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बाइक डिवाइडर से टकराई, दादी और पौत्र की मौत

Tue, 22 Jun 2021 11:46 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jun 2021 11:46 PM IST
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baik divaidar se takaraee, daadee aur pautr kee maut
मेडिकल कालेज तिर्वा में रोतीं मृतक की मां और परिवार की महिलाएं। - फोटो : KANNAUJ
तालग्राम(कन्नौज)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सोमवार रात अनियंत्रित बाइक डिवाइडर से टकरा गई। सुबह साढे़ पांच बजे युवक और वृद्ध महिला को एक्सप्रेसवे की नाली में पड़ा देखा गया। सूचना पर थाना पुलिस और यूपीडा गश्ती दल ने इन्हें मेडिकल कालेज तिर्वा भेज दिया। यहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। यह दादी और पौत्र थे। बाइक चालक हेलमेट होने के बावजूद लगाए नहीं था। यह बाइक पर टंगा मिला। इससे सिर में गंभीर चोटें आई थीं।
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कोतवाली छिबरामऊ के हाथिन गांव निवासी सागर सिंह चौहान(19) पुत्र समर सिंह चौहान कक्षा 12 का छात्र था। पिता के साथ खेती में भी हाथ बंटाता था। कैंसर पीड़ित दादी शांती देवी( 62) का पीजीआई लखनऊ में इलाज हो रहा था। सागर सोमवार सुबह दादी को चेकअप और दवा दिलाने के लिए लखनऊ लेकर गया था। देर रात दवा दिला कर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से गांव लौट रहा था। थाना तालग्राम के बिचपुर्वा कोहटिया गांव के बीच हादसा हो गया। इससे दोनों लोग एक्सप्रेसवे की नाली में गिर गए।
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हादसे का अनुमान आधी रात के करीब लगाया जा रहा है। मंगलवार सुबह वाहन चालकों ने बाइक और घायलों को देख पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी कृष्णलाल पटेल और यूपीडा गश्ती दल ने इन्हें नाली से निकालकर मेडिकल कालेज तिर्वा भेजा। यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सागर दो भाइयों में बड़ा था। मां बिट्टा देवी का रो-रो कर हाल बेहाल रहा।
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यूपीडा की लापरवाही सामने आई
सागर के पिता समर सिंह चौहान ने यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण)गश्ती दल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम आठ बजे सागर ने फोन पर लखनऊ से चलने की जानकारी दी थी। रात 12 बजे तक घर पहुंचने के लिए कहा था। आधी रात के बाद घर न पहुंचने पर कई बार फोन लगाया। कॉल नहीं उठी। इससे साबित होता है कि आधी रात के समय हादसा हुआ। यूपीडा गश्ती दल ने लापरवाही बरती। समय से मेडिकल कालेज नहीं भेजा। इससे मेरी मां और पुत्र ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।

हेलमेट लगाए होता तो बच जाती जान
डॉक्टरों का कहना है कि सागर के सिर में गहरी चोटें आई थीं। इसी से मौत हुई है। अगर वह हेलमेट लगाए होता तो नाली में सिर के बल गिरते समय इतनी चोटें नहीं आतीं। इससे जान बच सकती थी।
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