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दहशत और सन्नाटे के बीच बूटों की धमक
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sun, 25 Oct 2015 12:44 AM IST
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देर रात दंगाइयों ने मकरंदनगर में सिंहवाहिनी रोड तिराहे के पास एसके
हार्डवेयर और एक चूड़ी की खोखानुमा दुकान में आग लगा दी। इससे दुकानों में
रखा हजारों रुपये कीमत का सामान जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गया।
आग की लपटें और धुआं उठता देख आननफानन में अधिकारी व फोर्स मौके पर पहुंचे और पानी डलवाकर आग की लपटें बुझाईं, पर तब तक ज्यादातर सामान जल चुका था। मकरंदनगर में खोखानुमा दुकान जलने के बाद नगर पालिका से लोडर मंगाया गया। इसमें जला हुआ सामान समेटने के साथ दी दुकान को मौके से हटवा दिया गया।
इस घटना को लेकर जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया और अफवाहों का बाजार भी गर्मा गया। भारी पुलिस फोर्स मौके पर इकट्ठा हो गए। पुलिस प्रशासन के अफसरों ने भी जाकर स्थिति जांची। आसपास काफी देर तक खोजबीन की गई, पर दुकानें जलाने वालों का कोई पता नहीं चल सका।
उधर, पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि दुकानों में बिजली के तारों की शार्ट सर्किट की वजह से आग लगी है। आग लगाने की बात अफवाह है। एसडीएम व अन्य अफसरों ने भी जांच के बाद आग लगने का कारण शार्ट सर्किट होना पाया है। उधर, मकरंदनगर में आग की भेंट चढ़ी खोखानुमा लकड़ी की दुकान में जला हुआ मलबा समेटने के लिए नगर पालिका के कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
लोडर में जला सामान लदवाने के बाद अधिशासी अधिकारी बीडी भट्ट खुद लोडर में बैठकर चल पड़े। नारायन टाकीज के पास सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस फोर्स ने लोडर को रोक लिया। इस दौरान जला सामान भरकर ले जाने को लेकर ईओ व थानेदार बीएल यादव के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
बाद में उच्चाधिकारियों से बात होने पर मामला शांत हुआ। इस संबंध में ईओ भट्ट ने कहा कि वह डीएम और एसपी के आदेश पर जली दुकान वाले स्थल की सफाई कराने गए थे। लौटते वक्त रास्ते में थानेदार उन्हें पहचान नहीं पाए थे। उधर, शहर के मुहल्ला सदरपुर टीला निवासी अदनान पुत्र इमरान ने अज्ञात बलवाइयों व दंगाइयों के खिलाफ मुकदमा लिखाया है।
आरोप लगाया कि 22 अक्तूबर को वह बड़ा चौराहा स्थित पायनियर चौराहा के निकट धार्मिक स्थल में नमाज अदा करने गया था। सांप्रदायिक विवाद को लेकर वह मौके पर ही बना रहा। शाम करीब पांच बजे अचानक कई अज्ञात दंगाई ईंट-पत्थर बरसाते हुए अंदर घुस गए।
उसे अकेला पाकर लाठी-डंडों से जमकर पीटा और उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किया। इसी बीच वह भागकर सड़क पर आ गया। जहां पुलिस ने उसे बचाया और सुरक्षित घर भिजवाया।
आग की लपटें और धुआं उठता देख आननफानन में अधिकारी व फोर्स मौके पर पहुंचे और पानी डलवाकर आग की लपटें बुझाईं, पर तब तक ज्यादातर सामान जल चुका था। मकरंदनगर में खोखानुमा दुकान जलने के बाद नगर पालिका से लोडर मंगाया गया। इसमें जला हुआ सामान समेटने के साथ दी दुकान को मौके से हटवा दिया गया।
इस घटना को लेकर जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया और अफवाहों का बाजार भी गर्मा गया। भारी पुलिस फोर्स मौके पर इकट्ठा हो गए। पुलिस प्रशासन के अफसरों ने भी जाकर स्थिति जांची। आसपास काफी देर तक खोजबीन की गई, पर दुकानें जलाने वालों का कोई पता नहीं चल सका।
उधर, पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि दुकानों में बिजली के तारों की शार्ट सर्किट की वजह से आग लगी है। आग लगाने की बात अफवाह है। एसडीएम व अन्य अफसरों ने भी जांच के बाद आग लगने का कारण शार्ट सर्किट होना पाया है। उधर, मकरंदनगर में आग की भेंट चढ़ी खोखानुमा लकड़ी की दुकान में जला हुआ मलबा समेटने के लिए नगर पालिका के कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
लोडर में जला सामान लदवाने के बाद अधिशासी अधिकारी बीडी भट्ट खुद लोडर में बैठकर चल पड़े। नारायन टाकीज के पास सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस फोर्स ने लोडर को रोक लिया। इस दौरान जला सामान भरकर ले जाने को लेकर ईओ व थानेदार बीएल यादव के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
बाद में उच्चाधिकारियों से बात होने पर मामला शांत हुआ। इस संबंध में ईओ भट्ट ने कहा कि वह डीएम और एसपी के आदेश पर जली दुकान वाले स्थल की सफाई कराने गए थे। लौटते वक्त रास्ते में थानेदार उन्हें पहचान नहीं पाए थे। उधर, शहर के मुहल्ला सदरपुर टीला निवासी अदनान पुत्र इमरान ने अज्ञात बलवाइयों व दंगाइयों के खिलाफ मुकदमा लिखाया है।
आरोप लगाया कि 22 अक्तूबर को वह बड़ा चौराहा स्थित पायनियर चौराहा के निकट धार्मिक स्थल में नमाज अदा करने गया था। सांप्रदायिक विवाद को लेकर वह मौके पर ही बना रहा। शाम करीब पांच बजे अचानक कई अज्ञात दंगाई ईंट-पत्थर बरसाते हुए अंदर घुस गए।
उसे अकेला पाकर लाठी-डंडों से जमकर पीटा और उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किया। इसी बीच वह भागकर सड़क पर आ गया। जहां पुलिस ने उसे बचाया और सुरक्षित घर भिजवाया।