही नजारा देखने को मिला। सड़क किनारे झोपड़ी में परिवार के साथ रह रहे भाइयों से मिलने पहुंचीं बहनों ने भाईयों की हालत देखकर बेबसी का इजहार किया। खुले आसमान में रह रहे परिवार को देखकर उनकी आंखें भर आईं। हरदोई के सांडी से यहां भाई सचिन को राखी बांधने आई उसकी बहन अर्चना ने कहा कि यहां की हालत देखकर कर लग रहा है कि भाई और उसके परिवार को ही सुरक्षा और देखभाल की जरूरत है।
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बहनों के यहां नहीं जा सके, फोन कर बुलाया
बाढ़ प्रभावित कई लोगों की परेशानी का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि कासिमपुर, बक्शीपुरवा के कई भाई पहले राखी बंधवाने बहनों के यहां जाते थे। इस बार हालत पूरी तरह से बदल गया। खुद ही सड़क किनारे गुजर-बसर कर रहे हैं तो परिवार को यहां इस हालत में छोड़कर जाना मुनासिब नहीं था। ऐसे में उन्हें अपनी बेबसी जताते हुए बहनों को ही यहां बुलाया और उनसे राखी बंधवाई। बिलग्राम से आई ऊषा ने यहां कासिमपुर के बाहर सड़क किनारे रह रहे अपने भाई अनिल कुमार को राखी बांधी। उन्होंने बताया कि इस बार यहां के भाई बहनों के यहां नहीं जा सके हैं।बहनें ही यहां पहुंची हैं। बहनों ने जल्द से जल्द हालात बेहतर होने की कामना की।
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