{"_id":"810587d6aa4e31f75bba81d56e17f1a8","slug":"breast-milk-for-newborn-elixir-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवजात के लिए मां का दूध अमृत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवजात के लिए मां का दूध अमृत
Updated Fri, 07 Aug 2015 11:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय मेडिकल कालेज के सभागार में शुक्रवार को विश्व स्तनपान पखवारे तहत सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञ डाक्टरों ने कहा कि नवजात बच्चों को कुपोषण, निमोनिया, डायरिया से बचाना है तो छह माह तक बच्चे को सिर्फ मां का दूध ही पिलाएं। वह नवजात के लिए अमृत के समान है।
सेमिनार में मेडिकल कालेज के कार्यवाहक प्राचार्य डा. डीएस मारतोलिया ने कहा कि नवजात व प्रसूताओं का जीवन बचाने के लिए सभी को टीम भावना से काम करना चाहिए। टीम में काम करने से आसानी रहती है और जल्द ही हम अपने लक्ष्य को पा लेते हैं।
कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की वरिष्ठ डाक्टर डा. तनु मिड्ढा ने कहा कि नवजात को एक घंटे के भीतर ही स्तनपान शुरू करा देना चाहिए। जन्म के समय मां के स्तन में आया प्रथम गाढ़ा व पीला दूध नवजात बच्चे को जरूर पिलाएं। इससे बच्चे में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। कुछ लोग भ्रामक अफवाहों के चलते मां का पहला दूध नहीं पिलाते हैं।
विज्ञापन
डा. वर्मन ने कहा कि समय से स्तनपान न कराने पर बच्चे की लंबाई व उम्र के हिसाब से वजन में भी फर्क पड़ता है। उन्होंने सलाह दी कि छह माह तक बच्चे को सिर्फ मां का दूध ही पिलाएं। जन्म के समय बच्चे को शहद, अथवा घुट्टी न दें। गर्मी के मौसम में भी नवजात को पानी न पिलाकर सिर्फ मां का दूध ही दें।
जिला अस्पताल से पहुंचे डा. आर चंद्रा व डा. आरपी शाक्या ने कहा कि चौबीस घंटे के दौरान कम से कम आठ बार बच्चे को मां का दूध पिलाना चाहिए। रात में कम से कम दो बार बच्चे को दूध पिलाएं। सेमिनार को डा.केसी सोनी, डा.नरेंद्र सिंह, डा.प्रदीप खार्या, डा.वीरेंद्र कुशवाहा, सीएमएस डा.दिलीप सिंह, सर्जन डा.आई ए अंसारी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान डा.संजीव त्रिपाठी, डा.वीरेंद्र यादव सहित कई फैकल्टी टीचर व मेडिकल स्टूडेंटस मौजूद रहे।
साधना और काजल की टीम अव्वल
विश्व स्तनपान पखवारे को लेकर शुक्रवार को मेडिकल कालेज की ओपीडी में पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस प्रतियोगिता में पैरा 13 के मेडिकल स्टूडेंटस ने प्रतिभाग किया। मदर फीडिंग को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में विजेताओं का चयन करने के लिए सीएमएस डा.दिलीप सिंह, डा.वीरेंद्र सिंह यादव, डा.आईए अंसारी, डा.डाली रस्तोगी की कमेटी गठित की गई।
पोस्टर प्रतियोगिता में साधना भारती की टीम ने प्रथम, रश्मी कमल की टीम द्वितीय, दीक्षा गुप्ता की टीम ने तीसरा स्थान पाया। इसी तरह से स्लोगन प्रतियोगिता में काजल शर्मा की टीम प्रथम, विकास कुमार की टीम द्वितीय व विक्रम कुमार की टीम तीसरे स्थान पर रही। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा.डीएस मारतोलिया ने बताया कि प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले मेडिकल स्टूडेंटस को प्रशस्ति पत्र व शील्ड देकर सम्मानित किया जाएगा।
विज्ञापन
सेमिनार में मेडिकल कालेज के कार्यवाहक प्राचार्य डा. डीएस मारतोलिया ने कहा कि नवजात व प्रसूताओं का जीवन बचाने के लिए सभी को टीम भावना से काम करना चाहिए। टीम में काम करने से आसानी रहती है और जल्द ही हम अपने लक्ष्य को पा लेते हैं।
विज्ञापन
कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की वरिष्ठ डाक्टर डा. तनु मिड्ढा ने कहा कि नवजात को एक घंटे के भीतर ही स्तनपान शुरू करा देना चाहिए। जन्म के समय मां के स्तन में आया प्रथम गाढ़ा व पीला दूध नवजात बच्चे को जरूर पिलाएं। इससे बच्चे में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। कुछ लोग भ्रामक अफवाहों के चलते मां का पहला दूध नहीं पिलाते हैं।
विज्ञापन
डा. वर्मन ने कहा कि समय से स्तनपान न कराने पर बच्चे की लंबाई व उम्र के हिसाब से वजन में भी फर्क पड़ता है। उन्होंने सलाह दी कि छह माह तक बच्चे को सिर्फ मां का दूध ही पिलाएं। जन्म के समय बच्चे को शहद, अथवा घुट्टी न दें। गर्मी के मौसम में भी नवजात को पानी न पिलाकर सिर्फ मां का दूध ही दें।
जिला अस्पताल से पहुंचे डा. आर चंद्रा व डा. आरपी शाक्या ने कहा कि चौबीस घंटे के दौरान कम से कम आठ बार बच्चे को मां का दूध पिलाना चाहिए। रात में कम से कम दो बार बच्चे को दूध पिलाएं। सेमिनार को डा.केसी सोनी, डा.नरेंद्र सिंह, डा.प्रदीप खार्या, डा.वीरेंद्र कुशवाहा, सीएमएस डा.दिलीप सिंह, सर्जन डा.आई ए अंसारी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान डा.संजीव त्रिपाठी, डा.वीरेंद्र यादव सहित कई फैकल्टी टीचर व मेडिकल स्टूडेंटस मौजूद रहे।
साधना और काजल की टीम अव्वल
विश्व स्तनपान पखवारे को लेकर शुक्रवार को मेडिकल कालेज की ओपीडी में पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस प्रतियोगिता में पैरा 13 के मेडिकल स्टूडेंटस ने प्रतिभाग किया। मदर फीडिंग को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में विजेताओं का चयन करने के लिए सीएमएस डा.दिलीप सिंह, डा.वीरेंद्र सिंह यादव, डा.आईए अंसारी, डा.डाली रस्तोगी की कमेटी गठित की गई।
पोस्टर प्रतियोगिता में साधना भारती की टीम ने प्रथम, रश्मी कमल की टीम द्वितीय, दीक्षा गुप्ता की टीम ने तीसरा स्थान पाया। इसी तरह से स्लोगन प्रतियोगिता में काजल शर्मा की टीम प्रथम, विकास कुमार की टीम द्वितीय व विक्रम कुमार की टीम तीसरे स्थान पर रही। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा.डीएस मारतोलिया ने बताया कि प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले मेडिकल स्टूडेंटस को प्रशस्ति पत्र व शील्ड देकर सम्मानित किया जाएगा।