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अव्यवस्था ने निगल लीं छह जिंदगी, दोषी कोई नहीं
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उमर्दा की गंग नहर।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। पांच फरवरी को सड़क संकरी होने से निचली गंग नहर में कार गिरने से छह लोगों की मौत को अफसरों ने भुला दिया है। हादसे के जिम्मेदारों पर कार्रवाई तो दूर 24 दिन बीतने के बाद जांच तक पूरी नहीं हुई है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़ित परिवार अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। सुनवाई नहीं हो रही है। अभी तक संकरी सड़क को दुरुस्त करने का काम भी शुरू नहीं कराया गया है।
ठठिया थाने के गांव मिरुअनमढ़ा निवासी सिपाही गौरव कुमार पांच फरवरी की सुबह पत्नी पप्पी, बेटी शुभि, लाडो, मां रेखा देवी, बहन मोहिनी, सोनी, कृष्णा, आयुशी और हर्ष के साथ मौसेरी बहन की गोद भराई रस्म में कार से जा रहे थे। चटरुआपुर गांव के पास निचली गंग नहर की संकरी और बदहाल पटरी सड़क पर बाइक सवार को बचाने के प्रयास में कार नहर में गिर गई थी। हादसे में सिपाही गौरव की पत्नी पप्पी, बेटी लाडो, शुभि, बहन मोहिनी, भांजे कृष्णा और हर्ष की मौत हो गई थी।
हादसे के पीछे सिंचाई विभाग और लोक निर्माण की लापरवाही सामने आई थी। दरअसल नहर की सफाई के दौरान सिंचाई विभाग के ठेकेदार ने पटरी काट दी थी। निकली मिट्टी को ठिकाने लगा दिया। इससे सड़क बेहद संकरी हो गई थी। उमर्दा विधायक कैलाश राजपूत ने ठेकेदार पर मिट्टी की चोरी का आरोप लगाते हुए सीएम से शिकायत करने के लिए कहा था।
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वहीं सिपाही गौरव सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिकारी और सफाई कराने वाले ठेकेदार के खिलाफ थाना पुलिस को तहरीर देते हुए मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की थी। तत्कालीन जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। अब अधिकारी मामले को दबाने में जुटे हैं। अभी तक न तो एफआईआर दर्ज हुई और न ही जांच पूरी हो सकी। पीड़ित परिवार कार्रवाई और जांच के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ से पोर्टल पर शिकायत करने के साथ अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काट रहा है। सिपाही गौरव के पिता योगेंद्र सिंह ने बताया कि अधिकारी उन्हें टरका देते हैं। सुनवाई नहीं हो रही है।
यह कैसी जांच ... 24 दिन में भी पूरी नहीं हुई
छह लोगों की मौत की जांच अभी भी जारी है। अफसरों की आंखों के सामने सब कुछ है। पता है कि कमियां कहा थीं और दोषी कौन है, इसके बाद भी अधिकारी जांच के नाम पर मामले को लटकाए हैं। 24 दिन बीतने के बाद भी जांच पूरी नहीं हुई है। एएसपी विनोद कुमार ने बताया कि सिंचाई विभाग की विभागीय जांच चल रही है। जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
आखिर कौन बचा रहा दोषियों को
कन्नौज बस हादसे के दोषी हों या कार हादसे के जिम्मेदार, दोनों मामलों में अफसरों की लापरवाही सामने आ रही है। कन्नौज बस हादसे के दोषी ट्रेवल एजेंसी संचालक को गिरफ्तार करने के नाम पर पुलिस हाईकोर्ट से स्टे लाने के लिए वक्त देती रही। कार हादसे में अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर देने के बाद भी न तो मुकदमा दर्ज हुआ और न ही पता चल सका कि आखिर दोषी कौन था। लोगों के मुताबिक दोनों मामलों में दोषियों को बचाया जा रहा है।
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ठठिया थाने के गांव मिरुअनमढ़ा निवासी सिपाही गौरव कुमार पांच फरवरी की सुबह पत्नी पप्पी, बेटी शुभि, लाडो, मां रेखा देवी, बहन मोहिनी, सोनी, कृष्णा, आयुशी और हर्ष के साथ मौसेरी बहन की गोद भराई रस्म में कार से जा रहे थे। चटरुआपुर गांव के पास निचली गंग नहर की संकरी और बदहाल पटरी सड़क पर बाइक सवार को बचाने के प्रयास में कार नहर में गिर गई थी। हादसे में सिपाही गौरव की पत्नी पप्पी, बेटी लाडो, शुभि, बहन मोहिनी, भांजे कृष्णा और हर्ष की मौत हो गई थी।
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हादसे के पीछे सिंचाई विभाग और लोक निर्माण की लापरवाही सामने आई थी। दरअसल नहर की सफाई के दौरान सिंचाई विभाग के ठेकेदार ने पटरी काट दी थी। निकली मिट्टी को ठिकाने लगा दिया। इससे सड़क बेहद संकरी हो गई थी। उमर्दा विधायक कैलाश राजपूत ने ठेकेदार पर मिट्टी की चोरी का आरोप लगाते हुए सीएम से शिकायत करने के लिए कहा था।
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वहीं सिपाही गौरव सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिकारी और सफाई कराने वाले ठेकेदार के खिलाफ थाना पुलिस को तहरीर देते हुए मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की थी। तत्कालीन जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। अब अधिकारी मामले को दबाने में जुटे हैं। अभी तक न तो एफआईआर दर्ज हुई और न ही जांच पूरी हो सकी। पीड़ित परिवार कार्रवाई और जांच के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ से पोर्टल पर शिकायत करने के साथ अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काट रहा है। सिपाही गौरव के पिता योगेंद्र सिंह ने बताया कि अधिकारी उन्हें टरका देते हैं। सुनवाई नहीं हो रही है।
यह कैसी जांच ... 24 दिन में भी पूरी नहीं हुई
छह लोगों की मौत की जांच अभी भी जारी है। अफसरों की आंखों के सामने सब कुछ है। पता है कि कमियां कहा थीं और दोषी कौन है, इसके बाद भी अधिकारी जांच के नाम पर मामले को लटकाए हैं। 24 दिन बीतने के बाद भी जांच पूरी नहीं हुई है। एएसपी विनोद कुमार ने बताया कि सिंचाई विभाग की विभागीय जांच चल रही है। जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
आखिर कौन बचा रहा दोषियों को
कन्नौज बस हादसे के दोषी हों या कार हादसे के जिम्मेदार, दोनों मामलों में अफसरों की लापरवाही सामने आ रही है। कन्नौज बस हादसे के दोषी ट्रेवल एजेंसी संचालक को गिरफ्तार करने के नाम पर पुलिस हाईकोर्ट से स्टे लाने के लिए वक्त देती रही। कार हादसे में अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर देने के बाद भी न तो मुकदमा दर्ज हुआ और न ही पता चल सका कि आखिर दोषी कौन था। लोगों के मुताबिक दोनों मामलों में दोषियों को बचाया जा रहा है।